{"_id":"61cf58e906e444779c2fbfde","slug":"aligarh-sandeep-murder-sketches-of-shooters-circulated-in-haryana-punjab-jails-aligarh-news-ali2819623164","type":"story","status":"publish","title_hn":"संदीप हत्याकांड : हरियाणा-पंजाब की जेलों में प्रसारित किए शूटरों के स्केच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संदीप हत्याकांड : हरियाणा-पंजाब की जेलों में प्रसारित किए शूटरों के स्केच
विज्ञापन
एटा के लिए जरूरी..
संदीप हत्याकांड : हरियाणा-पंजाब की
जेलों में प्रसारित किए शूटरों के स्केच
फरार अंकुश व दुष्यंत की तलाश में गोवा, शिमला, चंडीगढ़ में पुलिस का डेरा
फरारी के दौरान गाजियाबाद पहुंचे अंकुश-दुष्यंत, वहां परिचित से मिलकर भागे
अमर उजाला ब्यूरो
अलीगढ़। अलीगंज के लॉजिस्टिक कारोबारी व सीमेंट कारोबारी संदीप गुप्ता हत्याकांड में फरार मुख्य आरोपी अंकुश-दुष्यंत, उनके दोस्त व शूटरों की तलाश में पुलिस टीमें गोवा, शिमला व चंडीगढ़ में डेरा डाले हैं। वहां सीसीटीवी की मदद से शूटर्स के स्केच भी बनवाए गए हैं, जिन्हें वहां की जेलों में प्रसारित कर उनके चेहरे पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है। इधर, जांच में ये भी पता चला है कि अंकुश व दुष्यंत यहां से फरारी के बाद गाजियाबाद होकर निकले हैं। एक टीम को यह सफलता मिली है कि गाजियाबाद में अंकुश ने किसी से मुलाकात की है। पुलिस अब उसी दिशा में आगे बढ़ रही है। उम्मीद है कि इस दिशा में आगे बढ़ते हुए पुलिस को कोई सफलता हाथ लगे। इधर, संदीप के अलीगढ़ में रहने वाले भतीजे लवेश को स्थायी तौर पर जिले से सुरक्षा दे दी गई है। यह मुकदमे का गवाह भी है।
27 दिसंबर की देर शाम हुई संदीप गुप्ता की हत्या के बाद 29 दिसंबर को यह साफ हो गया था कि यह हत्या किसने और क्यों कराई है। हत्या में सारसौल के ट्रांसपोर्टर राजीव अग्रवाल, उसके बेटे अंकुश और दोस्त दुष्यंत की भूमिका उजागर हुई। हालांकि, राजीव पकड़ा गया, मगर अंकुश व दुष्यंत फरार हैं। उनके साथ रडार पर आए तीन-चार अन्य दोस्त भी फरार हैं। साथ में वे तीन शूटर भी चिह्नित नहीं हुए हैं, जिन्होंने हत्या की। इसी दिशा में पुलिस लगातार काम कर रही है। अब तक की जानकारी के आधार पर पुलिस की टीमें गिरफ्तारी के लिए गोवा, शिमला व चंडीगढ़ का रुख किए हुए हैं। लगातार वहां जानकारियां जुटाई जा रही हैं। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही हैं।
इधर, पुलिस ने शूटरों को चिह्नित करने के लिए सीसीटीवी के वीडियो के आधार पर उनके स्कैच बनवाए हैं, जिन्हें हरियाणा व पंजाब की जेलों में पहचान कराने के लिए प्रसारित कराया जा रहा है। ताकि जेलों से उनके विषय में कोई मदद मिल सके।
विज्ञापन
--
गोवा, शिमला, चंडीगढ़ में न्यू ईयर के जशभन से रुका काम
पुलिस की टीमें हालांकि सुबह गोवा, शिमला व चंडीगढ़ पहुंच गईं। चूंकि गोवा व शिमला पर्यटक स्थल हैं। यहां नए साल का जशभन ज्यादातर होटलों में मनाया जा रहा है। वहां भीड़ अधिक है। इसलिए पुलिस का आज दिन भर का काम वहां रुका रहा है। उम्मीद है कि कल के बाद वहां कोई सफलता हाथ लगे।
--
अलीगढ़ और गाजियाबाद से मिल रहा आगे का इनपुट
पुलिस सूत्रों के अनुसार पुलिस टीम को अलीगढ़ शहर से दुष्यंत व अंकुश के मोबाइल नंबरों की सीडीआर की मदद से कुछ सुराग मिले, जिनके आधार पर जब टीम ने आगे काम किया तो गाजियाबाद तक पहुंची। जहां जानकारी मिली कि अंकुश ने अपने एक परिचित से गाजियाबाद में मुलाकात की है। उसे घटना के विषय में जानकारी भी दी है। इसके आधार पर पुलिस की टीम गाजियाबाद पहुंच गई है और उससे जानकारी जुटाने के आधार पर आगे भी बढ़ी है। मगर अभी पुलिस तथ्यों को छिपाकर काम कर रही है। ताकि उजागर होने पर सफलता में बाधा न पैदा हो।
--
शूटरों से व्हाट्सएप कॉल पर हो रही थी बातचीत
पुलिस ने सर्विलांस की मदद से यह तथ्य जुटा लिया है कि शूटरों से अंकुश की बातचीत व्हाट्सएप कॉल के जरिये हो रही थी। इसलिए उनकी डिटेल मिलने में मुश्किल आ रही है। क्योंकि सर्विलांस में व्हाट्सएप कॉल का विवरण आसानी से नहीं मिलता।
---
-संदीप हत्याकांड में फरार अंकुश-दुष्यंत व अन्य आरोपियों की तलाश में जगह-जगह दबिशें दी जा रही है। प्रयास किए जा रहे हैं कि जल्द ही कोई सफलता हाथ लगेगी।-कलानिधि नैथानी, एसएसपी
विज्ञापन
संदीप हत्याकांड : हरियाणा-पंजाब की
जेलों में प्रसारित किए शूटरों के स्केच
फरार अंकुश व दुष्यंत की तलाश में गोवा, शिमला, चंडीगढ़ में पुलिस का डेरा
फरारी के दौरान गाजियाबाद पहुंचे अंकुश-दुष्यंत, वहां परिचित से मिलकर भागे
अमर उजाला ब्यूरो
अलीगढ़। अलीगंज के लॉजिस्टिक कारोबारी व सीमेंट कारोबारी संदीप गुप्ता हत्याकांड में फरार मुख्य आरोपी अंकुश-दुष्यंत, उनके दोस्त व शूटरों की तलाश में पुलिस टीमें गोवा, शिमला व चंडीगढ़ में डेरा डाले हैं। वहां सीसीटीवी की मदद से शूटर्स के स्केच भी बनवाए गए हैं, जिन्हें वहां की जेलों में प्रसारित कर उनके चेहरे पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है। इधर, जांच में ये भी पता चला है कि अंकुश व दुष्यंत यहां से फरारी के बाद गाजियाबाद होकर निकले हैं। एक टीम को यह सफलता मिली है कि गाजियाबाद में अंकुश ने किसी से मुलाकात की है। पुलिस अब उसी दिशा में आगे बढ़ रही है। उम्मीद है कि इस दिशा में आगे बढ़ते हुए पुलिस को कोई सफलता हाथ लगे। इधर, संदीप के अलीगढ़ में रहने वाले भतीजे लवेश को स्थायी तौर पर जिले से सुरक्षा दे दी गई है। यह मुकदमे का गवाह भी है।
27 दिसंबर की देर शाम हुई संदीप गुप्ता की हत्या के बाद 29 दिसंबर को यह साफ हो गया था कि यह हत्या किसने और क्यों कराई है। हत्या में सारसौल के ट्रांसपोर्टर राजीव अग्रवाल, उसके बेटे अंकुश और दोस्त दुष्यंत की भूमिका उजागर हुई। हालांकि, राजीव पकड़ा गया, मगर अंकुश व दुष्यंत फरार हैं। उनके साथ रडार पर आए तीन-चार अन्य दोस्त भी फरार हैं। साथ में वे तीन शूटर भी चिह्नित नहीं हुए हैं, जिन्होंने हत्या की। इसी दिशा में पुलिस लगातार काम कर रही है। अब तक की जानकारी के आधार पर पुलिस की टीमें गिरफ्तारी के लिए गोवा, शिमला व चंडीगढ़ का रुख किए हुए हैं। लगातार वहां जानकारियां जुटाई जा रही हैं। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही हैं।
विज्ञापन
इधर, पुलिस ने शूटरों को चिह्नित करने के लिए सीसीटीवी के वीडियो के आधार पर उनके स्कैच बनवाए हैं, जिन्हें हरियाणा व पंजाब की जेलों में पहचान कराने के लिए प्रसारित कराया जा रहा है। ताकि जेलों से उनके विषय में कोई मदद मिल सके।
विज्ञापन
--
गोवा, शिमला, चंडीगढ़ में न्यू ईयर के जशभन से रुका काम
पुलिस की टीमें हालांकि सुबह गोवा, शिमला व चंडीगढ़ पहुंच गईं। चूंकि गोवा व शिमला पर्यटक स्थल हैं। यहां नए साल का जशभन ज्यादातर होटलों में मनाया जा रहा है। वहां भीड़ अधिक है। इसलिए पुलिस का आज दिन भर का काम वहां रुका रहा है। उम्मीद है कि कल के बाद वहां कोई सफलता हाथ लगे।
--
अलीगढ़ और गाजियाबाद से मिल रहा आगे का इनपुट
पुलिस सूत्रों के अनुसार पुलिस टीम को अलीगढ़ शहर से दुष्यंत व अंकुश के मोबाइल नंबरों की सीडीआर की मदद से कुछ सुराग मिले, जिनके आधार पर जब टीम ने आगे काम किया तो गाजियाबाद तक पहुंची। जहां जानकारी मिली कि अंकुश ने अपने एक परिचित से गाजियाबाद में मुलाकात की है। उसे घटना के विषय में जानकारी भी दी है। इसके आधार पर पुलिस की टीम गाजियाबाद पहुंच गई है और उससे जानकारी जुटाने के आधार पर आगे भी बढ़ी है। मगर अभी पुलिस तथ्यों को छिपाकर काम कर रही है। ताकि उजागर होने पर सफलता में बाधा न पैदा हो।
--
शूटरों से व्हाट्सएप कॉल पर हो रही थी बातचीत
पुलिस ने सर्विलांस की मदद से यह तथ्य जुटा लिया है कि शूटरों से अंकुश की बातचीत व्हाट्सएप कॉल के जरिये हो रही थी। इसलिए उनकी डिटेल मिलने में मुश्किल आ रही है। क्योंकि सर्विलांस में व्हाट्सएप कॉल का विवरण आसानी से नहीं मिलता।
---
-संदीप हत्याकांड में फरार अंकुश-दुष्यंत व अन्य आरोपियों की तलाश में जगह-जगह दबिशें दी जा रही है। प्रयास किए जा रहे हैं कि जल्द ही कोई सफलता हाथ लगेगी।-कलानिधि नैथानी, एसएसपी