अमर उजाला तनावमुक्त परीक्षा: डर न पालें, पाठ्यक्रम का करें रिवीजन, तनावमुक्त दें परीक्षा, मिलेगी सफलता
अमर उजाला की ओर से ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल में आयोजित तनाव मुक्त परीक्षा पर कार्यशाला में आईएएस, आईपीएस, एएमयू के मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष, एएमयू के हिंदी विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक, स्कूल प्रधानाचार्य, काउंसलर ने 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को टिप्स दिए।
विस्तार
परीक्षा कोई भी हो। डर तो कतई न पालें। खाना-पीना छोड़कर हर वक्त सिर्फ परीक्षा में बारे में ही न सोचें। सकारात्मक सोचें, शिक्षकों और अभिभावकों से विचार-विमर्श करते रहें। पाठ्यक्रमों का रिवीजन करें और तनावमुक्त होकर परीक्षा दें। सफलता की गांरटी पक्की है।
यह मंत्र 16 जनवरी को अमर उजाला की ओर से ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल में आयोजित तनाव मुक्त परीक्षा पर कार्यशाला में आईएएस अधिकारी साहिल कुमार, आईपीएस अधिकारी अरीबा नोमान, एएमयू के मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. शाह आलम, एएमयू के हिंदी विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. शंभुनाथ तिवारी, स्कूल के प्रधानाचार्य श्याम कुंतैल, तनाव प्रबंधन काउंसलर रितिका ने 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को दिए। कार्यशाला में शहर के विजडम पब्लिक स्कूल, ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल, सर्वोदय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, आयशा तरीन सीनियर सेकेंडरी स्कूल, मदर्स टच स्कूल सहित अन्य स्कूलों के विद्यार्थी शामिल रहे।
स्वागत गान और नृत्य की प्रस्तुति
कार्यशाला का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर हुआ। इसके बाद ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना और स्वागत गान प्रस्तुत किया। छात्रा अनिका ने नृत्य प्रस्तुति देकर लोगों की वाहवाही बटोरी। मौके पर उप प्रधानाचार्या सुधा सिंह, डॉ. चंद्रशेखर शर्मा आदि मौजूद रहे।
अच्छी नींद लें और हेल्दी खाना खाएं
ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य श्याम कुंतैल ने कहा कि विद्यार्थियों को तनावमुक्त होकर परीक्षा देनी चाहिए। परीक्षा को अपने ऊपर हावी न होने दें। परेशान न हों। अच्छी नींद लें। हेल्दी खाना खाएं। समय का प्रबंधन बहुत जरूरी है।
एबीसीडी सही करें, तरक्की पाएं : प्रो. शंभुनाथ तिवारी
एएमयू के हिंदी विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. शंभुनाथ तिवारी ने कहा कि ए (एटीट्यूट-रवैया), बी (व्यहार-बातचीत करने का लहजा), सी (कैरेक्टर-चरित्र) और डी (डेडीकेशन) को सही कर लें, तो तरक्की का रास्ता मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि हर इंसान अपने आप में अनूठा होता है, इसलिए किसी की नकल करने की जरूरत नहीं है। अगर कोई व्यक्ति दूसरे व्यक्ति की तरह बनना चाहता है, तो वह अपनी योग्यता को भी खो देगा और उसकी तरह भी नहीं बन पाएगा। आईक्यू 16 वर्ष आयु तक विकसित होती है। इसके बाद सिर्फ ज्ञान बढ़ता है। निर्भर आप पर करता है कि उसे बढ़ाना है या नहीं।
जिंदगी में हमेशा खुश रहें : प्रो. शाह आलम
एएमयू के मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. शाह आलम ने कहा कि विद्यार्थियों को तनावमुक्त होकर परीक्षा देना चाहिए। जिंदगी में हमेशा खुश रहना चाहिए। इससे तनाव खत्म हो जाएगा। लगातार पांच-छह घंटे पढ़ाई नहीं करनी चाहिए, बल्कि उसे तीन-तीन घंटों में बांट लेना चाहिए। एक घंटा खेलना-घूमना जरूर चाहिए। ईश्वर की आराधना से तनाव भी खत्म होता है और एक ताजगी भी महसूस होती है। खुद को समझिए। जब आ खुद को समझ जाएंगे तो अपनी कमियों को दूर करने पर काम करेंगे। समय प्रबंधन भी बहुत जरूरी है। जिसने समय की परवाह की, समय भी उसका सम्मान करेगा।
रिवीजन पर ताकत झोंक दें : साहिल कुमार
- आईएएस अधिकारी साहिल कुमार ने विद्यार्थियों से कहा कि सफलता का कोई शाॅर्टकट नहीं होता है। एक महीने का समय है, इसलिए रिवीजन पर ताकत झोंक दें।
- लगातार घंटों तक पढ़ने न बैठें। बीच-बीच में ब्रेक लेते रहें। हर एक घंटे पर कम से कम 10-25 मिनट का ब्रेक जरूरी है। इससे पढ़ा हुआ याद रहता है।
- अक्सर हम पहले वही विषय पढ़ते हैं, जिनमें हमारी ज्यादा रुचि होती है और जो हमें आसान लगते हैं। लेकिन परीक्षा की फाइनल तैयारी के दौरान सबसे पहले कठिन विषय पर ध्यान केंद्रित करें। इससे आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
- जो भी मन करे, वही नहीं पढ़ें। यह देखें कि सिलेबस में आपने क्या छोड़ दिया है। सिलेबस में छूट गए टॉपिक्स को पढ़ना सबसे जरूरी है। सवाल पूरे सिलेबस से आ सकते हैं। इसके लिए टाइम टेबल बना कर पढ़ाई करें। साथ में पहले जो पढ़ा है, उसका रिविजन भी करें। नोट्स जरूर बनाएं।
- देखने में आता है कि स्टूडेंट्स परीक्षा की तैयारी में इस तरह से व्यस्त हो जाते हैं कि खाने-पीने का ध्यान भी नहीं रखते। यह ठीक नहीं है। इन दिनों संतुलित आहार लेने पर जोर दें। समय पर नाश्ता करें और खाना खाएं। फ्रूट भी जरूर खाएं। इससे शरीर को पूरी ऊर्जा मिलेगी और दिमाग भी तरोताजा बना रहेगा।
- परीक्षा की तैयारी के दौरान तनाव से बचना बहुत जरूरी होता है। कई लोग तरह-तरह की बातें करते हैं, उन पर ज्यादा ध्यान नहीं दें। आत्मविश्वास बनाए रखें। तनाव से बचने के लिए पूरी नींद लेना जरूरी है। इसके साथ ही योग भी समय पर करते रहें।
खुद से प्रतिस्पर्धा कर खुद को बेहतर बनाएं : अरीबा नोमान
- आईपीएस अधिकारी अरीबा नोमान ने प्रतियोगी व बोर्ड परीक्षा में सफल होने के मंत्र दिए। उन्होंने कहा कि प्रतिभागियाें की संख्या 10 लाख देखकर घबराए नहीं है, बल्कि मुकाबला सिर्फ 50 हजार लोगों से होता है। खुद से प्रतिस्पर्धा करें और खुद को बेहतर बनाएं।
- दैनिक, साप्ताहिक और मासिक आधार पर अध्ययन की योजना बनाएं
- योजना का पालन करते समय लचीलापन भी रखें, ताकि आवश्यकता अनुसार फेरबदल किया जा सके
- अध्ययन के दौरान संक्षिप्त और सटीक नोट्स तैयार करें। ये आपको परीक्षा से पहले रिवीजन में मदद करेंगे
- नोट्स बनाने का तरीका ऐसा होना चाहिए कि आप परीक्षा के समय उन पर जल्दी से नजर डाल सकें
- नियमित रूप से मॉक टेस्ट और पिछले साल के प्रश्न पत्र हल करें। इससे आपको अपनी तैयारी का मूल्यांकन करने में मदद मिलेगी
- परीक्षा के पहले अपने बनाए हुए शॉर्ट नोट्स का रिवीजन कर लें। अगर सुबह पेपर है तो रात को तनाव मुक्त होकर सोएं
- अपने लक्ष्य पर फोकस कीजिए। आज से ही मन लगाकर तैयारी शुरू करेंगे तो भी अच्छे अंक प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए नकारात्मक विचारों से दूर रहना होगा
- परीक्षाओं को लेकर चिंता न करें। थोड़ी सी चिंता भी आपको पहले से याद चीजें भूला सकती है। इसलिए परीक्षा के दिनों में तनाव मुक्त रहना जरूरी है
इन्होंने पूछे सवाल
सीबीएसई की 12वीं की परीक्षा के लिए किस तरह से तैयारी की जाए, जिससे परीक्षा में अच्छे अंक आएं। - विद्या, छात्रा
जवाब : देखिए, अव्वल तो तनाव मुक्त परीक्षा देने की तैयारी करें। पाठ्यक्रमों का रिवीजन करना शुरू कर दें, क्योंकि आपके पास एक महीना बचा है। आपकी तैयारी बढि़या होगी तो अच्छे नंबर भी आएंगे। - अरीबा नोमान
परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए किस तरह टाइम टेबल बनाया जाए, जिससे बेहतर पढ़ाई की जा सके। - दीक्षा, छात्रा
जवाब : परीक्षा नजदीक है, इसलिए जो समय बचा है, उसका सदुपयोग करें। रिवीजन के लिए टाइम टेबल बनाकर पढ़ाई शुरू कर दें। सफलता मिल जाएगी। - साहिल कुमार
मैं पढ़ने में अच्छी हूं, लेकिन परीक्षा के समय नर्वस हो जाती हूं। इससे अच्छी तैयारी के बाद भी अच्छा स्कोर नहीं कर पाती हूं।- रश्मि, छात्रा
जवाब : नर्वस होने की जरूरत नहीं है। पढ़ाई मन लगाकर करें। आपकी तैयारी जितनी अच्छी होगी, उतने ही शानदार नंबर आएंगे। पर्याप्त नींद लें। जंक फूड खाने से बचें। -अरीबा नोमान
परीक्षाओं में आज काफी प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है। परीक्षा में सफलता मिले, इसके लिए हमें क्या करना चाहिए। इस बारे में बताएं। - अस्मित माथुर, छात्र
जवाब : यह बात सही है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रतिस्पर्धा बढ़ी है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि परीक्षा में शामिल होना छोड़ दें। अच्छी तैयारी और सफल होने का जुनून लेकर परीक्षा दें, सफलता मिलेगी। - साहिल कुमार
आईएएस बनने के लिए कैसी तैयारी और पढ़ाई होनी चाहिए। कितना घंटे और किस तरह से पढ़ाई करें, जिससे मुकाम हासिल हो सके।- असद, छात्र
जवाब : जैसा पहले बता चुके हैं कि आईएएस की परीक्षा पास करने के लिए बेहतर और अनुशासित तैयारी करनी चाहिए। पढ़ाई को घंटों में न बांधें। -साहिल कुमार
कार्यशाला बेहतर रही, सीखने को मौका मिला
तनावमुक्त परीक्षा कार्यशाला अच्छी रही। इससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ है।-तनय मिश्रा
जिस तरह से तनाव मुक्त होकर परीक्षा देने की जानकारी दी गई, वह काफी अहम है।-नीशु शर्मा
मुझे लगता है कि इस तरह की कार्यशाला और होनी चाहिए। उम्मीद से ज्यादा बेहतर रहा।-उबैद
परीक्षा को हौव्वा न बनाएं। अपना 100 प्रतिशत देने पर फोकस करें, परिणाम बेहतर आएगा।-एनी
तनावमुक्त कार्यशाला ने बहुत सीखने-समझने का मौका दिया है। अमर उजाला को साधुवाद देते हैं।-गीतांजलि वार्ष्णेय
किसी भी परीक्षा में सफलता तब मिलती है, जब मार्गदर्शन बेहतर हो। यह इस कार्यशाला में मिला।-आर्य वार्ष्णेय
तनावमुक्त होकर परीक्षा देंगे। परीक्षा को लेकर कोई भी हौव्वा अपने ऊपर हावी नहीं देंगे।-उदय शर्मा
मैं अपनी जिंदगी में पहली बार इस तरह के कार्यक्रम में हिस्सा ले रही हूं। यह बेहतरीन लगा।-सना फातिमा
कार्यशाला मेरी जिंदगी में एक अहम भूमिका अदा करेगा। इससे सकारात्मक ऊर्जा भर गया है।-अक्षांश राघव