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अलीगढ़ः दस साल राज के बाद जिले में बसपा बेताज

Wed, 08 Dec 2021 01:15 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 08 Dec 2021 01:15 AM IST
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Aligarh news
अभिषेक शर्मा
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कांग्रेस से खिसके अनुसूचित जाति के वोटों के सहारे प्रदेश की सत्ता तक पहुंची बहुजन समाज पार्टी का अपने जिले की सियासत में राज रहा है। मगर यह राज सिर्फ दस साल तक सीमित रहा। इस दौर में जिले की चार-चार सीटों पर कब्जा रहा और जिले से दो-दो मंत्री तक प्रदेश में रहे। इनमें से एक ठा.जयवीर सिंह का प्रदेश की सियासत में खासा वर्चस्व रहा और उन्होंने प्रयास कर इस जिले को मंडल का दर्जा दिलाकर एक इतिहास भी कायम किया। मगर 2012 के चुनाव में आई सपा की आंधी में बसपा का किला इस तरह ढहा कि जिले की सातों सीटों में से अपनी दो सीटों पर भी बसपा वापसी नहीं कर पाई। इसके बाद उसका किला दरकता चला गया और 2017 के चुनाव में भी किसी सीट पर बेहतर परिणाम नहीं दिखा पाई।
सोशल इंजीनियरिंग के फार्मूले के सहारे 2002 के चुनाव में बसपा सुप्रीमो ने जिले की सातों सीटों पर मजबूती से चुनाव लड़ा। इस दौरान जिले के कद्दावर ठाकुर नेता जयवीर सिंह ने बरौली, अनुसूचित नेता महेंद्र सिंह ने कोल और ब्राह्मण नेता प्रमोद गौड़ ने खैर पर जीत दर्ज की। वहीं गंगीरी ऐसी सीट रही, जिस पर बसपा रनरअप के रूप में रही। इसी बीच 2004 में इगलास विधायक चौ. बिजेंद्र सिंह के लोकसभा सदस्य निर्वाचित होने के बाद इगलास सीट खाली हुई और उपचुनाव में हाथरस के एक और ब्राह्मण नेता मुकुल उपाध्याय यहां से निर्वाचित हुए। इस तरह जिले की चार-चार सीटों पर बसपा का कब्जा हो गया। कहते हैं कि यह वह दौर था, जब अनुसूचित, मुसलिम, ठाकुर, ब्राह्मण वर्ग के अलावा कुछ ओबीसी जातियां भी बसपा के साथ खड़ी थीं। इन्हीं के सहारे जिले की सियासत में बसपा ने भाजपा-सपा को पटखनी दी।
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इसके बाद 2007 के चुनाव में भी बसपा ने यह फार्मूला वापस अपनाया। मगर इस बार सिर्फ दो सीटों पर ही बसपा को सब्र करना पड़ा। जिले के जाटलैंड इगलास व खैर में बसपा को हार का सामना करना पड़ा और दोनों सीटें रालोद के पास चली गईं। वहीं कोल व बरौली वापस बसपा के खाते में ही आईं। इसके बाद 2012 के चुनाव में बसपा को सपा व रालोद की आंधी में एक भी सीट नहीं मिली। इस तरह बसपा का राज 2012 के परिणाम में खत्म हो गया। इसके बाद 2017 में भी यही आलम रहा। कुल मिलाकर इस जिले की सियासत पर 10 साल तक बसपा ने राज किया।
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- 1984 में बसपा गठन के बाद ये है इतिहास--
- 2002 : कोल से महेंद्र सिंह, बरौली से ठा.जयवीर सिंह, खैर से प्रमोद गौड़ जीते। लोकसभा चुनाव के बाद 2004 के उपचुनाव में इगलास से मुकुल उपाध्याय जीते।
- 2007 : कोल से महेंद्र सिंह, बरौली से जयवीर सिंह जीते। बाकी सभी सीटें हारे।
- 2012 और 2017 : दोनों चुनाव में जिले की सभी सीटें हारी।
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