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अलीगढ़ः बेटे की मौत के बदले एएमयू प्रोफेसर से मांगी 10 लाख की रंगदारी

Wed, 10 Nov 2021 11:12 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 10 Nov 2021 11:12 PM IST
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प्रोफेसर से दस लाख की फिरौती मांगने वाले गैंग के अभियुक्त पुलिस की गिरफ्तर में। - फोटो : CITY OFFICE
अलीगढ़ मुसलिम विश्वविद्यालय की प्रोफेसर को धमकी भरा खत भेजकर 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने की घटना में पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर बेहद दिलचस्प खुलासा किया है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे मुख्य आरोपी रिश्तेदार युवक ने महिला प्रोफेसर से नवजात बेटे के बीमार होने पर अपनी प्रोफेसर मौसी से बेटे के इलाज के लिए एक लाख रुपये की मदद मांगी थी। मौसी ने रुपये नहीं दिए। बेटा भी नहीं बचा और खुद युवक कर्ज में डूब गया। इसी बात से खफा होकर मौसी से बदला लेने के लिए इस करतूत को अंजाम दे डाला। पुलिस ने मुख्य आरोपी के साथ सिम विक्रेता पनवाड़ी व एक अन्य को गिरफ्तार कर बुधवार को जेल भेज दिया। अभी दो आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
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एएमयू कंप्यूटर साइंस विभाग की प्रोफेसर डॉ. शगुफ्ता मुईन व उनके पति नवेद मुख्तार बच्चों के साथ क्वार्सी क्षेत्र की अनूपशहर रोड स्थित सागर हाउसिंग अपार्टमेंट के मकान नंबर 44 में रहते हैं। उनके पति आगरा में चमड़े के जूते का व्यापार करते हैं। वाकया सोमवार देर शाम का है, जब उनके मोबाइल पर एक अंजान नंबर से कॉल आया और कॉल करने वाले ने खुद को राजू नोएडा से बोलना बताते हुए कहा कि आपकी कार पर कुछ सामान रखा है। उसे उठा लो। इस पर नवेद मुख्तार ने घर के बाहर जाकर कार पर लिफाफा देखा और उठाकर अंदर लाकर देखा तो दंग रह गए। उसमें तीन जले हुए 315 बोर के खोखा और एक पत्र रखा था। जिसमें ऊपर हिंदी में नवेद, शगुफ्ता व हमजा लिखा है। उसके बाद पत्र में 10 लाख रुपये की रंगदारी की डिमांड के साथ धमकी थी कि अगर बात नहीं मानी गई तो बच्चे को उठा लेंगे। उसमें बच्चे का नाम भी लिखा था। साथ में समय व ठिकाना बताने का भी उल्लेख है। इसके बाद मंगलवार दिन में फिर कॉल आया था।
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इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी कलानिधि नैथानी ने सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय के नेतृत्व में थाना पुलिस के अलावा एसओजी व सर्विलांस टीमों को लगाया। कॉल करने वाले मोबाइल नंबर व सीसीटीवी के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास शुरू किया गया। इसी कड़ी में मंगलवार रात प्रोफेसर के ऊपरकोट चंदन शहीद रोड के रिश्तेदार युवक दानिश को गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ के आधार पर उसके साथी ख्वाजा चौक के अंजेब व फर्जी नंबर पर सिम मुहैया कराने वाले मानिक चौक के पनवाड़ी दीपक तिवारी को गिरफ्तार कर लिया।
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बदले व कर्ज निपटाने को बनाया मौसी को निशाना
पुलिस के अनुसार दानिश ने स्वीकारा कि उसकी मां व प्रोफेसर मामा-फूफी की बहनें हैं। दानिश की पत्नी के अप्रैल माह में बेटा हुआ। वह पैदा होते ही बीमार था और आईसीयू में भरती रखना पड़ा। इस बीच आर्थिक हालात ठीक न होने के कारण वह प्रोफेसर मौसी के पास मदद मांगने पहुंचा। मगर मौसी ने मदद नहीं दी। इस पर बेहतर उपचार न मिल पाने के कारण 10 दिन में बेटे की मौत हो गई। इसी बात से चिढ़कर उसने मौसी से बदला लेने की योजना बनाई। इधर, उसने बेटे के इलाज के लिए किसी अन्य परिचित से एक लाख रुपये कर्ज लिया था। वह कर्ज भी लौटाना था। इसलिए उसने सोचा कि मौसी से बदला भी हो जाएगा और कर्ज भी वापस हो जाएगा। मगर उसे उम्मीद न थी कि पुलिस उसे पकड़ लेगी। इनके पास से एक तमंचा, घटना में प्रयोग की गई अंजेब की बाइक व मोबाइल फोन बरामद किया है।
ट्रू-कालर और सीसीटीवी ने खोला रंगदारी मांगने वालों का भेद
पुलिस ने मंगलवार सुबह से जब इस घटना पर जांच शुरू की तो कॉल करने वाले नंबर की पहचान ट्रू-कालर पर मदार गेट इलाके के किसी तिवारी के नाम से आई। पुलिस जब उस तक पहुंची तो वह दीपक पनवाड़ी निकला। पहले तो उसने पुलिस को बरगलाया। मगर बाद में सख्ती पर उसने स्वीकारा कि उसने अपने पास से फर्जी आईडी की सिम 300 रुपये में दानिश को बेची है। वह अक्सर उसकी दुकान पर पान खाने आता है। इसी बीच 28 अक्तूबर को वह सिम लेकर गया और आठ-दस दिन उसे बंद रखा। फिर उससे कॉल कर रंगदारी मांगी। इधर, पुलिस ने हाउसिंग सोसाइटी व आसपास के सीसीटीवी देखे तो इस घटना में अंजेब व अदनान नाम के युवक बाइक पर आते व लिफाफा रखकर जाते कैद पाए गए। उनकी पहचान हुई और उनके दानिश से कनेक्शन सामने आए। दानिश ने पूछताछ में स्वीकारा कि उसे खोखा अदनान ने दिए थे। वह पूर्व में चोरी के मामले में जेल जा चुका है। आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहता है। अभी इस मामले में ऊपरकोट का नवेद व शाहजमाल का अदनान फरार हैं, जिनकी पुलिस टीमें तलाश कर रही हैं।

खुलासा टीम में ये रहे शामिल
इस टीम में इंस्पेक्टर क्वार्सी विजय सिंह, स्वाट प्रभारी संजीव कुमार, नगर सर्विलांस प्रभारी संदीप सिंह, एसआई विनोद आदि शामिल रहे।
प्रोफेसर परिवार को सुरक्षा अभी रहेगी
सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय के अनुसार रंगदारी मामले में सिम बेचने वाले पनवाड़ी सहित तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। दो अभी फरार हैं। इस घटना को मौसी से बदला लेने के लिए अंजाम दिया गया था। हालांकि घटना स्पष्ट हो गई है। चूंकि अभी परिवार दहशत में है। इसलिए अभी प्रोफेसर के घर पर सुरक्षा लगी हुई है। समीक्षा के बाद ही सुरक्षा हटाने पर विचार किया जाएगा।
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