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बारिश से कचौड़ियों का स्वाद हुआ कसैला, चाय पड़ी ठंडी

Sat, 24 Sep 2022 12:34 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 24 Sep 2022 12:34 AM IST
सार

कई दिनों से शहर की सुबह सूर्यदेव के दर्शन से नहीं, बल्कि बारिश के साथ हो रही है।पिछले पांच दिन से लोग कचौड़ियों का स्वाद नहीं ले पा रहे हैं, जबकि यहां के लोगों के नाश्ते की शुरूआत कचौड़ी से ही होती है।वहीं, श्राद्ध के लिए इमरती लाना भी मुश्किल हो रहा है।

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गूलर रोड स्थित दुकान के ऊपर बैठकर पानी निकलने का इंतजार करते जगदीश । - फोटो : CITY OFFICE

विस्तार

कई दिनों से शहर की सुबह सूर्यदेव के दर्शन से नहीं, बल्कि बारिश के साथ हो रही है। शुक्रवार को भी कुछ ऐसा ही हाल था। सुबह लोगों की नींद खुली तो झमाझम बारिश हो रही थी। लगातार बारिश से रोजमर्रा की जिंदगी ठहर सी गई है। सुबह की चहलकदमी थम गई है। सड़क किनारे दुकानों पर चाय की चुस्कियां नहीं दिख रही है। लोग घरों में सिमटकर रह गए हैं। शहर की गली, चौराहे भी बारिश के शोर में गुम हो गए हैं।
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सुबह से गुलजार रहने वाले शहर के तमाम चौराहे जलभराव में डूबे हैं। ऐसे में कचौड़ियों की दुकानें भी बंद हैं। पिछले पांच दिन से लोग कचौड़ियों का स्वाद नहीं ले पा रहे हैं, जबकि यहां के लोगों के नाश्ते की शुरूआत कचौड़ी से ही होती है। वहीं, श्राद्ध के लिए इमरती लाना भी मुश्किल हो रहा है। श्राद्ध के लिए पंडितजी को सुबह के लिए निमंत्रण दिया जाता है तो वो दोपहर तक मुश्किल से पहुंच पा रहे हैं।
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बुजुर्गों का कहना है कि ऐसे हालात उन्होंने 50 साल में भी नहीं देखे। दिहाड़ी मजदूरों के सामने तो फांके की स्थिति उत्पन्न होने लगी है। निर्माण कार्य आदि ठप पड़े हैं। नवरात्र से पहले रंगाई-पुताई आदि का कार्य होने लगता है, लेकिन बारिश की वजह से कारीगर और मजदूर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। अब तो हर कोई यह कहने लगा है कि यह बारिश आफत बनकर आई है।
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शुक्रवार को सुबह आठ बजे नगला तिकोना निवासी अंगूरी देवी का बेटा कान्हा साइकिल लेकर काम के लिए निकल रहा था, तभी चारपाई पर बैठी अंगूरी देवी चिल्ला पड़ीं। बोलीं, इंद्रदेव प्रलय करके मानेंगे। कहां, तुम्हें इस बरसात में काम मिल रहा है। घर से मत निकलो। कमोबेश, शहर का यही हाल है। किशनपुर तिराहे पर बैठे बुजुर्ग बनवारी लाल बोले, दो दिन हो गए मगर तिराहे पर चाय नहीं मिली। बारिश के चलते शहर के अतरौली अड्डे पर लगने वाली चाय की चौपाल अब नदारद है। मीनाक्षी पुल पर वाहनों की लंबी कतार लगी मिली। गांधी पार्क चौराहे पर मजदूरी की तलाश में अतरौली से पहुंचे रमेश, बनवारी, हरदुआगंज के मुकेश, राजन और बाबू परेशान मिले। बोले, चार दिन से कोई काम नहीं मिल रहा है। किराये-भाड़े में जेब से पैसे खर्च हो रहे हैं। अगर बारिश का यही हाल रहा तो भूखे मरने की नौबत आ जाएगी।

जलभराव के कारण यहां कम रहा आवागमन
बारिश से दुबे का पड़ाव, अचल ताल, मामू भांजा, रेलवे रोड, महावीरगंज, बारहद्वारी, रघुवीरपुरी, सराय रहमान, रसलगंज, शाहजमाल, देहलीगेट, महेंद्र नगर, बैंक कॉलोनी, खिरनीगेट, छर्रा अड्डा पुल, गुरुद्वारा रोड, सुुरेंद्र नगर, विष्णुपुरी, रावण टीला, गोविंद नगर, देवी नगला, एटा चुंगी, विकास नगर, चंदनियां, नगला तिकोना, मानसरोवर, ज्ञानसरोवर, सौ फुटा रोड, रामघाट रोड, एडीए स्वर्ण जयंती कॉलोनी, स्टेशन रोड, सेंटर प्वाइंट चौराहा, समद रोड, मैरिस रोड, दीवानी गेट, तस्वीर महल चौराहा, कंट्रोल रूम, अमीर निशा, दोदपुर, लक्ष्मी बाई मार्ग, केला नगर, मेडिकल रोड, सर सैय्यद नगर, जमालपुर, पीएसी रोड, अनूपशहर रोड आदि समेत कई प्रमुख मार्गों पर जलभराव के कारण आवागमन बेहद कम था।
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