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सैनिक के सम्मान के साथ अंतिम संस्कार को लेकर अलीगढ़-पलवल मार्ग पर लगाया जाम
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भारतीय नौसेना के कोच्चि (केरल) स्थित नौसैनिक अड्डे पर तैनात गांव जरैलिया निवासी नौसैनिक तुषार का शव घटना के 72 घंटे बाद गांव पहुंचा। सैनिक का निजी एंबुलेंस से शव को लाने पर परिजन भड़क गए। उन्होंने इसे सैनिक बेटे का अपमान बताया। परिजनों ने शव लेने से इंकार कर दिया। नाराजगी जाहिर करते हुए जट्टारी पहुंची हजारों लोगों की भीड़ ने सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार करने की मांग करते हुए शव को मार्ग पर रख अलीगढ़-पलवल फोरलेन पर सुबह सात बजे जाम लगा दिया। काफी मान मनौव्वल के बाद जब अलीगढ़ से पहुंची टीम ने पूरे सम्मान और सलामी देकर सैनिक तुषार का अंतिम संस्कार किया, तब जाम खुल सका। तुषार के परिजनों ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।
गौरतबल हो कि बीते मंगलवार की सुबह साढ़े चार बजे कोच्चि से नौसेना के अधिकारियों ने फोन कर पिता अशोक कुमार को बताया कि तुषार अब इस दुनिया में नहीं रहा। घर के इकलौते चिराग की मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। जब 72 घंटे बाद निजी एंबुलेंस से तुषार का शव गांव पहुंचा तो परिजन और ग्रामीण भड़क गए। हजारों लोगों की भीड़ ने सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार करने की मांग करते हुए शव को मार्ग पर रख अलीगढ़-पलवल फोरलेन पर सुबह सात बजे जाम लगा दिया। जानकारी मिलते ही टप्पल पुलिस के साथ सीओ खैर शिव प्रताप सिंह मौके पर पहुंच गए। परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन एक नहीं सुनीं।
कुछ ही देर में तहसीलदार ऊषा देवी, एसडीएम खैर अंजनी कुमार के साथ जट्टारी, टप्पल, पिसावा, कई थानों की पुलिस फोर्स पहुंच गई। धरने पर पहुंचे खैर विधायक अनूप प्रधान ने सैनिक के परिजनों को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन नहीं माने। परिजनों ने प्रशासन पर डराने धमकाने का भी आरोप लगाया। इसके बाद विधायक भी परिजनों के साथ धरने पर बैठ गए। कस्बा जट्टारी का बाजार पूरी तरह से बंद हो गया और व्यापारी भी धरने में शामिल हो गए। युवाओं की भीड़ ने सैनिक तुषार के सम्मान में भारत माता की जय, वंदे मातरम, तुषार अत्री अमर रहे जैसे नारे लगाए।
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एसडीएम अंजनी कुमार ने एसएसपी से वार्ता कर परिजनों से तुषार का अंतिम संस्कार पूरे सम्मान के साथ कराने की बात कही। तुषार की मौत की जांच सांसद सतीश गौतम और डीएम के सहयोग से कराने का परिजनों को आश्वासन दिया गया। करीब 3 घंटे बाद सैनिक के शव को रोड से हटाया और अंतिम संस्कार के लिए गांव ले गए। अलीगढ़ से पहुंची टीम ने पूरे सम्मान और सलामी देकर किया सैनिक तुषार का अंतिम संस्कार किया। अलीगढ़ पलवल मार्ग पर घटों जाम से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। इस दौरान राहगीरों को भीषण गर्मी में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। एक एंबुलेंस भी जाम में फंसी रही। इस दौरान सांसद सतीश गौतम, विधायक अनूप प्रधान, पूर्व विधायक भगवती प्रसाद सूर्यवंशी, भाजपा नेता कृष्णपाल सिंह उर्फ लाला, रालोद नेता संजय दिवाकर एडवोकेट, ओमपाल सूर्यवंशी, पूर्व चेयरमैन चौधरी मनवीर सिंह, भाकियू जिलाध्यक्ष विमल तोमर, कमांडो ओपी सिंह, रणधीर सिंह प्रधान, चन्द्रभान सिंह प्रधान, ओमप्रकाश उर्फ लाला, दलवीर सिंह बाल्यान, राजपाल सिंह फौजी आदि हजारों लोगों ने तुषार को सलामी दी।
पिता अशोक कुमार बोले बेटा आत्महत्या नहीं कर सकता
हजियापुर। पिता अशोक कुमार का कहना है कि उनका बेटा तुषार कभी आत्महत्या नहीं कर सकता। उसके शरीर में तीन गोलियां लगी हुई हैं। वह देश के लिए शहीद हुआ है। तुषार की मौत की सीबीआई जांच होनी चाहिए। पिता ने बताया कि वह 23 जून को ही गांव से छुट्टियां काटकर गया था। उसने परिवार और दोस्तों के साथ 20 जून को अपना जन्मदिन भी धूमधाम से मनाया था। मौत की सूचना मिलने से एक घटे पहले ही पिता अशोक कुमार की तुषार से बात हुई थी। पूर्व सैनिक संगठन ने राजपाल सिंह फौजी के नेतृत्व में प्रशासन से तुषार की मौत की सीबीआई जांच कराने की मांग की। वहीं, नौसेना के अधिकारियों ने इसे आत्महत्या बताया है।
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गौरतबल हो कि बीते मंगलवार की सुबह साढ़े चार बजे कोच्चि से नौसेना के अधिकारियों ने फोन कर पिता अशोक कुमार को बताया कि तुषार अब इस दुनिया में नहीं रहा। घर के इकलौते चिराग की मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। जब 72 घंटे बाद निजी एंबुलेंस से तुषार का शव गांव पहुंचा तो परिजन और ग्रामीण भड़क गए। हजारों लोगों की भीड़ ने सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार करने की मांग करते हुए शव को मार्ग पर रख अलीगढ़-पलवल फोरलेन पर सुबह सात बजे जाम लगा दिया। जानकारी मिलते ही टप्पल पुलिस के साथ सीओ खैर शिव प्रताप सिंह मौके पर पहुंच गए। परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन एक नहीं सुनीं।
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कुछ ही देर में तहसीलदार ऊषा देवी, एसडीएम खैर अंजनी कुमार के साथ जट्टारी, टप्पल, पिसावा, कई थानों की पुलिस फोर्स पहुंच गई। धरने पर पहुंचे खैर विधायक अनूप प्रधान ने सैनिक के परिजनों को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन नहीं माने। परिजनों ने प्रशासन पर डराने धमकाने का भी आरोप लगाया। इसके बाद विधायक भी परिजनों के साथ धरने पर बैठ गए। कस्बा जट्टारी का बाजार पूरी तरह से बंद हो गया और व्यापारी भी धरने में शामिल हो गए। युवाओं की भीड़ ने सैनिक तुषार के सम्मान में भारत माता की जय, वंदे मातरम, तुषार अत्री अमर रहे जैसे नारे लगाए।
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एसडीएम अंजनी कुमार ने एसएसपी से वार्ता कर परिजनों से तुषार का अंतिम संस्कार पूरे सम्मान के साथ कराने की बात कही। तुषार की मौत की जांच सांसद सतीश गौतम और डीएम के सहयोग से कराने का परिजनों को आश्वासन दिया गया। करीब 3 घंटे बाद सैनिक के शव को रोड से हटाया और अंतिम संस्कार के लिए गांव ले गए। अलीगढ़ से पहुंची टीम ने पूरे सम्मान और सलामी देकर किया सैनिक तुषार का अंतिम संस्कार किया। अलीगढ़ पलवल मार्ग पर घटों जाम से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। इस दौरान राहगीरों को भीषण गर्मी में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। एक एंबुलेंस भी जाम में फंसी रही। इस दौरान सांसद सतीश गौतम, विधायक अनूप प्रधान, पूर्व विधायक भगवती प्रसाद सूर्यवंशी, भाजपा नेता कृष्णपाल सिंह उर्फ लाला, रालोद नेता संजय दिवाकर एडवोकेट, ओमपाल सूर्यवंशी, पूर्व चेयरमैन चौधरी मनवीर सिंह, भाकियू जिलाध्यक्ष विमल तोमर, कमांडो ओपी सिंह, रणधीर सिंह प्रधान, चन्द्रभान सिंह प्रधान, ओमप्रकाश उर्फ लाला, दलवीर सिंह बाल्यान, राजपाल सिंह फौजी आदि हजारों लोगों ने तुषार को सलामी दी।
पिता अशोक कुमार बोले बेटा आत्महत्या नहीं कर सकता
हजियापुर। पिता अशोक कुमार का कहना है कि उनका बेटा तुषार कभी आत्महत्या नहीं कर सकता। उसके शरीर में तीन गोलियां लगी हुई हैं। वह देश के लिए शहीद हुआ है। तुषार की मौत की सीबीआई जांच होनी चाहिए। पिता ने बताया कि वह 23 जून को ही गांव से छुट्टियां काटकर गया था। उसने परिवार और दोस्तों के साथ 20 जून को अपना जन्मदिन भी धूमधाम से मनाया था। मौत की सूचना मिलने से एक घटे पहले ही पिता अशोक कुमार की तुषार से बात हुई थी। पूर्व सैनिक संगठन ने राजपाल सिंह फौजी के नेतृत्व में प्रशासन से तुषार की मौत की सीबीआई जांच कराने की मांग की। वहीं, नौसेना के अधिकारियों ने इसे आत्महत्या बताया है।