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अलीगढ़ः मरीज की मौत पर नर्सिंग होम में तोड़फोड़
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हरीश कुमार का फाइल फोटो।
- फोटो : CITY OFFICE
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थाना सिविल लाइन क्षेत्र में मरीज की मौत से गुस्साए परिजनों ने नर्सिंग होम में तोड़फोड़ कर दी और स्टाफ के साथ मारपीट कर डाली। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह परिवार वालों को शांत किया। परिजनों की ओर से नर्सिंग होम के स्टाफ और एक डॉक्टर के खिलाफ थाने में तहरीर दी गई है।
सिविल लाइन इंस्पेक्टर वीपी गिरी ने बताया कि जवां क्षेत्र के गांव खुर्द दरियापुर निवासी राजेंद्र सिंह ने अपने 33 वर्षीय बेटे हरीश कुमार को बुखार आने पर 11 अक्तूबर को नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। जांच के दौरान हरीश को डेंगू पॉजिटिव पाया गया। 14 अक्तूबर को नर्सिंग होम के स्टाफ ने कहा कि अब मरीज ठीक है, इसको घर ले जाओ और फिर डिस्चार्ज कर दिया। परिजनों का कहना है कि घर पहुंचने के अगले दिन ही हरीश की तबीयत बिगड़ गई। फिर हरीश को लेकर उसी नर्सिंग होम में आए तो नर्सिंग होम वालों ने भर्ती करने से इंकार कर दिया। इसके बाद हरीश को खुर्जा स्थित कैलाश हॉस्पिटल में लेकर पहुंचे, वहां जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि हरीश की किडनी और लीवर खराब हैं। इसके बाद देर शाम हरीश की मौत हो गई।
राजेंद्र सिंह का कहना है कि इस बात की शिकायत करने जब वह नर्सिंग होम पहुंचे तो नर्सिंग होम के स्टाफ और एक डॉक्टर ने उनके साथ मारपीट कर डाली। दूसरी ओर, नर्सिंग होम संचालक द्वारा भी नर्सिंग होम में हरीश के परिजनों द्वारा तोड़फोड़ किए जाने और स्टाफ के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है।
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सूचना पर इलाका पुलिस भी पहुंच गई थी। किसी तरह मामले को शांत किया गया। इंस्पेक्टर वीपी गिरी ने बताया कि हरीश एक इंश्योरेंस कंपनी में ब्रांच मैनेजर थे और दो बच्चों के पिता थे। हालांकि, मरीज की मौत हो जाने के बाद परिवार वाले उसका अंतिम संस्कार कर चुके हैं। फिर भी मामले की जांच की जा रही है। नर्सिंग होम के स्टाफ और एक डॉक्टर के खिलाफ तहरीर दी गई है। जांच के बाद जो भी सामने आएगा, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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सिविल लाइन इंस्पेक्टर वीपी गिरी ने बताया कि जवां क्षेत्र के गांव खुर्द दरियापुर निवासी राजेंद्र सिंह ने अपने 33 वर्षीय बेटे हरीश कुमार को बुखार आने पर 11 अक्तूबर को नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। जांच के दौरान हरीश को डेंगू पॉजिटिव पाया गया। 14 अक्तूबर को नर्सिंग होम के स्टाफ ने कहा कि अब मरीज ठीक है, इसको घर ले जाओ और फिर डिस्चार्ज कर दिया। परिजनों का कहना है कि घर पहुंचने के अगले दिन ही हरीश की तबीयत बिगड़ गई। फिर हरीश को लेकर उसी नर्सिंग होम में आए तो नर्सिंग होम वालों ने भर्ती करने से इंकार कर दिया। इसके बाद हरीश को खुर्जा स्थित कैलाश हॉस्पिटल में लेकर पहुंचे, वहां जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि हरीश की किडनी और लीवर खराब हैं। इसके बाद देर शाम हरीश की मौत हो गई।
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राजेंद्र सिंह का कहना है कि इस बात की शिकायत करने जब वह नर्सिंग होम पहुंचे तो नर्सिंग होम के स्टाफ और एक डॉक्टर ने उनके साथ मारपीट कर डाली। दूसरी ओर, नर्सिंग होम संचालक द्वारा भी नर्सिंग होम में हरीश के परिजनों द्वारा तोड़फोड़ किए जाने और स्टाफ के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है।
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सूचना पर इलाका पुलिस भी पहुंच गई थी। किसी तरह मामले को शांत किया गया। इंस्पेक्टर वीपी गिरी ने बताया कि हरीश एक इंश्योरेंस कंपनी में ब्रांच मैनेजर थे और दो बच्चों के पिता थे। हालांकि, मरीज की मौत हो जाने के बाद परिवार वाले उसका अंतिम संस्कार कर चुके हैं। फिर भी मामले की जांच की जा रही है। नर्सिंग होम के स्टाफ और एक डॉक्टर के खिलाफ तहरीर दी गई है। जांच के बाद जो भी सामने आएगा, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।