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अलीगढ़ : जब भाजपा जिला कार्यालय पर दो बार फहराया गया तिरंगा
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देश भर में आजादी का अमृत महोत्सव मना रही केंद्र व प्रदेश के सत्ताधारी दल भाजपा में यहां अंदरूनी कलह खुलकर दिखाई दी। भाजपा जिला कार्यालय पर सोमवार को दो बार झंडा फहराया गया। पहले जिलाध्यक्ष के दस मिनट विलंब से आने पर पूर्व जिलाध्यक्ष ने सांसद संग तिरंगा फहरा दिया और चले गए। बाद में जब जिलाध्यक्ष पहुंचे तो उन्होंने फिर से तिरंगा फहराया। हालांकि, जिलाध्यक्ष ने इस बात को सिरे से नकार दिया है।
हुआ यूं कि पार्टी द्वारा ठीक 8 बजे कयामपुर स्थित नवनिर्मित भाजपा कार्यालय पर तिरंगा फहराना तय किया गया। नियत समय पर सांसद सतीश गौतम, पूर्व जिलाध्यक्ष गोपाल सिंह, देवराज सिंह आदि पहुंच गए। इस दौरान काफी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे। इस बीच करीब आठ मिनट तक जिलाध्यक्ष/एमएलसी चौ. ऋषिपाल सिंह का इंतजार होता रहा, मगर उनके न आने पर पूर्व जिलाध्यक्ष गोपाल सिंह ने ऐतराज जताया और सांसद सतीश गौतम संग तिरंगा फहरा दिया। इसके बाद ये लोग यहां से चले गए।
इसी बीच जिलाध्यक्ष चौ.ऋषिपाल सिंह भी पहुंच गए। फिर उन्होंने नए सिरे से झंडा बंधवाकर उसे फहरवाया। इस मौके पर उनके साथ विधायक अनिल पाराशर, रवेंद्रपाल सिंह सहित तमाम कार्यकर्ता व पदाधिकारी मौजूद रहे। इस विषय में जिलाध्यक्ष चौ.ऋषिपाल सिंह का कहना है कि किसी अन्य ने तिरंगा नहीं फहराया। प्रोटोकॉल के अनुसार जिलाध्यक्ष को तिरंगा फहराना होता है। मैंने ही तिरंगा फहराया था। अब अगर कोई तिरंगा संग खड़े होकर फोटो खिंचवा ले तो उसे मना नहीं किया जा सकता।
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- यह सही है कि जिलाध्यक्ष के देरी से आने पर पूर्व जिलाध्यक्ष गोपाल सिंह आदि की सहमति पर बिना जिलाध्यक्ष के तिरंगा पार्टी कार्यालय पर फहराया गया था। अब उसके बाद क्या हुआ, यह मेरी जानकारी में नहीं है।-सतीश गौतम, सांसद
पहले माले पर तिरंगा, दूसरे पर भाजपा का झंडा
भाजपा कार्यालय पर सोमवार को एक और अजीब घटनाक्रम देखने को मिला। पहले माले पर बनी बॉलकनी पर तिरंगा बांधा गया था, जिसे वहीं पर फहराया गया। इसके ऊपर आखिरी माले पर पहले से भाजपा का झंडा फहरा रहा था, जिस पर किसी का ध्यान नहीं गया। इसका वीडियो किसी ने कैद कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
हालांकि, जिलाध्यक्ष के पहुंचने पर भाजपा का फहराता हुआ झंडा बंधवाया गया। इस विषय में जिलाध्यक्ष चौ.ऋषिपाल सिंह ने कहा कि बाकायदा भाजपा का झंडा बंधवा दिया गया था। अब किसी ने शरारतवश अगर खुले हुए झंडे का फोटो पहले से कैद किया है तो यह जानबूझकर किया गया है। हमने तिरंगा फहराते समय भाजपा के झंडे को बंधवा दिया था। उन्होंने उसका फोटो भी दिखाया।
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हुआ यूं कि पार्टी द्वारा ठीक 8 बजे कयामपुर स्थित नवनिर्मित भाजपा कार्यालय पर तिरंगा फहराना तय किया गया। नियत समय पर सांसद सतीश गौतम, पूर्व जिलाध्यक्ष गोपाल सिंह, देवराज सिंह आदि पहुंच गए। इस दौरान काफी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे। इस बीच करीब आठ मिनट तक जिलाध्यक्ष/एमएलसी चौ. ऋषिपाल सिंह का इंतजार होता रहा, मगर उनके न आने पर पूर्व जिलाध्यक्ष गोपाल सिंह ने ऐतराज जताया और सांसद सतीश गौतम संग तिरंगा फहरा दिया। इसके बाद ये लोग यहां से चले गए।
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इसी बीच जिलाध्यक्ष चौ.ऋषिपाल सिंह भी पहुंच गए। फिर उन्होंने नए सिरे से झंडा बंधवाकर उसे फहरवाया। इस मौके पर उनके साथ विधायक अनिल पाराशर, रवेंद्रपाल सिंह सहित तमाम कार्यकर्ता व पदाधिकारी मौजूद रहे। इस विषय में जिलाध्यक्ष चौ.ऋषिपाल सिंह का कहना है कि किसी अन्य ने तिरंगा नहीं फहराया। प्रोटोकॉल के अनुसार जिलाध्यक्ष को तिरंगा फहराना होता है। मैंने ही तिरंगा फहराया था। अब अगर कोई तिरंगा संग खड़े होकर फोटो खिंचवा ले तो उसे मना नहीं किया जा सकता।
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- यह सही है कि जिलाध्यक्ष के देरी से आने पर पूर्व जिलाध्यक्ष गोपाल सिंह आदि की सहमति पर बिना जिलाध्यक्ष के तिरंगा पार्टी कार्यालय पर फहराया गया था। अब उसके बाद क्या हुआ, यह मेरी जानकारी में नहीं है।-सतीश गौतम, सांसद
पहले माले पर तिरंगा, दूसरे पर भाजपा का झंडा
भाजपा कार्यालय पर सोमवार को एक और अजीब घटनाक्रम देखने को मिला। पहले माले पर बनी बॉलकनी पर तिरंगा बांधा गया था, जिसे वहीं पर फहराया गया। इसके ऊपर आखिरी माले पर पहले से भाजपा का झंडा फहरा रहा था, जिस पर किसी का ध्यान नहीं गया। इसका वीडियो किसी ने कैद कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
हालांकि, जिलाध्यक्ष के पहुंचने पर भाजपा का फहराता हुआ झंडा बंधवाया गया। इस विषय में जिलाध्यक्ष चौ.ऋषिपाल सिंह ने कहा कि बाकायदा भाजपा का झंडा बंधवा दिया गया था। अब किसी ने शरारतवश अगर खुले हुए झंडे का फोटो पहले से कैद किया है तो यह जानबूझकर किया गया है। हमने तिरंगा फहराते समय भाजपा के झंडे को बंधवा दिया था। उन्होंने उसका फोटो भी दिखाया।