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दीपिका की ‘छपाक’ संग दिखेंगी अलीगढ़ की शीरोज

Tue, 24 Dec 2019 07:51 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 24 Dec 2019 07:51 PM IST
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Aligarh's Sheroes will be seen in Chhapaak Film
छपाक फिल्म के एक दृश्य में दीपिका पादुकोण के साथ खड़ीं अलीगढ़ की शीरोज जीतू शर्मा। - फोटो : CITY OFFICE
राजा तिवारी।
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दस जनवरी को रिलीज होने वाली तेजाब हमले की पीड़िताओं के जीवन पर बनी फिल्म छपाक में दीपिका पादुकोण के साथ अलीगढ़ के बरौला जाफराबाद की शीरोज जीतू शर्मा नजर आएंगी। उनके साथ लखनऊ की कुंती, रोहतक की रितू और बिजनौर की बाला भी फिल्म में अहम किरदार में हैं। यह फिल्म तेजाब पीड़िताओं के संघर्षपूर्ण जीवन के इर्द-गिर्द घूमती है। तेजाब हमले के बाद लोग पीड़िताओं को किस नजरिये से देखते हैं और कैसा व्यवहार करते हैं, इसका बेहद चित्रण किया गया है।
जीतू शर्मा ने बताया कि वह और अन्य तीन लड़कियां दीपिका पादुकोण की सहेलियां बनी हैं। फिल्म छांव फाउंडेशन के संघर्ष की दास्तां को बयां करेगी। 20 रुपये की तेजाब की बोतल किस प्रकार युवती की पूरी जिंदगी खराब कर देती है। हादसे को किसी प्रकार झेल भी लें, लेकिन समाज उस हादसे को भूलने नहीं देता है। लोग आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हैं। शादी न होने के ताने देते हैं। इन सब से जीवन काफी संघर्षपूर्ण हो जाता है। फिल्म का संदेश रहेगा कि बाजारों में तेजाब नहीं बिकना चाहिए। चेहरा ही खराब होता है, हौसले नहीं टूट सकते हैं। उन लड़कियों को संदेश दिया जाएगा। जो छोटी-छोटी दिक्कतों से आत्महत्या कर लेती हैं।
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शीरोज का मतलब शी-हीरोज
छांव फाउंडेशन ने तेजाब पीड़िताओं को शीरोज के नाम से संबोधित किया। इसके मायने हैं कि शी-हीरोज। तेजाब पीड़िताएं नहीं, यह हीरो हैं। जीतू शर्मा ने भी कहा कि सभी दुनिया से खुद ही फाइट कर रहे हैं। सभी पीड़िताएं नहीं फाइटर हैं। इसलिए उन्हें शीरोज नाम पसंद है।
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#अब लड़ना है...
फिल्म के पोस्टर के जरिये पीड़िताओं को लड़ने का संदेश दिया जा रहा है। कहा जा रहा कि अगर हादसा हो जाए तो चुप बैठने की जरूरत नहीं है। समाज का डटकर सामना करना चाहिए और कानून के अनुसार अपना अधिकार मांगना चाहिए। इसलिए #अब लड़ना है, से सोशल मीडिया पर मुहिम चलाई जा रही है।

छांव फाउंडेशन का है अहम किरदार
रितु शर्मा ने बताया कि फिल्म में छांव फाउंडेशन का संघर्ष दिखाया गया है। छांव फाउंडेशन के रीच आउट अधिकारी दुर्गा प्रसाद शुक्ला ने बताया कि फाउंडेशन 2013 से तेजाब पीड़िताओं और तेजाब बिक्री को लेकर कार्य कर रहा है। आंदोलन भी किया गया। आंदोलन का दृश्य में फिल्म के टीजर में भी दिख रहा है। छांव फाउंडेशन शीरोज हैंगआउट का संचालन करता है। इसके तहत आगरा व लखनऊ में कैफे संचालित किए जा रहे हैं। यहां 100 से ज्यादा पीड़िताएं हैं। यहीं से स्टॉप एसिड अटैक कैंपेन चलाकर लोगों को वीभत्स घटनाओं को लेकर जागरूक किया जा रहा है।

छपाक फिल्म में डेब्यू कर रहीं लखनऊ निवासी कुंति

छपाक फिल्म में डेब्यू कर रहीं लखनऊ निवासी कुंति- फोटो : CITY OFFICE

छपाक फिल्म में डेब्यू कर रहीं रोहतक निवासी रितु।

छपाक फिल्म में डेब्यू कर रहीं रोहतक निवासी रितु।- फोटो : CITY OFFICE

बिजनौर निवासी छपाक फिल्म की किरदार बाला।

बिजनौर निवासी छपाक फिल्म की किरदार बाला। - फोटो : CITY OFFICE

अलीगढ़ के बरौला जाफराबाद निवासी छपाक फिल्म की कलाकार जीतू शर्मा।

अलीगढ़ के बरौला जाफराबाद निवासी छपाक फिल्म की कलाकार जीतू शर्मा। - फोटो : CITY OFFICE

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