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अमित शाह के खिलाफ याचिका की सुनवाई अब 8 को
Thu, 18 Apr 2019 01:39 AM IST
राजेश सिंह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Published by: राजेश सिंह
Updated Thu, 18 Apr 2019 01:39 AM IST
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अमित शाह
- फोटो : सोशल मीडिया
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भाजपा के वर्ष 2014 के घोषणा पत्र के अनुसार वायदे पूरे न होने से खफा अधिवक्ता खुर्शीदुर्रहमान की याचिका पर पुलिस से आख्या न आने पर सीजेएम कोर्ट ने बुधवार को थाना सिविल लाइन पुलिस से फिर ब्योरा तलब किया है। अब कोर्ट ने इसकी सुनवाई के लिए 8 मई तारीख नियत कर दी है। वहीं याची को निर्वाचन कार्यालय ने भी आरटीआई का जवाब भेज दिया है। इस संबंध में चुनाव आयोग ने याची को पत्र भेजकर तीस दिन के अंदर आयोग के प्रथम अपीलीय प्राधिकारी को अपील करने की बात कही है।
महानगर के सिविल लाइंस के आलमबाग भमोला निवासी दीवानी में प्रेक्टिसरत अधिवक्ता खुर्शीदुर्रहमान एस रहमान ने अधिवक्ता सरदार मुकेश सैनी के सहयोग से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ याचिका दायर की थी। उन्होंने भाजपा पर वर्ष 2014 में चुनाव के दौरान जारी किए घोषणा पत्र के वायदों को पूरा न करने के आरोप लगाए थे। पीएम नरेंद्र मोदी सहित तमाम भाजपा नेताओं ने देश में सभाओं के दौरान इस घोषणा पत्र के जरिये लोगों को प्रेरित कर मत मांगे थे।
पांच वर्ष पूर्ण होने पर भी वायदे पूरे नहीं हुए। याचि ने 30 जनवरी 2019 को पीएम कार्यालय से वायदों के पूरे होने की जानकारी आरटीआई से मांगी। लेकिन, कोई संतुष्ट जवाब नहीं मिला। चुनाव आयोग दिल्ली ने उन्हें एक पत्र भेजकर भेजकर तीस दिन के अंदर आयोग के प्रथम अपीलीय प्राधिकारी को अपील करने की बात कही है। वहीं अदालत में दायर याचिका पर अगली तारीख नियत हो गई है।
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महानगर के सिविल लाइंस के आलमबाग भमोला निवासी दीवानी में प्रेक्टिसरत अधिवक्ता खुर्शीदुर्रहमान एस रहमान ने अधिवक्ता सरदार मुकेश सैनी के सहयोग से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ याचिका दायर की थी। उन्होंने भाजपा पर वर्ष 2014 में चुनाव के दौरान जारी किए घोषणा पत्र के वायदों को पूरा न करने के आरोप लगाए थे। पीएम नरेंद्र मोदी सहित तमाम भाजपा नेताओं ने देश में सभाओं के दौरान इस घोषणा पत्र के जरिये लोगों को प्रेरित कर मत मांगे थे।
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पांच वर्ष पूर्ण होने पर भी वायदे पूरे नहीं हुए। याचि ने 30 जनवरी 2019 को पीएम कार्यालय से वायदों के पूरे होने की जानकारी आरटीआई से मांगी। लेकिन, कोई संतुष्ट जवाब नहीं मिला। चुनाव आयोग दिल्ली ने उन्हें एक पत्र भेजकर भेजकर तीस दिन के अंदर आयोग के प्रथम अपीलीय प्राधिकारी को अपील करने की बात कही है। वहीं अदालत में दायर याचिका पर अगली तारीख नियत हो गई है।
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