{"_id":"5cc604b2bdec22075f576eb0","slug":"amu-38315-candidates-in-11th-entrance-examination-included","type":"story","status":"publish","title_hn":"एएमयू : 11वीं की प्रवेश परीक्षा में 38315 अभ्यर्थी हुए शामिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एएमयू : 11वीं की प्रवेश परीक्षा में 38315 अभ्यर्थी हुए शामिल
Mon, 29 Apr 2019 01:39 AM IST
राजेश सिंह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Published by: राजेश सिंह
Updated Mon, 29 Apr 2019 01:39 AM IST
विज्ञापन
11 की प्रवेश परीक्षा होने के बाद परिजनों के साथ बाहर निकलती छात्राएं।
- फोटो : Rupesh
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की कक्षा 11 वीं की प्रवेश परीक्षा (साइंस, डिप्लोमा इंजीनियरिंग, मानविकी एवं कामर्स) अलीगढ़ सहित देश के कई शहरों में दो पालियों में आयोजित किया गया। इसके लिए 43416 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जिसमें से 38315 अभ्यर्थी शामिल हुए।
सुबह 10 से 12 बजे के बीच आयोजित साइंस एवं डिप्लोमा इंजीनियरिंग की परीक्षा में 33915 अभ्यर्थियों में से 29889 शामिल हुए। संख्या के हिसाब से इस सत्र में यह एएमयू की सबसे बड़ी परीक्षा थी। अलीगढ़ में 36 परीक्षा केंद्रों के अतिरिक्त लखनऊ, पटना, श्रीनगर, मेरठ, कोलकाता, बरेली एवं भोपाल में बने केंद्रों पर पर परीक्षा का आयोजन किया गया। एएमयू वीमेंस कॉलेज परीक्षा केंद्र पर सर्वाधिक 1929 छात्राओं में से 1390 शामिल हुई।
दूसरे चरण में शाम 4 से 6 बजे के बीच मानविकी एवं कामर्स की प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया गया। इसमें 9501 अभ्यर्थियों में से 8426 शामिल हुए। अलीगढ़ के अतिरिक्त लखनऊ, पटना, श्रीनगर, मेरठ, कोलकाता, बरेली एवं भोपाल में केंद्र बनाए गए थे। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा शांतिपूर्ण परीक्षा संपन्न कराने के लिए व्यापक इंतजाम किये गये थे। परीक्षा कंट्रोलर मुजीबउल्लाह जुबैरी एवं कार्यवाहक प्रॉक्टर प्रो. राशीद उमर ने परीक्षा केंद्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कंट्रोलर मुजीबउल्लाह जुबैरी ने बताया कि सभी केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न हो गई। कुल 43416 में से 38315 अभ्यर्थी शामिल हुए।
विज्ञापन
गणित व इंडो इस्लामिक में उलझे छात्र
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की कक्षा 11 साइंस एवं डिप्लोमा इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा में गणित एवं इंडो इस्लामिक के प्रश्नों में छात्र-छात्राएं उलझ गए। इस बार के प्रश्नपत्र को पिछले चार साल में सबसे कठिन माना जा रहा है। एनसीआरटी से प्रश्न सीधे-सीधे नहीं पूछे गए। इसकी वजह से कुछ अभ्यर्थी परेशान हुए। प्रवेश परीक्षा के एक्सपर्ट शिक्षक विनीत शर्मा का कहना है कि इस बार का प्रश्नपत्र तुलनात्मक रूप से कुछ कठिन था।
मैथ एवं इस्लामिक स्टडीज के पेपर थोड़े कठिन थे। एक्सपर्ट राहुल कुमार का कहना है कि मैथ एवं केमेस्ट्री थोड़ा कठिन था। जबकि बायो आसान था। एनसीआरटीसी से डायरेक्ट प्रश्न नहीं आए थे। जानकार लोगों का कहना है कि प्रश्नपत्र कठिन होने के कारण इस बार 100 में 70 से 72 सही करने वाले अभ्यर्थियों के चयन की उम्मीद है। प्रवेश परीक्षा में 100 प्रश्न होते हैं, जिसमें 30 प्रश्न गणित, 20 प्रश्न जीके एवं इंडो इस्लामिक, 20 प्रश्न बायो, 15 फिजिक्स एवं 15 प्रश्न केमेस्ट्री के होते हैं।
भीषण गर्मी में मददगार बने स्वयंसेवक, शिविर लगाए
एएमयू में परीक्षा के दौरान छात्र-छात्राओं के साथ आए अभिभावकों के बैठने के लिए टेंट, कुर्सी के साथ-साथ पानी आदि का इंतजाम किया गया था। एएमयू छात्र संघ सचिव हुजैफा आमिर ने बताया कि हबीब हॉल में छात्रों के लिए ठहरने का इंतजाम किया गया था। वहीं छात्राओं के ठहरने का इंतजाम न्यू गर्ल्स हॉस्टल में किया गया था। बहुत से छात्र-छात्राओं ने इसका फायदा उठाया।
स्टूडेंट इस्लामिक आर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया द्वारा बाब-ए-फैज, बाब-ए-सैयद, फैकल्टी ऑफ आर्ट्स एवं फिजिक्स डिपार्टमेंट के पास सहायता शिविर का आयोजन किया गया। उसामा हमीद, इम्तियाज अहमद ने बताया कि शिविर का उद्देश्य मानवता की सेवा करना है। अक्स वेलफेयर सोसाइटी द्वारा शिविर लगाकर दूर-दूर से आए लोगों को पानी उपलब्ध कराया गया। सूफियान खान, सैफुल्लाह, हमजा आदि मौजूद थे।
एएमयू गेट पर धरना दे रहे पीएचडी अभ्यर्थियों द्वारा भीषण गर्मी में पानी का इंतजाम किया गया था। एएमयू एनएसएस के स्वयं सेवक भी लोगों की मदद कर रहे थे। स्वयं सेवकों की शानदार सेवा से बाहर से आए अभिभावक बेहद खुश थे। एएमयू में हरियाली के कारण दूर-दराज से आए लोगों ने राहत महसूस की। वीमेंस कॉलेज परीक्षा केंद्र पर कुछ छात्र-छात्राओं द्वारा धार्मिक पुस्तकों का स्टाल लगाया गया था। वहां कुरान एवं इस्लामी शिक्षा से संबंधित पुस्तकें बिक्री के लिए लगाए गए थे।
विज्ञापन
सुबह 10 से 12 बजे के बीच आयोजित साइंस एवं डिप्लोमा इंजीनियरिंग की परीक्षा में 33915 अभ्यर्थियों में से 29889 शामिल हुए। संख्या के हिसाब से इस सत्र में यह एएमयू की सबसे बड़ी परीक्षा थी। अलीगढ़ में 36 परीक्षा केंद्रों के अतिरिक्त लखनऊ, पटना, श्रीनगर, मेरठ, कोलकाता, बरेली एवं भोपाल में बने केंद्रों पर पर परीक्षा का आयोजन किया गया। एएमयू वीमेंस कॉलेज परीक्षा केंद्र पर सर्वाधिक 1929 छात्राओं में से 1390 शामिल हुई।
विज्ञापन
दूसरे चरण में शाम 4 से 6 बजे के बीच मानविकी एवं कामर्स की प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया गया। इसमें 9501 अभ्यर्थियों में से 8426 शामिल हुए। अलीगढ़ के अतिरिक्त लखनऊ, पटना, श्रीनगर, मेरठ, कोलकाता, बरेली एवं भोपाल में केंद्र बनाए गए थे। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा शांतिपूर्ण परीक्षा संपन्न कराने के लिए व्यापक इंतजाम किये गये थे। परीक्षा कंट्रोलर मुजीबउल्लाह जुबैरी एवं कार्यवाहक प्रॉक्टर प्रो. राशीद उमर ने परीक्षा केंद्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कंट्रोलर मुजीबउल्लाह जुबैरी ने बताया कि सभी केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न हो गई। कुल 43416 में से 38315 अभ्यर्थी शामिल हुए।
विज्ञापन
गणित व इंडो इस्लामिक में उलझे छात्र
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की कक्षा 11 साइंस एवं डिप्लोमा इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा में गणित एवं इंडो इस्लामिक के प्रश्नों में छात्र-छात्राएं उलझ गए। इस बार के प्रश्नपत्र को पिछले चार साल में सबसे कठिन माना जा रहा है। एनसीआरटी से प्रश्न सीधे-सीधे नहीं पूछे गए। इसकी वजह से कुछ अभ्यर्थी परेशान हुए। प्रवेश परीक्षा के एक्सपर्ट शिक्षक विनीत शर्मा का कहना है कि इस बार का प्रश्नपत्र तुलनात्मक रूप से कुछ कठिन था।
मैथ एवं इस्लामिक स्टडीज के पेपर थोड़े कठिन थे। एक्सपर्ट राहुल कुमार का कहना है कि मैथ एवं केमेस्ट्री थोड़ा कठिन था। जबकि बायो आसान था। एनसीआरटीसी से डायरेक्ट प्रश्न नहीं आए थे। जानकार लोगों का कहना है कि प्रश्नपत्र कठिन होने के कारण इस बार 100 में 70 से 72 सही करने वाले अभ्यर्थियों के चयन की उम्मीद है। प्रवेश परीक्षा में 100 प्रश्न होते हैं, जिसमें 30 प्रश्न गणित, 20 प्रश्न जीके एवं इंडो इस्लामिक, 20 प्रश्न बायो, 15 फिजिक्स एवं 15 प्रश्न केमेस्ट्री के होते हैं।
भीषण गर्मी में मददगार बने स्वयंसेवक, शिविर लगाए
एएमयू में परीक्षा के दौरान छात्र-छात्राओं के साथ आए अभिभावकों के बैठने के लिए टेंट, कुर्सी के साथ-साथ पानी आदि का इंतजाम किया गया था। एएमयू छात्र संघ सचिव हुजैफा आमिर ने बताया कि हबीब हॉल में छात्रों के लिए ठहरने का इंतजाम किया गया था। वहीं छात्राओं के ठहरने का इंतजाम न्यू गर्ल्स हॉस्टल में किया गया था। बहुत से छात्र-छात्राओं ने इसका फायदा उठाया।
स्टूडेंट इस्लामिक आर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया द्वारा बाब-ए-फैज, बाब-ए-सैयद, फैकल्टी ऑफ आर्ट्स एवं फिजिक्स डिपार्टमेंट के पास सहायता शिविर का आयोजन किया गया। उसामा हमीद, इम्तियाज अहमद ने बताया कि शिविर का उद्देश्य मानवता की सेवा करना है। अक्स वेलफेयर सोसाइटी द्वारा शिविर लगाकर दूर-दूर से आए लोगों को पानी उपलब्ध कराया गया। सूफियान खान, सैफुल्लाह, हमजा आदि मौजूद थे।
एएमयू गेट पर धरना दे रहे पीएचडी अभ्यर्थियों द्वारा भीषण गर्मी में पानी का इंतजाम किया गया था। एएमयू एनएसएस के स्वयं सेवक भी लोगों की मदद कर रहे थे। स्वयं सेवकों की शानदार सेवा से बाहर से आए अभिभावक बेहद खुश थे। एएमयू में हरियाली के कारण दूर-दराज से आए लोगों ने राहत महसूस की। वीमेंस कॉलेज परीक्षा केंद्र पर कुछ छात्र-छात्राओं द्वारा धार्मिक पुस्तकों का स्टाल लगाया गया था। वहां कुरान एवं इस्लामी शिक्षा से संबंधित पुस्तकें बिक्री के लिए लगाए गए थे।