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1.28 करोड़ की स्टांप चोरी में घिरा एएमयू: एडीएम की जांच में खुलाासा, एक सड़क छुपाई, स्कूल की रजिस्ट्री कराई

Tue, 08 Apr 2025 12:10 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Tue, 08 Apr 2025 12:10 PM IST
सार

एएमयू का सिटी स्कूल है, जिसके दोनों तरफ सड़क है।  बैनामा कराते वक्त एक सड़क को छुपा लिया गया। एडीएम फाइनेंस ने जांच की तो यह पता। पड़ताल के बाद पाया गया कि स्कूल के बैनामे में 1.28 करोड़ का कम स्टांप लगा है। इसके लिए  एएमयू इंतजामिया को नोटिस दिया गया है।

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AMU embroiled in stamp theft of Rs 1.28 crore
एएमयू - फोटो : संवाद

विस्तार

स्कूल की एक सड़क को छिपाकर रजिस्ट्री कराने के तीन साल पुराने मामले में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) 1.28 करोड़ की स्टांप चोरी में घिर गया है। एएमयू के सिटी स्कूल के दोनों तरफ सड़क है। लेकिन बैनामा कराते वक्त एक सड़क को छुपा लिया गया। एडीएम फाइनेंस ने जांच की तो पता चला कि यह स्कूल जीटी रोड पर बना है। इसके पीछे दूसरा मुख्य मार्ग भी है। पड़ताल के बाद पाया गया कि स्कूल के बैनामे में 1.28 करोड़ का कम स्टांप लगा है। अब इस मामले में पक्ष रखने के लिए एएमयू इंतजामिया को नोटिस दिया गया है।

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स्व. राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने एएमयू को वर्ष 1929 में तहसील कोल के पास 3.19 हेक्टेयर जमीन 90 वर्ष के लिए लीज पर दी थी। यह जमीन दो भूखंडों में थी। एएमयू ने इस जमीन के एक भाग 1.97 हेक्टेयर पर सिटी स्कूल बना लिया। 1.21 हेक्टेयर जमीन पर खेल का मैदान बना लिया। सन 2019 में लीज खत्म हो गई। उस समय राजा के वंशज और एएमयू में समझौता होने के बाद एएमयू ने स्कूल वाले भूखंड 1.97 हेक्टेयर की रजिस्ट्री अपने पक्ष में कराई। 1.21 हेक्टेयर खेल के मैदान की जमीन राजा के वंशजों को वापस दी।
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1.97 हेक्टेयर के भूखंड के लिए एएमयू ने 4.10 करोड़ स्टांप शुल्क और 60 लाख रुपये फीस जमा की थी। जांच में यह स्टांप शुल्क कम पाया गया है। जिसके लिए एएमयू को नोटिस दिया गया और एडीएम वित्त न्यायालय में वाद चल रहा है।

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उस वक्त तहसील के सबरजिस्ट्रार ने जितना स्टांप शुल्क जमा कराने के लिए कहा था, एएमयू ने करा दिया था। अब अगर किसी शुल्क में कोई कमी रह गई है तो वह भी जमा करा दिया जाएगा। तहसील प्रशासन हमें बता दे कितना बकाया है, जमा करा दिया जाएगा। - प्रो. शकील अमहद, प्रभारी संपत्ति विभाग एएमयू।

प्रक्रिया के अनुसार एएमयू इस मामले में अपना पक्ष रखेगा। उसके बाद वाद अंतिम रूप से निस्तारित होगा।- ब्रजेश सिंह, एआईजी स्टांप।

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