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विदेशी अपराधियों को लगने वाली अलीगढ़ी हथकड़ी का होगा पेटेंट

Thu, 07 Jul 2022 11:42 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 07 Jul 2022 11:42 PM IST
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Aligarhi handcuffs for foreign criminals to be patented
अमेरिकन हथकड़ी। - फोटो : CITY OFFICE
अभिषेक शर्मा, अलीगढ़।
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मथुरा में जिन हथकड़ी-बेड़ियों से कंस ने वासुदेव को बंदी बनाया था। अलीगढ़ में बनने वाली वैसी ही बेड़ी और हथकड़ी की अलग पहचान है। देश-दुनिया में पहचान रखने वाली यह हथकड़ी अब अपडेट वर्जन के साथ पेटेंट होने जा रही है।
इसके निर्माता और कारोबारी परिवार ने अपडेट वर्जन का ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया है। जल्द ही इसे बाजार में लॉंच किया जाएगा। अभी ब्लू प्रिंट को पेटेंट होने तक गोपनीय रखा गया है। अलीगढ़ की बनने वाली इस हथकड़ी की कई एशियाई देशों में जबरदस्त मांग है। हॉलीवुड फिल्मों तक में इसे प्रयोग किया जाता है।
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सराय मान सिंह के स्वतंत्रता सेनानी एसपी मिश्रा द्वारा 1932 में हथकड़ी बेड़ी बनाने का कारोबार शुरू किया। आज रुद्रा इंटरप्राइजेज के नाम से इस कारोबार को तीसरी पीढ़ी संभाल रही है। इन्हें हथकड़ी वाले मिश्रा के नाम से देश दुनिया में पहचान मिली हुई है।
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देश के सभी राज्यों के साथ-साथ इनके यहां की बनी हथकड़ी नेपाल, श्रीलंका, नाइजीरिया, कीनिया, यूएसए, मलेशिया आदि मुल्कों में जाती है। इनके यहां का सबसे महत्वपूर्ण उत्पाद आरई मोड हैंडकप हैै। इसका नमूना इंगलैंड से मंगाकर यहां बनाना शुरू किया गया था।
तत्कालीन एसएसपी असीम अरुण जब यहां तैनात हुए तो उन्होंने अपने विदेश दौरे पर देखी हथकड़ी का जिक्र किया। उन्होंने इसी फर्म को विदेशी हथकड़ी बनाने का जिम्मा सौंपा। सबसे पहले 30 जोड़ी हथकड़ी बनवाई गईं। इसके बाद प्रदेश पुलिस में उसी हथकड़ी की सप्लाई होने लगी।
चार साइज की बनती हैं हथकड़ियां
इस फैक्ट्री में फिक्स्ड हैंड कप (वजन 450 से 500 ग्राम) अंग्रेजों के जमाने से बन रही है, जिसके 4 साइज हैं। 2 इंच, सवा 2 इंच, ढाई इंच व पौने तीन इंच। एडजस्टेबल हैंड कप (40 साल पुराना) जिसका वजन 450 से 500 है। साइज एक ही बनता है, जो कलाई के अनुसार घट बढ़ जाता है। 8 टाइप 2010 में (400 ग्राम) एक ही स्टैंडर्ड साइज होता है।
आरई मोड हैंड कप 2008 में (350 ग्राम) एक ही साइज, घट बढ़ जाता है। तत्कालीन एसएसपी असीम अरुण के प्रस्ताव पर यही शुरू की थी, जो डबल लॉक में है। हिंजेस मोड हैंड कप्स (वजन 350 ग्राम) ये लेटेस्ट 2010 में लांच हुआ है। एक ही साइज को जो घट बढ़ जाता है। लेग कप 50 साल पुराना है, जिसका एक से डेढ़ किग्रा वजन है। साइज एक ही है, जो घट बढ़ सकता है। इससे भारी वजन की भी हथकड़ी बनती है, जो हॉलीवुड फिल्मों में इस्तेमाल होती है।
अभी किया उसे एसएस का, अब नए वर्जन को कराएंगे पेटेंट
रुद्रा इंटरप्राइेजज के संचालक सुधांशु मिश्रा बताते हैं कि देश और कई विदेशी मुल्कों में भी हमारी यहां बनी हथकड़ियों की सप्लाई हो रही है। हथकड़ी के मामले में मुकाबला सिर्फ चीन से है। अभी हमने अपनी हथकड़ी को स्टेनलेस स्टील का किया है। जल्द ही लॉक पैटर्न पर लीवर बेस्ड कुछ नए डिजाइन की हथकड़ियां बाजार में लाने वाले हैं। जिनका पेटेंट भी कराया जा रहा है। इसका पूरा ब्लू प्रिंट भी तैयार कर लिया गया है।

ये भी बनाते हैं अमेरिकन हथकड़ी
सुदामापुरी के रमेश चंद्र शर्मा अमेरिकन हथकड़ी बनाते हैं। इनकी भी दूसरी पीढ़ी इस कारोबार में है। उनका बेटे अमित बताते हैं कि हमारा कारोबार प्रदेश के कई जनपदों के अलावा देश के कुछ राज्यों में है। उनके यहां अमेरिकन हैंडकप हथकड़ी बनती है, जिसकी डिमांड है। वे अभी दूसरे देशों को सप्लाई देने को तैयार नहीं हैं।
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