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अलीगढ़ : बाजार में अधिक दाम मिलने से गेहूं क्रय केंद्रों पर सन्नाटा

Fri, 22 Apr 2022 01:09 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 22 Apr 2022 01:09 AM IST
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Aligarh news
सोमना स्थित सरकारी गेहूं क्रय केंद्र पर पसरा सन्नाटा। - फोटो : CITY OFFICE
खुले बाजार में गेहूं के दामों में तेजी के चलते जिले के 99 गेहूं क्रय केंद्रों पर तीन सप्ताह बाद भी सन्नाटा पसरा पड़ा है। किसानों को अपनी उपज का घर पर ही बढ़िया मूल्य मिल रहा है। जिससे वे सरकारी खरीद के झंझट में नहीं पड़ रहे हैं। सरकारी आंकड़ों में एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू हो गया है, लेकिन क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद तेजी नहीं पकड़ पा रही है।
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सरकार ने इस बार गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2015 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है। भुगतान के लिए 72 घंटे का समय निर्धारित किया गया है। हालांकि सरकार की घोषणा के विपरीत किसानों को कई-कई दिन बाद भी भुगतान नहीं मिल पा रहा है। जबकि खुले बाजार में गेहूं की कीमत 2200 से लेकर 2350 रुपये तक है। ऐसे में किसानों का रुख सरकारी क्रय केंद्रों की बजाए मंडी में आढ़ती व कारोबारियों की ओर है। किसानों को न केवल यहां गेहूं बेचते ही नकद भुगतान मिल रहा है। व्यापारियों ने किसानों की उपज को खेत व घर से खरीदने की सुविधा भी दे रखी है। इससे धनीपुर मंडी, हरदुआगंज, छर्रा, अतरौली, इगलास, खैर, गभाना आदि में आढ़तियों के यहां गेहूं की जमकर खरीद हो रही है।
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- सोमना क्रय केंद्र पर चार अप्रैल 84 क्विंटल गेेहूं बेचा था। जिसका नियमानुसार 72 घंटे में भुगतान मिल जाना चाहिए था, लेकिन भुगतान पाने के लिए चक्कर काटने पड़ रहे हैं। आढ़ती को बेचते तो नकद भुगतान के साथ ही ज्यादा मूल्य भी मिल जाता।
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- श्यौराज सिंह, किसान, बलवंत नगलिया
सरकारी क्रय केंद्र पर पांच अप्रैल को 53 क्विंटल गेहूं बेचा था। आज तक भुगतान नहीं मिल सका है। यहां गेहूं बेचकर काफी नुकसान हुआ है। बाजार में गेहूं का मूल्य करीब 200-250 रुपये तक अधिक है।

- ज्ञानेंद्र सिंह, किसान भूपाल नगलिया
- बाजार में गेहूं का दर सरकारी दर से अधिक है। इसके चलते सरकारी गेहूं की खरीद लक्ष्य से कम हो पा रही है। सभी क्रय केंद्रों पर बेहतर व्यवस्थाएं की गई है। कोशिश की जा रही है कि किसानों को न्यूनतम 72 घंटे में भुगतान मिल सके। - विधान जायसवाल, नोडल प्रभारी व एडीएम वित्त एवं राजस्व
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