सब्जियों का राजा: जेवर एयरपोर्ट से विदेश पहुंचेगा अलीगढ़ का आलू, यूपी के 17 जिलों को मिलेगा लाभ
अलीगढ़ से 30 टन आलू जल्द बहरीन भेजने की तैयारी है। इसमें फ्राई सोना और फ्राई होम किस्में शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल फ्रेंच फ्राइज और चिप्स बनाने में होता है।
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अलीगढ़ के आलू को अब विदेशी बाजार तक पहुंचाने का रास्ता जेवर एयरपोर्ट से खुलेगा। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आलू निर्यात की प्रक्रिया और सर्टिफिकेशन के लिए अलग भवन बनाया जाएगा। इससे किसानों और एफपीओ को निर्यात से जुड़ी जरूरी प्रक्रियाओं के लिए दूसरे शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
शनिवार को आगरा में आयोजित अंतरराज्यीय आलू क्रेता-विक्रेता सम्मेलन में प्रदेश के उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने इसकी घोषणा की। उद्यान विभाग के मुताबिक, इसका लाभ प्रदेश के 17 प्रमुख आलू उत्पादक जिलों को मिलने की उम्मीद है। उप निदेशक उद्यान डॉ. बलजीत सिंह ने बताया कि जिला मुख्यालय से करीब 76 किलोमीटर दूर जेवर एयरपोर्ट अलीगढ़ के लिए बेहतर विकल्प है।
पलवल हाईवे और यमुना एक्सप्रेसवे से इसकी कनेक्टिविटी होने के कारण स्थानीय एफपीओ और किसान यहां से आलू को विदेशी बाजारों तक भेज सकेंगे। जिले में इस समय करीब 6.5 लाख टन आलू 126 कोल्ड स्टोर में भंडारित है। इसे खपाने के लिए ओडिशा समेत दूसरे राज्यों के खरीदारों से बातचीत चल रही है। आगरा में आयोजित क्रेता-विक्रेता सम्मेलन में दूसरे राज्यों के कारोबारियों से भी बातचीत हुई। विभाग को उम्मीद है कि इससे अलीगढ़ के किसानों को ओडिशा समेत दूसरे राज्यों में नए खरीदार मिलेंगे।
पहले लखनऊ से भेजा, अब जेवर से भेज सकेंगे
- एग्री शाइन एफपीओ के संचालक जितेंद्र अवस्थी ने बताया कि हाल ही में उन्होंने 12 क्विंटल आलू हवाई जहाज से बहरीन भेजा था। इसके लिए लखनऊ एयरपोर्ट जाना पड़ा। जेवर से निर्यात की सुविधा शुरू होने पर अलीगढ़ के किसानों और एफपीओ को लखनऊ की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
- कोमलिका एफपीओ के संचालक कैप्टन आरपी पचौरी ने कहा कि आलू की बड़ी बेल्ट में ही निर्यात की सुलभ सुविधा मिलने से किसानों को बड़ा फायदा होगा।
- अलीगढ़ कोल्ड स्टोर्स ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गिर्राज गोदानी ने कहा कि निर्यात की सुविधा बढ़ने से किसानों को बेहतर बाजार मिलेंगे और आलू की बेहतर किस्मों की ओर भी रुझान बढ़ेगा।
भाव गिरा तो 100 रुपये प्रति क्विंटल की राहत
आलू के भाव में उतार-चढ़ाव से किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने 1000 करोड़ रुपये का भामाशाह भावांतर कोष बनाया है। इसके तहत किसानों को 100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से सीधे बैंक खाते में भुगतान किया जाएगा। कोल्ड स्टोर के किराये में राहत के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बलभद्र शीतगृह, खैर के संचालक श्रीकांत शर्मा ने बताया कि भावांतर योजना किसानों को बाजार में भाव गिरने की स्थिति में बड़ी राहत दे सकती है। कोल्ड स्टोर किराये में राहत के लिए किसान आवेदन भी कर रहे हैं।
30 टन आलू जाएगा बहरीन
अलीगढ़ से 30 टन आलू जल्द बहरीन भेजने की तैयारी है। इसमें फ्राई सोना और फ्राई होम किस्में शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल फ्रेंच फ्राइज और चिप्स बनाने में होता है। एग्री शाइन एफपीओ के संचालक जितेंद्र अवस्थी ने बताया कि इस बार आलू कंटेनर के जरिये समुद्री मार्ग से बहरीन भेजा जाएगा।