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अलीगढ़ः अनुसूचित बालक से कुकर्म के आरोपी को उम्रकैद
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एडीजे पॉक्सो द्वितीय शिवानी सिंह की अदालत से मिशन शक्ति अभियान के तहत अनुसूचित बालक संग कुकर्म के आरोपी को उम्रकैद व 1.50 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। न्यायालय ने यह फैसला पिसावा क्षेत्र के चार साल पुराने मुकदमे में सुनाया है। साथ में जुर्माने में से 75 फीसदी राशि पीड़ित को देने के आदेश दिए हैं।
विशेष लोक अभियोजक रघुवंश शर्मा के अनुसार पिसावा में 30 जुलाई 2017 को गांव के एक अनुसूचित जाति के पीड़ित ने मुकदमा दर्ज कराया। जिसमें नामजद पर आरोप लगाया कि वह मजदूरी पर गया था। इस बीच उसकी पत्नी अपने सात साल के बेटे को लेकर खेत पर गई थी। इस दौरान पत्नी खेत पर काम करने लगी और बच्चा पास ही खेल रहा था। तभी नामजद मनीष कुमार बच्चे को पास के खेत में ले गया और उसके साथ कुकर्म किया। पुलिस ने कुकर्म, एससीएसटी एक्ट व पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया। आरोपी को जेल भेजा गया। सत्र परीक्षण के दौरान अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आरोपी को एससीएसटी एक्ट की धारा में उम्रकैद व 1.25 लाख रुपये जुर्माने से दंडित किया है। साथ में 75 फीसदी राशि पीड़ित को देने के निर्देश दिए हैं।
महिला से दुष्कर्म के आरोपी को 10 साल कैद
एडीजे फास्ट ट्रैक प्रथम अनुपम सिंह की अदालत से महिला से घर में घुसकर दुष्कर्म के आरोपी को दस साल कैद व जुर्माने की सजा सुनाई गई है। न्यायालय ने यह फैसला मिशन शक्ति अभियान के तहत सुनाया है। एडीजीसी कुलदीप सिंह तोमर के अनुसार 30 अप्रैल 2014 को पिसावा में पीड़ित ने मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें कहा गया था कि वह और उसका दूसरा भाई काम पर गए थे, जबकि छोटा भाई घर के बाहर सोया हुआ था। तभी 29 अप्रैल की रात गांव का सोनू घर में घुस गया और पीड़ित की पत्नी संग मुंह बंद कर दुष्कर्म किया। इसी बीच देवर जब काम से लौटा और उसने अंदर से दरवाजा न खुलने पर शोर मचाया तो घटना उजागर हुई। मामले में मुकदमे के आधार पर पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया। न्यायालय में सत्र परीक्षण के दौरान आरोपी को दोषी करार देते हुए दस साल कैद व 10 हजार 500 रुपये जुर्माने से दंडित किया है। साथ में 50 फीसदी जुर्माना राशि पीड़ित पक्ष को देने के निर्देश दिए हैं।
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विशेष लोक अभियोजक रघुवंश शर्मा के अनुसार पिसावा में 30 जुलाई 2017 को गांव के एक अनुसूचित जाति के पीड़ित ने मुकदमा दर्ज कराया। जिसमें नामजद पर आरोप लगाया कि वह मजदूरी पर गया था। इस बीच उसकी पत्नी अपने सात साल के बेटे को लेकर खेत पर गई थी। इस दौरान पत्नी खेत पर काम करने लगी और बच्चा पास ही खेल रहा था। तभी नामजद मनीष कुमार बच्चे को पास के खेत में ले गया और उसके साथ कुकर्म किया। पुलिस ने कुकर्म, एससीएसटी एक्ट व पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया। आरोपी को जेल भेजा गया। सत्र परीक्षण के दौरान अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आरोपी को एससीएसटी एक्ट की धारा में उम्रकैद व 1.25 लाख रुपये जुर्माने से दंडित किया है। साथ में 75 फीसदी राशि पीड़ित को देने के निर्देश दिए हैं।
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महिला से दुष्कर्म के आरोपी को 10 साल कैद
एडीजे फास्ट ट्रैक प्रथम अनुपम सिंह की अदालत से महिला से घर में घुसकर दुष्कर्म के आरोपी को दस साल कैद व जुर्माने की सजा सुनाई गई है। न्यायालय ने यह फैसला मिशन शक्ति अभियान के तहत सुनाया है। एडीजीसी कुलदीप सिंह तोमर के अनुसार 30 अप्रैल 2014 को पिसावा में पीड़ित ने मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें कहा गया था कि वह और उसका दूसरा भाई काम पर गए थे, जबकि छोटा भाई घर के बाहर सोया हुआ था। तभी 29 अप्रैल की रात गांव का सोनू घर में घुस गया और पीड़ित की पत्नी संग मुंह बंद कर दुष्कर्म किया। इसी बीच देवर जब काम से लौटा और उसने अंदर से दरवाजा न खुलने पर शोर मचाया तो घटना उजागर हुई। मामले में मुकदमे के आधार पर पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया। न्यायालय में सत्र परीक्षण के दौरान आरोपी को दोषी करार देते हुए दस साल कैद व 10 हजार 500 रुपये जुर्माने से दंडित किया है। साथ में 50 फीसदी जुर्माना राशि पीड़ित पक्ष को देने के निर्देश दिए हैं।
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