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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Aligarh The Central Methodist Church 142 years history

Aligarh: सेंट्रल मेथोडिस्ट चर्च का 142 साल पुराना है इतिहास, दूसरे राज्यों सेआकर लोग करते हैं प्रार्थना

Thu, 18 Dec 2025 05:20 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Thu, 18 Dec 2025 05:20 PM IST
सार

प्रभु यीशु के जन्मदिन को लेकर ईसाई समाज में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। खासकर घंटाघर स्थित चर्च ऑफ एसेंशन और बन्नादेवी चर्च में विशेष प्रार्थनाएं होती हैं।

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Aligarh The Central Methodist Church 142 years history
सेंट्रल मेथोडिस्ट चर्च अलीगढ़ - फोटो : संवाद

विस्तार

क्रिसमस पर यीशु के आगमन को लेकर शहर के चर्च में तैयारियां जोर -शोर से शुरू हो गई हैं। इसमें अलीगढ़ शहर में जीटी रोड बन्नादेवी स्थित 142 साल पुराना सेंट्रल मेथोडिस्ट चर्च अलीगढ़ का सबसे पुराने चर्चों में से एक माना जाता है। यहां बड़ी संख्या में ईसाई समाज से जुड़े लोग सुबह-शाम प्रार्थना सभाएं, बाइबिल अध्ययन और सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होते हैं। इंग्लैंड से आए विशप विल्सन को चर्चों का जनक कहा जाता है। 

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लाहौर से लेकर कोलकाता तक उन्होंने 1825-1845 के बीच 20 चर्च बनवाए। क्रिसमस पर फादर रेवरेंड युसूफ दास के नेतृत्व में विभिन्न कार्यक्रम होंगें। इसी तरह शहर में ऐतिहासिक स्थलों में शामिल सेंट्रल डेरी फार्म मेथोडिस्ट चर्च, जमालपुर इस बात का गवाह है कि ईसाई समाज अलीगढ़ में एक सदी पहले भी था। फादर जोनाथन लाल बताते हैं कि इस चर्च में तमाम खूबियां हैं। चर्च को देखने के लिए अलीगढ़ ही नहीं बल्कि दूसरे राज्यों से भी ईसाई समाज के लोग पहुंचकर यहां होने वाली प्रार्थना सभा में भाग लेते हैं। 
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वर्ष 1929 में स्व. केवेंटर ने सेंट्रल डेरी फार्म मेथोडिस्ट चर्च बनाया था। यह पहला मेथोडिस्ट चर्च था, जिसमें अंदर से बालकनी भी बनाई गई थी। इसमें इंग्लैंड से मंगवाया हुआ है चर्च का घंटा भी टंगा हुआ है। यह चर्च अलीगढ़ ही नहीं बल्कि आसपास के शहरों में भी बेहद प्रसिद्ध है। यहां दूसरे राज्यों से ईसाई समाज के लोग आकर प्रार्थना करते हैं।

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क्रिसमस प्रभु यीशु के आगमन का पर्व है। मसीही समाज इसे पूरे उल्लास के साथ मनाता है। इस बार भी पूरे धार्मिक उल्लास से मनाने की तैयारी की जा रही है।- शोभित अल्बर्ट

क्रिसमस प्रभु यीशु के मानव रूप में इस दुनिया में आने का उत्सव है, ताकि वे प्रेम, शांति और उद्धार का संदेश दे सकें। यह दुनिया भर में आनंद और खुशी का दिन है।- विजय जोन


यीशु के आगमन में स्वागत की तैयारी
प्रभु यीशु के जन्मदिन को लेकर ईसाई समाज में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। खासकर घंटाघर स्थित चर्च ऑफ एसेंशन और बन्नादेवी चर्च में विशेष प्रार्थनाएं होती हैं। यहां 24 दिसंबर से ही कार्यक्रम शुरू हो जाते हैं। मध्य रात्रि को प्रभु यीशु के जन्मदिन पर खुशियां देखते ही बनती हैं। शहर के सभी गिरजाघर मैरी क्रिसमस से गूंज उठते हैं। सभी एक- दूसरे को बधाइयां देते हैं। प्रभु यीशु के जन्मदिन की खुशी पर घरों पर लाइट और झालरें लगाई जा रही हैं, जिससे चारों तरफ प्रकाश हो।

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