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अलीगढ़ः चुनाव में गड़बड़ी की आशंका में 118 पर जिला बदर की कार्रवाई
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विधानसभा चुनाव में पुलिस- प्रशासन को 118 से भी अधिक अपराधियों से चुनाव में गड़बड़ी पैदा करने व निष्पक्ष मतदान में विघ्न डालने की आशंका है। इन सभी के खिलाफ अगले छह माह तक जिले से बाहर करने की कार्रवाई की गई है। आदेश के बाद भी यदि वे जिले में भ्रमण करते या निवास करते हुए मिले तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के साथ ही उन्हें जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं अगले छह माह के लिए उनके खिलाफ दोबारा से जिला बदर करने की कार्रवाई भी अमल में लायी जाएगी।
चुनाव आयोग ने इस बार विधान सभा चुनाव को निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं। इसको लेकर प्रशासन चुनाव में गड़बड़ी पैदा करने वालों से सख्ती बरतने के मूड में हैं। डीएम के निर्देश पर विभिन्न थानों की पुलिस ने अराजकतत्वों व अपराधी किस्म के लोगों के खिलाफ अपनी रिपोर्ट भेजते हुए चिह्नित अपराधियों के खिलाफ गुुंडा एक्ट, मिनी गुंडा एक्ट व जिला बदर करने की कार्रवाई करने की संस्तुति की गई है। इनमें राजनीतिक दलों से नाता रखने वाले कुछ लोगों के खिलाफ भी प्रशासन ने जिला बदर करने की कार्रवाई की है।
ऐसी होती है कार्रवाई
आपराधिक गतिविधियों के बढ़ने व क्षेत्र की जनता में भय पैदा होने पर पुलिस द्वारा संबंधित के खिलाफ गुंडा एक्ट व जिला बदर करने की कार्रवाई की संस्तुति की जाती है। इसके बाद उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत जिला बदर करने की कार्रवाई होती है। आरोपी को भी इस कार्रवाई में सुनवाई का अवसर दिया जाता है।
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अब तक 118 जिला बदर
चुनाव को लेकर असामाजिक तत्वों को चिह्नित कर निजी मुचलकों पर भी पाबंद किया जा रहा है। जनवरी से लेकर अब तक जिले के 118 अपराधियों को जिला बदर किया जा चुका है। जिला बदर की कार्रवाई करने में एडीएम वित्त एवं राजस्व विधान जायसवाल का न्यायालय सबसे आगे है। उन्होंने अब तक 56 अपराधियों व अराजक तत्वों के खिलाफ जिला बदर करने की कार्रवाई की। एडीएम प्रशासन डीपी पाल के न्यायालय से 33 व एडीएम सिटी राकेश कुमार पटेल के न्यायालय ने 28 लोगों के खिलाफ छह-छह माह के लिए जिला बदर करने की कार्रवाई की गई है। यदि इस बीच जिला बदर घोषित तय समय सीमा में जिले में घूमता हुआ या निवास करता हुआ मिलता है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई करने के साथ ही अगले छह माह के लिए जिले से बाहर रहना होगा।
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चुनाव आयोग ने इस बार विधान सभा चुनाव को निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं। इसको लेकर प्रशासन चुनाव में गड़बड़ी पैदा करने वालों से सख्ती बरतने के मूड में हैं। डीएम के निर्देश पर विभिन्न थानों की पुलिस ने अराजकतत्वों व अपराधी किस्म के लोगों के खिलाफ अपनी रिपोर्ट भेजते हुए चिह्नित अपराधियों के खिलाफ गुुंडा एक्ट, मिनी गुंडा एक्ट व जिला बदर करने की कार्रवाई करने की संस्तुति की गई है। इनमें राजनीतिक दलों से नाता रखने वाले कुछ लोगों के खिलाफ भी प्रशासन ने जिला बदर करने की कार्रवाई की है।
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ऐसी होती है कार्रवाई
आपराधिक गतिविधियों के बढ़ने व क्षेत्र की जनता में भय पैदा होने पर पुलिस द्वारा संबंधित के खिलाफ गुंडा एक्ट व जिला बदर करने की कार्रवाई की संस्तुति की जाती है। इसके बाद उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत जिला बदर करने की कार्रवाई होती है। आरोपी को भी इस कार्रवाई में सुनवाई का अवसर दिया जाता है।
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अब तक 118 जिला बदर
चुनाव को लेकर असामाजिक तत्वों को चिह्नित कर निजी मुचलकों पर भी पाबंद किया जा रहा है। जनवरी से लेकर अब तक जिले के 118 अपराधियों को जिला बदर किया जा चुका है। जिला बदर की कार्रवाई करने में एडीएम वित्त एवं राजस्व विधान जायसवाल का न्यायालय सबसे आगे है। उन्होंने अब तक 56 अपराधियों व अराजक तत्वों के खिलाफ जिला बदर करने की कार्रवाई की। एडीएम प्रशासन डीपी पाल के न्यायालय से 33 व एडीएम सिटी राकेश कुमार पटेल के न्यायालय ने 28 लोगों के खिलाफ छह-छह माह के लिए जिला बदर करने की कार्रवाई की गई है। यदि इस बीच जिला बदर घोषित तय समय सीमा में जिले में घूमता हुआ या निवास करता हुआ मिलता है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई करने के साथ ही अगले छह माह के लिए जिले से बाहर रहना होगा।