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अलीगढ़ : देरी से अस्पताल में आने के कारण दम तोड़ देते हैं मरीज

Thu, 03 Dec 2020 12:24 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 03 Dec 2020 12:24 AM IST
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Aligarh: patients die due to late arrival in hospital
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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कोरोना वायरस से जनपद में अभी तक 51 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से 15 से 20 प्रतिशत लोगों की मौत देरी से अस्पताल आने के कारण हुई है। समय रहते अस्पताल पहुंच जाते तो इनमें से कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
अभी सर्दी का समय है। सर्दी, खांसी, जुकाम या बुखार होने पर हम नार्मल मानकर टेस्ट नहीं कराते हैं। खासकर मधुमेह, हृदय, किडनी और सांस आदि रोग से ग्रसित बुजुर्गों के मामले में तो कोई लापरवाही और भी खतरनाक है। मृतकों में 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की संख्या अधिक है। अधिकतर मरीज कोरोना के अतिरिक्त किसी न किसी दूसरी बीमारी से पीड़ित थे। सीएमओ डॉ. बीपी सिंह कल्याणी का कहना है कि देरी से पहुंचने वाले कुछ गंभीर मरीजों की मृत्यु एक से छह-सात घंटे के अंदर हो गई। कुछ मरीज आईसीयू में एक से लेकर दो-चार दिन तक मौत से लड़ते रहे।
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मधुमेह, किडनी, सांस व हृदय आदि से पीड़ित ज्यादा उम्र के व्यक्तियों की मृत्यु दर अधिक है। यहां उपचार का बेहतर इंतजाम एवं होम आइसोलेशन की अनुमति नहीं होने से भी तुलनात्मक रूप से दूसरे कई शहरों से मृत्यु दर कम है। केस बिगड़ जाने के बाद अस्पताल पहुंचना भी मौत का एक बड़ा कारण है। अनुमानित तौर पर 15 से 20 प्रतिशत लोगों की मृत्यु देरी से पहुंचने के कारण हुई है।
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- डॉ. बीपी सिंह कल्याणी, सीएमओ
खतरे से बचने के लिए जांच ही सबसे अच्छा उपचार है। किसी तरह का लक्षण होने पर जांच में कोताही न करें। सरकार द्वारा नि:शुल्क जांच का इंतजाम है। समय पर अस्पताल नहीं आने और देरी से उपचार मिलने के कारण भी मरीजों की मौत हो जाती है। हाई रिस्क मरीजों का तो विशेष ख्याल रखें। मरने वालों में मधुमेह और सांस के रोगी अधिक हैं। कोरोना से बचने के लिए मास्क एवं दूरी का ख्याल रखें।

- डॉ. एबी सिंह, सीएमएस, पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय
करीब 15 प्रतिशत लोगों की मृत्यु समय पर अस्पताल नहीं पहुंचने के कारण होती है। एक्यूट रेस्पिरेटरी डिजीज सिंड्रोम स्टेज के पहले मरीज अस्पताल पहुंच जाए तो वह काफी हद तक सुरक्षित है। बुखार या किसी तरह का लक्षण हो तो जांच कराएं। डर व संकोच छोड़े। जेएन मेडिकल कॉलेज में वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है। जब तक वैक्सीन न आ जाए तब बेहद सावधान रहने की जरूरत है।
- प्रो. मो. शमीम, जेएन मेडिकल कॉलेज
अलीगढ़ की स्थिति....
- अब तक संक्रमित मरीज - 10645
- अब तक स्वस्थ - 10233
- सक्रिय - 360
- अब तक जांच - 3.44 लाख
- मौत - 51 (सरकारी आंकड़े)
नोट... यह आंकड़ा 1 दिसंबर 2020 की है।
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