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साक्ष्य देख बदला परिवार का बयान, जांच में निकलेंगे ससुरालियों के नाम
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मैरिस रोड़ पर कमाल खां गोली मारकर की हत्या में पकड़ा गया विनीत हत्यारोपी। संवाद
- फोटो : CITY OFFICE
ढाई साल के मासूम बेटे और पड़ोसी परिवार के किशोर को अपनी कार से लेकर घूमने निकले कमाल की हत्या की खबर जब परिवार तक पहुंची तो रोते-बिलखते परिजन जेएन मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। यहां उन्होंने खुल्लम-खुल्ला हंगामा करते हुए कमाल के ससुरालियों पर हत्या का आरोप लगाया।
यही नहीं खुद कमाल के पिता ने अपनी बहू सहित उसके 9 मायके वालों के खिलाफ तहरीर देकर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। मगर आरोपी की गिरफ्तारी के साथ-साथ जब एसएसपी ने पिता व भाइयों को सीसीटीवी आदि के साक्ष्य दिखाए तो परिवार किसी तरह संतुष्ट हुआ।
इसके बाद शनिवार को दिन में मुआवजे के लिए जो आवेदन सिटी मजिस्ट्रेट को दिया गया, उसमें भाई ने कुछ गुंडों द्वारा हत्या किए जाने का उल्लेख किया है और ससुरालियों द्वारा हत्या का आरोप गायब है। वहीं पुलिस स्तर से अब जांच में सभी ससुरालियों के नाम मुकदमे से हटाए जाने के सीधे-सीधे संकेत हैं।
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सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय के अनुसार कमाल के पिता की ओर से दी गई तहरीर में कमाल के सराय मियां में रहने वाले आठ साले कदीर, शकील, वसीम, सलीम, मुस्तकीम, रफीक, नईम व कलीम और कमाल की पत्नी फरजाना को नामजद किया है। जिसमें आरोप है कि कमाल का अपनी पत्नी फरजाना से चार-पांच दिन पहले विवाद हुआ था। उसी समय फरजाना ने बेटे को जान से मरवाने की धमकी दी थी।
तहरीर में आरोप है कि बहू के कहने पर उसके भाइयों ने ही ये हत्या की है। इस आधार पर पुलिस ने सभी सालों को हत्या व बहू को साजिश का आरोपी बनाकर नामजद मुकदमा दर्ज किया है। हालांकि सीओ का कहना है कि चूंकि साक्ष्यों व आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब कुछ ऐसा बचता नहीं है जो नामजदों के खिलाफ हो। इसलिए विवेचना में नामजदों को क्लीनचिट देने की तैयारी है।
गिरफ्तारी से लेकर परिवार को संतुष्ट करने तक डटे रहे एसएसपी
इस सनसनीखेज घटना की खबर पर एसएसपी कलानिधि नैथानी सबसे पहले जेएन मेडिकल कॉलेज पहुंचे। फिर उन्होंने घटनास्थल देखा और वहां से कमांड कंट्रोल सेंटर पहुंचे। जिस दौरान वे नगर निगम स्थित कंट्रोल सेंटर पहुंचे, उस समय त्योहार के चलते कंट्रोल सेंटर से स्टाफ गायब था।
इस पर उन्होंने जमकर नाराजगी जताई। बाद में वहां स्टाफ पहुंचा और उन्होंने खुद सीसीटीवी की मॉनीटरिंग करते हुए कार का नंबर ट्रैस कर 6 टीमों को लगाया। जब आरोपी की गिरफ्तारी हो गई और मेडिकल कॉलेज में ही ससुरालियों पर आरोप लगा रहे परिवार को थाने बुलाया गया।
वहां उन्हें सीसीटीवी के साक्ष्य दिखाए गए। आरोपी से पूछताछ के आधार पर तथ्य बताए तो परिवार संतुष्ट हुआ। इसके बाद ही एसएसपी वहां से गए। इस दौरान उन्होेंने एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुणावत, सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय की अगुवाई में लगीं नगर व जिले की सर्विलांस/एसओजी टीमों की पीठ ठोंकी।
- प्रारंभिक जांच में ही घटना रोडरेज की समझ में आ रही थी। उसी अनुसार टीमों को लगाया गया था। हालांकि परिवार ने ससुरालियों पर मुकदमा दर्ज कराया। मगर दो घंटे में ही हमारी टीमों ने आरोपी दबोच लिया। पूछताछ में तथ्य साफ हो गए। सीसीटीवी में उसकी कार का आना जाना, कार से उतरना और फायरिंग करना कैद है। हां, अंधेरा होने के कारण कुछ धुंधलापन है। मगर कार का नंबर साफ है और कदकाठी साफ है। इसलिए कुछ बचा नहीं है। इसलिए नामजदों के नाम जांच के आधार पर बरी किए जाएंगे। आरोपी का जेल भेजा गया है। उसका लाइसेंस निरस्त करने को रिपोर्ट दी जा रही है।
- कलानिधि नैथानी, एसएसपी
‘टोपी पहनाने’ के लिए मशहूर है पकड़ा गया ‘रंगबाज’
पकड़े गए आरोपी के विषय में पुलिस पूछताछ व जांच में काफी कुछ उजागर हुआ है। कभी वह खुद को प्रॉपर्टी डीलर बताकर पेश करता है तो कभी पत्रकार बताता है। जांच में पता चला है कि लोगों के तरह तरह के काम कराने और उसके बदले में रुपये लेने में उसे महारथ हासिल है। इलाके में उसके विषय में चर्चा है कि वह लोगों को काम कराने के बदले ‘टोपी पहनाने’ में माहिर है। इस आधार पर पुलिस उसका पुराना क्राइम रिकार्ड खंगाल रही है।
शस्त्र लाइसेंस का दुरुपयोग पड़ सकता है भारी
इस हत्याकांड में लाइसेंसी शस्त्र का प्रयोग होने पर एक बार फिर लाइसेंसी शस्त्र के दुरुपयोग का शोर मचा है। खुद एसएसपी बताते हैं कि अब तक उन्होंने अपने कार्यकाल में 200 ऐसे लोगों के शस्त्र लाइसेंस ऑपरेशन निहत्था के तहत निरस्त कराए हैं, जिनके विषय में आपराधिक गतिविधियों की रिपोर्ट है।
इसके अलावा 200 के निरस्त होने की रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी गई है। जिनका होना बाकी है। वहीं फिलहाल जिले में नए शस्त्र लाइसेंस बनने की प्रक्रिया भी रुकी हुई है। ऐसे में उन्होंने लोगों से अपील की है कि संभव हो सके तो शस्त्र लाइसेंस के दुरुपयोग से बचें। अन्यथा भारी पड़ सकता है।
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यही नहीं खुद कमाल के पिता ने अपनी बहू सहित उसके 9 मायके वालों के खिलाफ तहरीर देकर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। मगर आरोपी की गिरफ्तारी के साथ-साथ जब एसएसपी ने पिता व भाइयों को सीसीटीवी आदि के साक्ष्य दिखाए तो परिवार किसी तरह संतुष्ट हुआ।
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इसके बाद शनिवार को दिन में मुआवजे के लिए जो आवेदन सिटी मजिस्ट्रेट को दिया गया, उसमें भाई ने कुछ गुंडों द्वारा हत्या किए जाने का उल्लेख किया है और ससुरालियों द्वारा हत्या का आरोप गायब है। वहीं पुलिस स्तर से अब जांच में सभी ससुरालियों के नाम मुकदमे से हटाए जाने के सीधे-सीधे संकेत हैं।
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सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय के अनुसार कमाल के पिता की ओर से दी गई तहरीर में कमाल के सराय मियां में रहने वाले आठ साले कदीर, शकील, वसीम, सलीम, मुस्तकीम, रफीक, नईम व कलीम और कमाल की पत्नी फरजाना को नामजद किया है। जिसमें आरोप है कि कमाल का अपनी पत्नी फरजाना से चार-पांच दिन पहले विवाद हुआ था। उसी समय फरजाना ने बेटे को जान से मरवाने की धमकी दी थी।
तहरीर में आरोप है कि बहू के कहने पर उसके भाइयों ने ही ये हत्या की है। इस आधार पर पुलिस ने सभी सालों को हत्या व बहू को साजिश का आरोपी बनाकर नामजद मुकदमा दर्ज किया है। हालांकि सीओ का कहना है कि चूंकि साक्ष्यों व आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब कुछ ऐसा बचता नहीं है जो नामजदों के खिलाफ हो। इसलिए विवेचना में नामजदों को क्लीनचिट देने की तैयारी है।
गिरफ्तारी से लेकर परिवार को संतुष्ट करने तक डटे रहे एसएसपी
इस सनसनीखेज घटना की खबर पर एसएसपी कलानिधि नैथानी सबसे पहले जेएन मेडिकल कॉलेज पहुंचे। फिर उन्होंने घटनास्थल देखा और वहां से कमांड कंट्रोल सेंटर पहुंचे। जिस दौरान वे नगर निगम स्थित कंट्रोल सेंटर पहुंचे, उस समय त्योहार के चलते कंट्रोल सेंटर से स्टाफ गायब था।
इस पर उन्होंने जमकर नाराजगी जताई। बाद में वहां स्टाफ पहुंचा और उन्होंने खुद सीसीटीवी की मॉनीटरिंग करते हुए कार का नंबर ट्रैस कर 6 टीमों को लगाया। जब आरोपी की गिरफ्तारी हो गई और मेडिकल कॉलेज में ही ससुरालियों पर आरोप लगा रहे परिवार को थाने बुलाया गया।
वहां उन्हें सीसीटीवी के साक्ष्य दिखाए गए। आरोपी से पूछताछ के आधार पर तथ्य बताए तो परिवार संतुष्ट हुआ। इसके बाद ही एसएसपी वहां से गए। इस दौरान उन्होेंने एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुणावत, सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय की अगुवाई में लगीं नगर व जिले की सर्विलांस/एसओजी टीमों की पीठ ठोंकी।
- प्रारंभिक जांच में ही घटना रोडरेज की समझ में आ रही थी। उसी अनुसार टीमों को लगाया गया था। हालांकि परिवार ने ससुरालियों पर मुकदमा दर्ज कराया। मगर दो घंटे में ही हमारी टीमों ने आरोपी दबोच लिया। पूछताछ में तथ्य साफ हो गए। सीसीटीवी में उसकी कार का आना जाना, कार से उतरना और फायरिंग करना कैद है। हां, अंधेरा होने के कारण कुछ धुंधलापन है। मगर कार का नंबर साफ है और कदकाठी साफ है। इसलिए कुछ बचा नहीं है। इसलिए नामजदों के नाम जांच के आधार पर बरी किए जाएंगे। आरोपी का जेल भेजा गया है। उसका लाइसेंस निरस्त करने को रिपोर्ट दी जा रही है।
- कलानिधि नैथानी, एसएसपी
‘टोपी पहनाने’ के लिए मशहूर है पकड़ा गया ‘रंगबाज’
पकड़े गए आरोपी के विषय में पुलिस पूछताछ व जांच में काफी कुछ उजागर हुआ है। कभी वह खुद को प्रॉपर्टी डीलर बताकर पेश करता है तो कभी पत्रकार बताता है। जांच में पता चला है कि लोगों के तरह तरह के काम कराने और उसके बदले में रुपये लेने में उसे महारथ हासिल है। इलाके में उसके विषय में चर्चा है कि वह लोगों को काम कराने के बदले ‘टोपी पहनाने’ में माहिर है। इस आधार पर पुलिस उसका पुराना क्राइम रिकार्ड खंगाल रही है।
शस्त्र लाइसेंस का दुरुपयोग पड़ सकता है भारी
इस हत्याकांड में लाइसेंसी शस्त्र का प्रयोग होने पर एक बार फिर लाइसेंसी शस्त्र के दुरुपयोग का शोर मचा है। खुद एसएसपी बताते हैं कि अब तक उन्होंने अपने कार्यकाल में 200 ऐसे लोगों के शस्त्र लाइसेंस ऑपरेशन निहत्था के तहत निरस्त कराए हैं, जिनके विषय में आपराधिक गतिविधियों की रिपोर्ट है।
इसके अलावा 200 के निरस्त होने की रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी गई है। जिनका होना बाकी है। वहीं फिलहाल जिले में नए शस्त्र लाइसेंस बनने की प्रक्रिया भी रुकी हुई है। ऐसे में उन्होंने लोगों से अपील की है कि संभव हो सके तो शस्त्र लाइसेंस के दुरुपयोग से बचें। अन्यथा भारी पड़ सकता है।