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अगस्त से लखनऊ के लिए उड़ान भरेगा अलीगढ़!
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धनीपुर हवाई अड्डा । अमर उजाला
- फोटो : CITY OFFICE
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अंतरराष्ट्रीय स्तर के एयरपोर्ट के रूप में तब्दील होने जा रहे धनीपुर एयरपोर्ट से बहुत जल्द 19 सीटर छोटे विमान उड़ान भरेंगे। शुक्रवार को यहां के एयरपोर्ट के संचालन की जिम्मेदारी भारतीय विमानपत्तन (एएआई) को मिलने के बाद तैयारियां तेज हो गईं हैं। अब लाइसेंस मिलने का इंतजार है, इसके लिए प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार में प्रयास शुरू कर दिए हैं। संकेत मिले हैं कि यह सब प्रक्रिया अगस्त तक पूरी हो जाएगी। पहले चरण में उड़ान अलीगढ़ से लखनऊ तक की होगी। दूसरे चरण में 90 सीटर विमान देश के दूसरे बड़े शहरों तक उड़ान की तैयारी में हैं। यह काम एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के बाद होगा।
आसपास के जिलों के लोगों को मिलेगा लाभ
धनीपुर हवाई अड्डे से उड़ान की तैयारी लंबे समय से चल रही है। इसके लिए एयरपोर्ट पिछले दो माह से तैयार है। अलीगढ़ से लखनऊ की हवाई यात्रा का सर्वे भी हो चुका है। जल्दी ही सब काम पूरे हो गए हैं, बस लाइसेंस का इंतजार है। एविएशन कंपनी से जुड़े अधिकारी बताते हैं कि सभी औपचारिकताओं के बाद अगस्त में यहां से लखनऊ की उड़ान शुरू कर दी जाएंगी। फिलहाल लखनऊ का किराया 2500 रुपये के आसपास निर्धारित होगा। इस सुविधा के शुरू होने पर अलीगढ़ के अलावा हाथरस, कासगंज, एटा, बदायूं, बुलंदशहर, नोएडा, मथुरा आदि जनपदों के लोगों को लाभ मिल सकेगा।
2023 के बाद दूसरे शहरों में 90 सीटर विमान भरेंगे उड़ान
एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के बाद यहां से 90 सीटर विमान उड़ाने की तैयारी में हैं। यह विमान देश के दूसरे राज्यों की राजधानी मुंबई, भोपाल, अहमदाबाद, जयपुर सहित दक्षिण के राज्यों के लिए उड़ाए जा सकेंगे । इस पर भी तेजी से काम चल रहा है।
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अभी प्रशिक्षण दे रहीं तीन एविएशन कंपनी
धनीपुर हवाई अड्डे पर अभी तीन एविएशन कंपनियां प्रशिक्षण दे रही हैं। एविएशन क्लब के एमडी विशाल गर्ग के अनुसार उनकी कंपनी के अलावा यहां पायनियर व चेतक कंपनी भी प्रशिक्षण दे रही है। यहां से प्रशिक्षित पायलट देश के सभी फ्लाइंग क्लबों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वर्तमान में यहां 60 से 70 पायलट ट्रेनिंग ले रहे हैं।
नाइट विजन लैंडिंग की भी सुविधा
हवाईअड्डे पर अभी तक नाइट विजन लैंडिंग की सुविधा स्थायी तौर पर नहीं है। दिन में वीवीआईपी मूवमेंट, इमरजेंसी लैंडिंग, एयर एंबुलेंस लैंडिंग की सुविधा है। एविएशन कंपनियां अपने स्तर से नाइट विजन लैंडिंग करती हैं, जिसके लिए कुछ निजी संसाधन जुटा रखे हैं। यह व्यवस्था भी जल्द स्थाई होने जा रही है।
जिले में ओला - उबर का हो सकता है संचालन
विमानों के संचालन होते ही जिले में ओला और उबर टैक्सी का संचालन होने की संभावना है। इन्होंने पहले भी प्रयास किया था ले्किन लोग इच्छुक नहीं थे, अब इनके संचालन की संभावना व्यक्त की जा रही है। तीन महीने पहले इन कंपनियों की ओर से सर्वे भी हो चुका है।
2017 से हुई शुरुआत
- धनीपुर हवाई पट्टी को 2015 से एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने का काम शुरू किया जा रहा है। 2017 से एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की प्रक्रिया शुरू हुई और 2018 में एयरपेार्ट पर काम शुरू हुआ था जोकि इस साल पूरा हो चुका है।
रनवे की बाउंड्रीवाल का हो रहा निर्माण
- एयरपोर्ट की चाहरदीवारी व वॉच टॉवर का निर्माण शुरु हो गया है, जिस पर करीब तीन करोड़ रुपया खर्च होंगे। इसका प्रस्ताव शासन को भेेजा जा चुका है। जिससे कि रनवे सुरक्षित रहे। बाउंड्रीवाल न होने के कारण अभी तक रनवे पर कोई भी आदमी सीधे आ-जा सकता है। जबकि उसे टर्मिनल बिल्डिंग से ही आने-जाने का नियम है।
विस्तार में इन गांवों की ली जा रही है जमीन
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विस्तारीकरण के दायरे में आए खानगढ़ी, अल्हदादपुर एवं निजामतपुर बोरना के 736 किसानों की 300 एकड़ भूमि के अधिग्रहण पर मुहर लग गई है। इस भूमि की कीमत एक 1.18 अरब रुपये आंकी गई है। जिसके लिए प्रदेश सरकार की ओर से व्यवस्था की जा रही है।
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यह है स्थिति
प्रभावित गांव, कुल भूमि, किसान
खानगढ़ी
- कुल रकबा-76.8102 हेक्टेयर
-निजी भूमि-72.4182 हेक्टेयर
-सरकारी-4.392 हेक्टेयर
-मालियत-72.97 करोड़
-प्रभावित किसान- 436
अलहदादपुर
-कुल रकबा -12.043 हेक्टेयर
- निजी भूमि-10.705 हेक्टेयर
-सरकारी- 1.228 हेक्टेयर
कुल गाटा-33
प्रभावित किसान-93
मालियत-62,15,000
निजामतपुर बोरना
-कुल रकबा-48.18 हेक्टेयर
-निजी भूमि-45.935 हेक्टेयर
-सरकारी भूमि - 2.385 हेक्टेयर
- प्रभावित किसान -187
-मालियत-43.63 करोड़
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आसपास के जिलों के लोगों को मिलेगा लाभ
धनीपुर हवाई अड्डे से उड़ान की तैयारी लंबे समय से चल रही है। इसके लिए एयरपोर्ट पिछले दो माह से तैयार है। अलीगढ़ से लखनऊ की हवाई यात्रा का सर्वे भी हो चुका है। जल्दी ही सब काम पूरे हो गए हैं, बस लाइसेंस का इंतजार है। एविएशन कंपनी से जुड़े अधिकारी बताते हैं कि सभी औपचारिकताओं के बाद अगस्त में यहां से लखनऊ की उड़ान शुरू कर दी जाएंगी। फिलहाल लखनऊ का किराया 2500 रुपये के आसपास निर्धारित होगा। इस सुविधा के शुरू होने पर अलीगढ़ के अलावा हाथरस, कासगंज, एटा, बदायूं, बुलंदशहर, नोएडा, मथुरा आदि जनपदों के लोगों को लाभ मिल सकेगा।
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2023 के बाद दूसरे शहरों में 90 सीटर विमान भरेंगे उड़ान
एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के बाद यहां से 90 सीटर विमान उड़ाने की तैयारी में हैं। यह विमान देश के दूसरे राज्यों की राजधानी मुंबई, भोपाल, अहमदाबाद, जयपुर सहित दक्षिण के राज्यों के लिए उड़ाए जा सकेंगे । इस पर भी तेजी से काम चल रहा है।
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अभी प्रशिक्षण दे रहीं तीन एविएशन कंपनी
धनीपुर हवाई अड्डे पर अभी तीन एविएशन कंपनियां प्रशिक्षण दे रही हैं। एविएशन क्लब के एमडी विशाल गर्ग के अनुसार उनकी कंपनी के अलावा यहां पायनियर व चेतक कंपनी भी प्रशिक्षण दे रही है। यहां से प्रशिक्षित पायलट देश के सभी फ्लाइंग क्लबों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वर्तमान में यहां 60 से 70 पायलट ट्रेनिंग ले रहे हैं।
नाइट विजन लैंडिंग की भी सुविधा
हवाईअड्डे पर अभी तक नाइट विजन लैंडिंग की सुविधा स्थायी तौर पर नहीं है। दिन में वीवीआईपी मूवमेंट, इमरजेंसी लैंडिंग, एयर एंबुलेंस लैंडिंग की सुविधा है। एविएशन कंपनियां अपने स्तर से नाइट विजन लैंडिंग करती हैं, जिसके लिए कुछ निजी संसाधन जुटा रखे हैं। यह व्यवस्था भी जल्द स्थाई होने जा रही है।
जिले में ओला - उबर का हो सकता है संचालन
विमानों के संचालन होते ही जिले में ओला और उबर टैक्सी का संचालन होने की संभावना है। इन्होंने पहले भी प्रयास किया था ले्किन लोग इच्छुक नहीं थे, अब इनके संचालन की संभावना व्यक्त की जा रही है। तीन महीने पहले इन कंपनियों की ओर से सर्वे भी हो चुका है।
2017 से हुई शुरुआत
- धनीपुर हवाई पट्टी को 2015 से एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने का काम शुरू किया जा रहा है। 2017 से एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की प्रक्रिया शुरू हुई और 2018 में एयरपेार्ट पर काम शुरू हुआ था जोकि इस साल पूरा हो चुका है।
रनवे की बाउंड्रीवाल का हो रहा निर्माण
- एयरपोर्ट की चाहरदीवारी व वॉच टॉवर का निर्माण शुरु हो गया है, जिस पर करीब तीन करोड़ रुपया खर्च होंगे। इसका प्रस्ताव शासन को भेेजा जा चुका है। जिससे कि रनवे सुरक्षित रहे। बाउंड्रीवाल न होने के कारण अभी तक रनवे पर कोई भी आदमी सीधे आ-जा सकता है। जबकि उसे टर्मिनल बिल्डिंग से ही आने-जाने का नियम है।
विस्तार में इन गांवों की ली जा रही है जमीन
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विस्तारीकरण के दायरे में आए खानगढ़ी, अल्हदादपुर एवं निजामतपुर बोरना के 736 किसानों की 300 एकड़ भूमि के अधिग्रहण पर मुहर लग गई है। इस भूमि की कीमत एक 1.18 अरब रुपये आंकी गई है। जिसके लिए प्रदेश सरकार की ओर से व्यवस्था की जा रही है।
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यह है स्थिति
प्रभावित गांव, कुल भूमि, किसान
खानगढ़ी
- कुल रकबा-76.8102 हेक्टेयर
-निजी भूमि-72.4182 हेक्टेयर
-सरकारी-4.392 हेक्टेयर
-मालियत-72.97 करोड़
-प्रभावित किसान- 436
अलहदादपुर
-कुल रकबा -12.043 हेक्टेयर
- निजी भूमि-10.705 हेक्टेयर
-सरकारी- 1.228 हेक्टेयर
कुल गाटा-33
प्रभावित किसान-93
मालियत-62,15,000
निजामतपुर बोरना
-कुल रकबा-48.18 हेक्टेयर
-निजी भूमि-45.935 हेक्टेयर
-सरकारी भूमि - 2.385 हेक्टेयर
- प्रभावित किसान -187
-मालियत-43.63 करोड़
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