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अलीगढ़ : हिंद एग्रो इंडस्ट्रीज में अवैध रूप चलता मिला बूचड़खाना, 37 गिरफ्तार
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पुलिस की गिरफ्त में अवैध पशु कटान में पकड़े गये लोग।
- फोटो : JAWAN
छेरत स्थित हिंद एग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड में नियमों की अनदेखी कर अवैध रूप से कमेले की तर्ज पर बूचड़खाना (कट्टीघर) चलाया जा रहा था। कई दिन से आ रही इन शिकायतों पर शनिवार तड़के पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम ने छापा मारा तो पूरा खेल पकड़ा गया।
टीम ने मौके से 37 लोगों को अवैध रूप से जमीन पर नियमों की अनदेखी कर पशुओं की कट्टी करते हुए गिरफ्तार कर लिया। यहां बिना एंटीमार्टम व पोस्टमार्टम ही अवैध कटान हो रहा था। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा था। फैक्टरी करीब 18 साल से बंद चल रही थी। हाल ही में 2024 तक के लिए लाइसेंस मिला था। इस मुकदमे में गिरफ्तार 37 के अलावा फैक्टरी मालिक समर कुरैशी, प्रोडक्शन हैड अब्दुल रऊफ व जनरल मैनेजर आबिद कदीर भी नामजद आरोपी हैं।
एसडीएम कोल संजीव ओझा व सीओ सिविल लाइंस श्वेताभ पांडेय के नेतृत्व में एक टीम सुबह करीब छह बजे हिंद एग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड पहुंची। यहां पुलिस बल ने घेराबंदी कर 37 लोगों को मौके से दबोच लिया। यहां मशीन के स्थान पर जमीन पर गिरा कर अवैधानिक तरीके से वध किया जा रहा था।
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साथ में मलबे का निस्तारण भी अवैध तरीके से होते मिला। मौके से करीब 45 पशुओं का मांस व उनके अवशेष तथा उपकरण बरामद हुए हैं। पशु चिकित्सक को बुलाकर उसकी सैंपलिंग कराई गई है और मांस को नष्ट करा दिया गया।
18 साल से बंद चल रही है फैक्टरी
एसडीएम कोल संजीव ओझा के अनुसार हिंद एग्रो इंडस्ट्रीज छेरत वर्ष 2004 से बंद पड़ी हुई है। फैक्टरी मालिक ने इसे ठेकेदार को किराए पर दे रखा है। बिजली का कनैक्शन बकाया बिल जमा न होने के कारण कटा हुआ पड़ा है। पशु वधाशाला में भैंस, भैंसा का मैनुअल, हाथ के कटान वध किया जाता पाया गया।
उन्होंने बताया कि फैक्ट्री मालिक समर कुरैशी प्रोडक्शन हैड अब्दुल रऊफ, जनरल मैनेजर आबिद कदीर के माध्यम से पशुओं का कटान हो रहा था। इस दौरान पशु चिकित्सक फैक्टरी में नहीं थे। नियमानुसार सुबह आठ से पांच बजे तक ही पशुओं का कटान हो सकता है, लेकिन फैक्टरी मालिक रात में पशुओं का कटान करा रहे थे। तीन साल पहले भी इस फैक्टरी को प्रदूषण फैलाने का दोषी माना था। उन्होंने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से फैक्टरी को खोलने की अनुुमति है। 2024 तक के लिए लाइसेंस भी मिला है।
इन पर दर्ज हुआ पशु क्रूरता का मुकदमा
थाने में 37 लोगों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम, प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण, खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज हुई है। इन आरोपियों में जुबैर, सुहैल, बिलाल, सुुुहैल मिराज, राहत कुरैशी पप्पू खां, जाविद, मोहम्मद कलीम कुरैशी, सादाब कुरैशी, वकील कुरैशी, सलमान कुरैशी अलीम अब्बासी, खालिद कुरैशी, नवी उर्फ नविया, मोहम्मद छोटे कुरैशी, अफसर कुरैशी, वसीम कुरैशी, कफील कुरैशी, हसीन कुरैशी, रहीश कुरैशी, सलमान, शानू कुरैशी, रिजवान कुरैशी, अफसर अली, इमरान कुरैशी, आसिफ कुरैशी, सरफाज कुरैशी, आलिम धोबी, फैसल कुरैशी, तौसीफ कुरैशी,इशत्याक अहमद, फैजान कुरैशी, अनस कुरैशी, इरफान कुरैशी, आसिफ कुरैशी तथा दिलशाद राजपूत हैं।
पूर्व मेयर शकुंतला भारती ने उठाया था मुद्दा
इस फैक्टरी में नियमों की अनदेखी कर प्रदूषण के अधिकारियों व एंटी मार्टम करने वाले डॉक्टर की अनदेखी के चलते की जा रही थी। इसके वीडियो लगातार बाहर आ रहे थे। यही वीडियो पिछले दिनों पूर्व मेयर शकुंतला भारती ने डीएम व एसएसपी को दिखाए।
मगर इसका परिणाम हुआ कि बात लीक हो गई। कुछ दिन काम रुक गया। बाद में यह तय हुआ कि अब बातों को छिपाकर एकाएक कार्रवाई की जाएगी। इसी का परिणाम हुआ कि टीम ने प्लानिंग के तहत सुबह सुबह छापा मारा। इस दौरान न वेस्ट मैनेजमेंट मिला। न मशीनों से कट्टी हो रही थी और न एंटी मार्टम हो रहा था। एचटीपी भी खराब पड़ी थी।
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टीम ने मौके से 37 लोगों को अवैध रूप से जमीन पर नियमों की अनदेखी कर पशुओं की कट्टी करते हुए गिरफ्तार कर लिया। यहां बिना एंटीमार्टम व पोस्टमार्टम ही अवैध कटान हो रहा था। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा था। फैक्टरी करीब 18 साल से बंद चल रही थी। हाल ही में 2024 तक के लिए लाइसेंस मिला था। इस मुकदमे में गिरफ्तार 37 के अलावा फैक्टरी मालिक समर कुरैशी, प्रोडक्शन हैड अब्दुल रऊफ व जनरल मैनेजर आबिद कदीर भी नामजद आरोपी हैं।
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एसडीएम कोल संजीव ओझा व सीओ सिविल लाइंस श्वेताभ पांडेय के नेतृत्व में एक टीम सुबह करीब छह बजे हिंद एग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड पहुंची। यहां पुलिस बल ने घेराबंदी कर 37 लोगों को मौके से दबोच लिया। यहां मशीन के स्थान पर जमीन पर गिरा कर अवैधानिक तरीके से वध किया जा रहा था।
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साथ में मलबे का निस्तारण भी अवैध तरीके से होते मिला। मौके से करीब 45 पशुओं का मांस व उनके अवशेष तथा उपकरण बरामद हुए हैं। पशु चिकित्सक को बुलाकर उसकी सैंपलिंग कराई गई है और मांस को नष्ट करा दिया गया।
18 साल से बंद चल रही है फैक्टरी
एसडीएम कोल संजीव ओझा के अनुसार हिंद एग्रो इंडस्ट्रीज छेरत वर्ष 2004 से बंद पड़ी हुई है। फैक्टरी मालिक ने इसे ठेकेदार को किराए पर दे रखा है। बिजली का कनैक्शन बकाया बिल जमा न होने के कारण कटा हुआ पड़ा है। पशु वधाशाला में भैंस, भैंसा का मैनुअल, हाथ के कटान वध किया जाता पाया गया।
उन्होंने बताया कि फैक्ट्री मालिक समर कुरैशी प्रोडक्शन हैड अब्दुल रऊफ, जनरल मैनेजर आबिद कदीर के माध्यम से पशुओं का कटान हो रहा था। इस दौरान पशु चिकित्सक फैक्टरी में नहीं थे। नियमानुसार सुबह आठ से पांच बजे तक ही पशुओं का कटान हो सकता है, लेकिन फैक्टरी मालिक रात में पशुओं का कटान करा रहे थे। तीन साल पहले भी इस फैक्टरी को प्रदूषण फैलाने का दोषी माना था। उन्होंने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से फैक्टरी को खोलने की अनुुमति है। 2024 तक के लिए लाइसेंस भी मिला है।
इन पर दर्ज हुआ पशु क्रूरता का मुकदमा
थाने में 37 लोगों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम, प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण, खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज हुई है। इन आरोपियों में जुबैर, सुहैल, बिलाल, सुुुहैल मिराज, राहत कुरैशी पप्पू खां, जाविद, मोहम्मद कलीम कुरैशी, सादाब कुरैशी, वकील कुरैशी, सलमान कुरैशी अलीम अब्बासी, खालिद कुरैशी, नवी उर्फ नविया, मोहम्मद छोटे कुरैशी, अफसर कुरैशी, वसीम कुरैशी, कफील कुरैशी, हसीन कुरैशी, रहीश कुरैशी, सलमान, शानू कुरैशी, रिजवान कुरैशी, अफसर अली, इमरान कुरैशी, आसिफ कुरैशी, सरफाज कुरैशी, आलिम धोबी, फैसल कुरैशी, तौसीफ कुरैशी,इशत्याक अहमद, फैजान कुरैशी, अनस कुरैशी, इरफान कुरैशी, आसिफ कुरैशी तथा दिलशाद राजपूत हैं।
पूर्व मेयर शकुंतला भारती ने उठाया था मुद्दा
इस फैक्टरी में नियमों की अनदेखी कर प्रदूषण के अधिकारियों व एंटी मार्टम करने वाले डॉक्टर की अनदेखी के चलते की जा रही थी। इसके वीडियो लगातार बाहर आ रहे थे। यही वीडियो पिछले दिनों पूर्व मेयर शकुंतला भारती ने डीएम व एसएसपी को दिखाए।
मगर इसका परिणाम हुआ कि बात लीक हो गई। कुछ दिन काम रुक गया। बाद में यह तय हुआ कि अब बातों को छिपाकर एकाएक कार्रवाई की जाएगी। इसी का परिणाम हुआ कि टीम ने प्लानिंग के तहत सुबह सुबह छापा मारा। इस दौरान न वेस्ट मैनेजमेंट मिला। न मशीनों से कट्टी हो रही थी और न एंटी मार्टम हो रहा था। एचटीपी भी खराब पड़ी थी।