न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
जिले में मानसून के आखिरी दौर में पिछले छह दिन से रुक - रुककर हो रही बारिश के बाद रविवार को निकली धूप से लोगों ने राहत की सांस ली है। कई इलाकों में बारिश से हुए जलभराव से थोड़ी निजात भी मिल गई है, फिर भी शाहजमाल, एडीए कॉलोनी समेत कई इलाकों में अभी भी जलभराव के हालात बने हुए हैं। इससे स्थानीय लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि बारिश के बाद मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ने की संभावना जतायी जा रही है।
मौसम विभाग ने 26 सितम्बर तक बारिश होेने का अलर्ट जारी किया था । शनिवार रात से ही आसमान साफ होने लगा था। सुबह सूर्यदेव आसमान से प्रगट हुए तो लोगों के चेहरे खिल गए। छह दिन से हो रही बारिश से शहर में जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हो रहा था। धूप निकलने से किसानों ने राहत की सांस ली है। बारिश से धान, बाजरा, मक्का की फसलों के साथ ही सब्जियों को भारी नुकसान हो रहा था । खेतों में फसलें तेज हवाओं और बारिश के चलते धराशायी हो गई हैं, जलभराव के चलते धान और बाजरा की फसल की बालियां खराब होने लगी हैं। कपास की फसल को भी नुकसान हुआ है।
किसानों के अनुसार मौसम साफ होने से अब कुछ राहत मिलने की उम्मीद जगी है। बारिश के चलते जिले में जगह-जगह जलभराव हो गया है। इससे मौसमी बीमारियां फैलने का भी खतरा बढ़ गया है। डेंगू और मलेरिया होने की आशंका बढ़ गई है। वायरल बुखार से पहले ही लोग पीड़ित हैं। महानगर के शाहजमाल, एडीए कॉलोनी, गोविंद नगर आदि ऐसे इलाके हैं जहां पर अक्सर जलभराव बना रहता है। अब मौसम लगातार बदल रहा है। पिछले कई दिन से लगातार बारिश हो रही है। जलभराव हो जाने से पानी में मच्छरों की संख्या में इजाफा होगा। इससे स्वास्थ्य विभाग की भी टेंशन बढ़ गई है। बारिश में मच्छरों को पनपने से रोकना विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती साबित होगा।