श्री रामलीला गोशाला समिति द्वारा रामलीला मैदान में आयोजित रामलीला महोत्सव का समापन शनिवार को भरत मिलाप और राम राज्याभिषेक के साथ संपन्न हुआ। गुरु वशिष्ठ ने प्रभु श्री राम का तिलक कर उन्हें राजा घोषित किया तो रामलीला मैदान जय श्री राम के जयकारों से गूंज उठा। यहां हजारों दीपकों से रामलीला मैदान को रोशन किया गया।
रावण का वध कर जब प्रभु श्री राम, लक्ष्मण और माता जानकी अयोध्या पहुंचते हैं तो यहां नगरवासी उनका स्वागत करते हैं। गुरु वशिष्ठ, तीनों माताओं को लेकर भरत-शत्रुघन उनसे मिलने पहुंचते हैं। इस दौरान राम और भरत का वियोगभरा मिलाप देखकर दर्शकों की आंखें नम हो गईं। इसके बाद सभी को राजमहल ले जाया जाता है।
अगले दिन प्रभु श्रीराम का राजतिलक उत्सव का आयोजन होता है। सबसे पहले गुरु वशिष्ठ प्रभु श्री राम का तिलक करते हैं। इसके बाद सुमित सिंघल ने उनका राजतिलक किया। शिवनारायण अग्रवाल ने आरती उतारी। एक-एक करके जनता उनका तिलक करती हैं। इस मौके पर लीला संयोजक अरविंद कुमार, कोषाध्यक्ष टीएन मित्तल, ऋषि कुमार मीतल, प्रदीप भारद्वाज, डॉ. मुकेश, वीरेंद्र कुमार, शैलेंद्र अग्रवाल आदि मौजूद रहे।