फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Aligarh: Ruckus over patient's death, hospital ransacked, GT road jammed

अलीगढ़ : मरीज की मौत पर बवाल, अस्पताल में तोडफ़ोड़, जीटी रोड जाम

Mon, 04 Oct 2021 01:28 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 04 Oct 2021 01:28 AM IST
सार

जीवन ज्योति अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान ओवरडोज का आरोप, नोएडा रेफर किया, वहां हुई मौत।

विज्ञापन
Aligarh: Ruckus over patient's death, hospital ransacked, GT road jammed
demo pic... - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

महानगर के बन्नादेवी क्षेत्र में सारसौल चौराहा स्थित जीवन ज्योति अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान मरीज की हालत बिगड़ऩे और नोएडा में शनिवार रात मौत हो जाने पर बखेड़ा खड़ा हो गया। रविवार देर शाम नोएडा से शव लेकर आए परिजनों ने जीवन ज्योति अस्पताल पर पहुंचकर तोडफ़ोड़ करते हुए अस्पताल के सामने जीटी रोड पर शव रखकर जाम लगा दिया।

विज्ञापन


इस दौरान अस्पताल डॉक्टर व प्रबंधन के खिलाफ उग्र नारेबाजी करते हुए तत्काल मुकदमा व गिरफ्तारी की मांग करते हुए जमकर हंगामा किया। दो घंटे तक चले समझाने व मनाने के प्रयास पर भी पब्लिक नहीं मानी। बाद में तत्काल मुकदमा दर्ज किए जाने और एफआईआर की कॉपी मिलने के बाद ही जाम खुला। देर रात शव एंबुलेंस में रखकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था। जहां पोस्टमार्टम की तैयारी की जा रही थी।
विज्ञापन


गैर इरादतन हत्या की धारा में मुकदमा
सीओ द्वितीय मोहसिन खान के अनुसार परिवार की ओर से जो मांगें रखी गई थीं, उन्हें मान लिया गया है। सत्यदेव के बेटे प्रिंस की तहरीर पर जीवन ज्योति अस्पताल के डॉक्टर व स्टाफ के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पोस्टमार्टम पैनल के जरिये कराया जा रहा है। बाकी सभी तथ्यों की जांच व पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर आगे कार्रवाई होगी। फिलहाल सुरक्षा व जांच के लिहाज से अस्पताल बंद करा रखा है और फोर्स तैनात है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मामले में परिवार को मुख्यमंत्री सहायता राहत कोष से मुआवजा दिलाया जाएगा। पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। जांच के आधार पर अन्य कार्रवाई भी होंगी।
-राकेश कुमार मालपाणी, एडीएम सिटी

साइबर सेल को मिली कामयाबी

अलीगढ़ जिला पुलिस की साइबर सेल को ऑनलाइन साइबर ठगी करने वाले गैंग के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है। दिल्ली में बैठकर ठगी करने वाले गैंग के चार हैकर पुलिस ने गिरफ्तार किए हैं। पुलिस ने गांधीपार्क में दर्ज ठगी के एक मुकदमे की जांच में यह कार्रवाई की है। पकड़े गए गैंग के कुछ हैकर अभी फरार हैं, जो पुलिस के रडार पर हैं। पूछताछ में सामने आया है कि इस गैंग का यूपी-एनसीआर के हर जिले में अपना नेटवर्क है। वहां के निजी बैंकों के एजेंटों के जरिये ये लोग डेटा लेते हैं और फिर लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं।

एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुणावत ने रविवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गांधीपार्क में 23 सितंबर को संजय गुप्ता ने अपने साथ हुई ऑनलाइन ठगी का मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें आरोप था कि उनके क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के संबंध में एक कॉल आया था। उस कॉल करने वाले ने एकाउंट की जानकारी लेकर उनके खाते से 53 हजार 198 रुपये पार कर दिए। 

मुकदमे के आधार पर जब साइबर सेवा केंद्र के एसआई राकेश कुमार व उनकी टीम ने जांच शुरू की तो पाया गया कि रुपये एक मोबिविंक मर्चेंट एकाउंट में ट्रांसफर हुए हैं। उस मोबिविंक मर्चेंट एकाउंट से रुपये अमरोहा बिहारीपुर के अनूप कुमार के एसबीआई खाते में ट्रांसफर हुए। एसपी सिटी के अनुसार यह जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने अनूप की मदद से पूरे गैंग को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए गैंग में अनूप के अलावा दिल्ली उत्तम नगर नरैला का किशन कश्यप उर्फ करन, उसका भाई देवराज व अनूप का भाई कुलदीप शामिल हैं।

पूछताछ में पाया कि किशन कश्यप इस गैंग का सरगना है। वह करीब एक साल से इस धंधे में है। इससे पहले वह एक कॉल सेंटर चलाता था। मगर पुलिस की नजर में आने और एक बार पकड़े जाने के चलते उसने कॉल सेंटर बंद कर दिया। अब होटल में कमरे लेकर वहीं से कॉल सेंटर ऑपरेट करता है। किशन के अनुसार वह विभिन्न शहरों में फैले अपने एजेंटों से क्रेडिट कार्ड धारकों का ब्योरा लेकर अपनी गैंग में शामिल लड़कियों से उन्हें क्रेडिट लिमिट बढ़वाने के नाम पर कॉल कराया जाता है। फिर उनका ब्योरा लेकर उनके खाते से रुपये उड़ाए जाते हैं। ये रुपये पहले मोबिविंक खातों में आते हैं। फिर उन्हें किराये पर लिए गए बैंक खातों में पहुंचाया जाता है। 

बैंक खाते के मालिक को ठगी की रकम का दस फीसद कमीशन दिया जाता है। खाता धारक एटीम से रुपये निकालकर शेष रकम किशन के पास पहुंचाता है। खाते किराये पर लेने का काम देवराज, कुलदीप करते हैं। इसके अलावा इस काम में जो सिम प्रयोग होते हैं, वह भी किशन झुग्गी झोपडिय़ों में रहने वाले लोगों के नाम से उन्हें रुपये देकर लेता है। एसपी सिटी के अनुसार चारों को रविवार को रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेशी के बाद जेल भेज दिया गया। इनके पास से 11 मोबाइल, 47 सिम, 5 एटीएम कार्ड, 2290 रुपये नकद, 2 रजिस्टर व दो पेज क्रेडिट कार्ड विवरण मिला है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed