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अलीगढ़ : साथी की मौत पर गुस्साए कर्मचारी, कलेक्ट्रेट में तालाबंदी, नारेबाजी
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प्रतापगढ़ की तहसील में वरिष्ठ सहायक सुनील कुमार की पीट-पीटकर हुई हत्या को लेकर उत्तर प्रदेश कलेक्ट्रेट मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी संघ में आक्रोश है। इसको लेकर सोमवार को सभी कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट में तालाबंदी की और धरना-प्रदर्शन किया। इससे कामकाज पूरी तरह ठप रहा।
जनपद शाखा अध्यक्ष सुनील कुमार शर्मा व जिला मंत्री सोहन सिंह के नेतृत्व में कर्मचारियों ने पहले सभी दफ्तरों में तालाबंदी की और बाद में सभी धरने पर बैैठ गए। यहां उन्होंने नारेबाजी करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया और दोषियों पर एफआईआर दर्ज हो जाने के बाद भी अब तक कार्रवाई न होने पर गहरा आक्रोश जताया। वक्ताओं ने कहा कि इस घटना से पूरे प्रदेश के कर्मचारी भयभीत हैं और अपने को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी न होने से यह साफ है कि सरकार में गुंडाराज कायम है। किसी भी अधिकारी को अपने कर्मचारी से मारपीट एवं हिंसक वारदात करने का अधिकार नहीं है।
उन्होंने मांग की कि इस प्रकरण में पीड़ित कर्मचारी के परिजनों को मुआवजा व आर्थिक सहायता के रूप में एक करोड़ रुपये, नौकरी, दोषियों की अविलंब बर्खास्तगी के साथ ही उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। धरने को वरिष्ठ उपाध्यक्ष कामिनी शर्मा, कोषाध्यक्ष विजय कृष्ण आर्य, कनिष्ठ उपाध्यक्ष कविता सिंह, संयुक्त मंत्री शब्बीर अहमद खां, संगठन मंत्री रविंद्र कुमार, संगठन क्रीड़ा मंत्री सुनील कुमार, हेमेंद्र कुमार जैन, शिरीष कुमार, मधु भारती, रचित वशिष्ठ, रजनी सक्सेना, विनोद कुमार, देवराज सिंह, संजीव कुमार, आदित्य कुमार, ललित कुमार, प्रहलाद प्रसाद, बृजलता, सीमा वर्मा, कुसुमलता, कैसर परवीन, दयावती, गीता देवी आदि ने भी अपने विचार रखे।
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जनपद शाखा अध्यक्ष सुनील कुमार शर्मा व जिला मंत्री सोहन सिंह के नेतृत्व में कर्मचारियों ने पहले सभी दफ्तरों में तालाबंदी की और बाद में सभी धरने पर बैैठ गए। यहां उन्होंने नारेबाजी करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया और दोषियों पर एफआईआर दर्ज हो जाने के बाद भी अब तक कार्रवाई न होने पर गहरा आक्रोश जताया। वक्ताओं ने कहा कि इस घटना से पूरे प्रदेश के कर्मचारी भयभीत हैं और अपने को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी न होने से यह साफ है कि सरकार में गुंडाराज कायम है। किसी भी अधिकारी को अपने कर्मचारी से मारपीट एवं हिंसक वारदात करने का अधिकार नहीं है।
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उन्होंने मांग की कि इस प्रकरण में पीड़ित कर्मचारी के परिजनों को मुआवजा व आर्थिक सहायता के रूप में एक करोड़ रुपये, नौकरी, दोषियों की अविलंब बर्खास्तगी के साथ ही उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। धरने को वरिष्ठ उपाध्यक्ष कामिनी शर्मा, कोषाध्यक्ष विजय कृष्ण आर्य, कनिष्ठ उपाध्यक्ष कविता सिंह, संयुक्त मंत्री शब्बीर अहमद खां, संगठन मंत्री रविंद्र कुमार, संगठन क्रीड़ा मंत्री सुनील कुमार, हेमेंद्र कुमार जैन, शिरीष कुमार, मधु भारती, रचित वशिष्ठ, रजनी सक्सेना, विनोद कुमार, देवराज सिंह, संजीव कुमार, आदित्य कुमार, ललित कुमार, प्रहलाद प्रसाद, बृजलता, सीमा वर्मा, कुसुमलता, कैसर परवीन, दयावती, गीता देवी आदि ने भी अपने विचार रखे।
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