{"_id":"615dfb788ebc3ea661105529","slug":"aligarh-news-city-office-news-ali275091848","type":"story","status":"publish","title_hn":"अलीगढ़ः अधिवक्ता प्रेमचंद्र की गिरफ्तारी पर भड़के वकील, धक्कामुक्की व हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलीगढ़ः अधिवक्ता प्रेमचंद्र की गिरफ्तारी पर भड़के वकील, धक्कामुक्की व हंगामा
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दीवारी में एडवोकेट प्रेमचन्द्र की गिरफ्तारी को लेकर प्रदर्शन करते अधिवक्ता।
- फोटो : CITY OFFICE
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महानगर के सुरेंद्र नगर में मंगलवार देर शाम युवती के पीछे तमंचा लेकर दौड़ते समय पब्लिक की मदद से पकड़ा गया प्रेमचंद्र अवस्थी उर्फ पीसी पेशे से अधिवक्ता है। हालांकि प्रेमचंद्र का पुराना आपराधिक रिकार्ड भी है। मगर उसकी गिरफ्तारी और पेशी के लिए कोर्ट में लाने की खबर पर बुधवार दोपहर अधिवक्ता आक्रोशित हो उठे और दीवानी में पुलिस टीम को घेर लिया। इस दौरान धक्का-मुक्की के बीच जमकर हंगामा हुआ। किसी तरह पुलिस टीम ने स्वयं को बचाया। खबर पर पहुंचे सीओ तृतीय ने किसी तरह अधिवक्ताओं को समझाकर शांत किया। बाद में रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्षी पेशी कराकर प्रेमचंद्र को जेल दाखिल किया गया। इधर, इस मामले को झूठा करार देते हुए बार एसोसिएशन ने बृहस्पतिवार को एक दिन की हड़ताल का ऐलान कर दिया है।
वाकया मंगलवार देर शाम का है, जब सुरेंद्र नगर में एक युवती के पीछे तमंचा लिए दौड़ रहे युवक को पब्लिक ने पकड़कर पुलिस को सौंपा था। इस दौरान उस युवक का एक बैग भी बरामद हुआ था, जिसमें काफी आपत्तिजनक सामान था। सुबह ही इस बात की खबर अधिवक्ताओं को लगी तो अधिकारियों तक बात पहुंची। तब पता चला कि यह पेशेवर अधिवक्ता है। इधर, युवती की तहरीर पर क्वार्सी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी महंगौरा थाना पिसावा के प्रेमचंद्र अवस्थी उर्फ पीसी को थाने के एक दरोगा व सिपाही कोर्ट में पेशी के लिए लेकर पहुंचे। जैसे ही वे दीवानी में सीजेएम न्यायालय से पहले तिराहे पर पहुंचे, तभी तमाम अधिवक्ताओं ने पुलिस टीम व प्रेमचंद्र को घेर लिया और इस कार्रवाई को झूठा करार देते हुए हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस टीम से धक्कामुक्की शुरू हो गई, जिससे बचकर पुलिस टीम ने खुद को एक चैंबर में छिपाया। वहीं पीसी को अधिवक्ताओं ने अपने पास बैठा लिया। बाद में वहां पुलिस विरोधी नारेबाजी शुरू हो गई।
इस खबर पर सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय, इंस्पेक्टर सिविल लाइंस आदि भी फोर्स के साथ पहुंच गए। बाद में हंगामा कर रहे अधिवक्ताओं को समझाकर शांत किया गया। इस बीच रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करते समय प्रेमचंद्र ने एक आवेदन न्यायालय में दिया, जिसमें खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि उसे पुलिस अभिरक्षा में पीटा गया है। साथ में जो रकम बरामद दिखाई गई है, उसमें ढाई लाख रुपये कम हैं। उसका पुन: मेडिकल परीक्षण कराया जाए। न्यायालय ने उसे पत्रावली पर रखते हुए रिमांड मंजूर कर आरोपी को जेल भेजने का वारंट बना दिया। इसके बाद अधिवक्ता धीरे-धीरे जाने लगे और फिर पुलिस प्रेमचंद्र को जेल दाखिल कर आई।
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-पब्लिक द्वारा पकड़कर पुलिस को सौंपे गए प्रेमचंद्र के पास से अवैध हथियार, फर्जी शस्त्र लाइसेंस, मुहरें, उन्हें बेचने से प्राप्त रुपये आदि मिले। उनके साथ-साथ युवती के आरोपों के अनुसार मुकदमा दर्ज किया गया। प्रेमचंद्र का पुराना आपराधिक रिकार्ड भी है। कोर्ट में पेशी के दौरान कुछ अधिवक्ताओं ने नाराजगी जताई थी। जिन्हें समझाकर शांत कर दिया गया। बाद में आरोपी को जेल भेज दिया गया। -श्वेताभ पांडेय, सीओ तृतीय
प्रेमचंद्र पर गंभीर आरोप में दो मुकदमे हुए दर्ज
क्वार्सी पुलिस ने युवती की तहरीर पर अधिवक्ता प्रेमचंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है, जिसमें आरोप है कि परीक्षा की तैयारी के नाम पर कुछ समय पहले प्रेमचंद्र उसे अपने साथ यह कहकर ले आया था। उसने सुरेंद्र नगर में किराये पर कमरा ले रखा है। वहां रहकर पढ़ाई करना और कोचिंग करना।
इंस्पेक्टर क्वार्सी विजय कुमार के अनुसार मुकदमा में युवती के आरोप के अनुसार शुरुआत में सब ठीक रहा। मगर एक दिन प्रेमचंद्र ने दुष्कर्म किया, जिससे वह गर्भवती हुई तो गर्भपात कराया। बाद में वह उसे पीटने लगा। घटना के समय उसका पति उससे मिलने आया था, तभी प्रेमचंद्र उसे पीटने लगा और जब वह बचकर भागी तो प्रेमचंद्र उसके पीछे तमंचा लेकर दौड़ा। इस दौरान एक बैग भी उसके हाथ में था। भागते समय वह खुद झीने से गिर गया, जिससे उसके पैर में चोट लगी और बैग भी गिर गया। तभी पब्लिक ने उसे तमंचा सहित पकड़ लिया। बैग भी कब्जे में लिया। इस बैग में एक पोनिया, दो तमंचे, एक देशी रिवाल्वर, कई प्रकार के 34 कारतूस अलग-अलग तरह के, 54 खोखा, 2 शस्त्र लाइसेंस की फर्जी खाली बुकलेट, 4 अलग-अलग मोहर फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाने के लिए, 16 फोटो अभियुक्त के , जनपद कोषागार से संबंधित फार्म जिस पर जीवित होने का प्रमाण पत्र, रोजगार रहित होने का प्रमाण पत्र, पुर्नविवाह, अविवाहित होने के प्रमाण पत्र कुल 8 प्रति, छायाप्रति शस्त्र लाइसेंस 5 वर्क, 3 लाख 55 हजार रुपये बरामद हुए। थाने में हुई पूछताछ में प्रेमचंद्र ने स्वीकारा कि वह फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाकर बेचता है। यह रुपये उन्हीं लाइसेंस खरीदने वालों से लिए हैं। इसे लेकर पुलिस ने एक आर्म्स एक्ट का मुकदमा और दूसरा दुष्कर्म, फर्जीवाड़ा आदि का मुकदमा दर्ज किया है।
कलेक्ट्रेट के एक बाबू की भूमिका भी संदिग्ध
फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाकर बेचने के मामले में पुलिस जांच में कलेक्ट्रेट के एक बाबू की भूमिका भी संदिग्ध पाई जा रही है। पुलिस के अनुसार जांच व पूछताछ में प्रेमचंद्र ने एक बाबू का नाम भी बताया है। उसी की मदद से उसे खाली शस्त्र लाइसेंस मिलते हैं। उन पर वह फर्जी मुहर आदि लगाकर उन्हें बेचता है। पुलिस उस बाबू की भूमिका की जांच कर रही है। मामले में जिला प्रशासन के अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है।
दस मुकदमों का आपराधिक रिकार्ड
पुलिस रिकार्ड के अनुसार प्रेमचंद्र पर दस आपराधिक मुकदमे हैं, जिनमें दो हत्या, 3 जानलेवा हमले के मुकदमे हैं। ये सभी मुकदमे पिसावा, चंडौस आदि थानों में दर्ज हैं। वहीं प्रेमचंद्र के भाई देवू का भी लंबा चौड़ा आपराधिक रिकार्ड है।
प्रेमचंद्र बोला आरोप झूठे, रंजिशन रखता हूं हथियार
हंगामे के दौरान अधिवक्ताओं के बीच मौजूद प्रेमचंद्र ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उसकी गांव में रंजिश चल रही है। उसके पिता की हत्या हो चुकी है। उसी रंजिश में उस पर झूठे मुकदमे लगे हैं। उसी रंजिश के चलते वह अपने पास हथियार रखता है। चूंकि झूठे मुकदमे लग चुके हैं। इसलिए शस्त्र लाइसेंस नहीं बन सका है। मजबूरी में तमंचे आदि रखने होते हैं। मंगलवार रात जब पुलिस ने पकड़ा था, तब यह बात पुलिस को बताई थी। मगर युवती से किसी साजिश को रचकर यह आरोप लगाए गए हैं। जो रुपये बरामद हुए हैं, उनमें ढाई लाख रुपये कम हैं। शेष रुपये कहां गए, यह पुलिस बताएगी। उसे पीटा गया, जिससे उसके पैर में चोट लगी है।
बार की बैठक में आज हड़ताल का ऐलान
इस घटनाक्रम के बाद बार अध्यक्ष ठा. ब्रजेश सिंह की अध्यक्षता व सचिव संजय पाठक के संचालन में हुई बैठक में घटनाक्रम की निंदा की है। कहा है कि साजिश के तहत प्रेमचंद्र को फंसाया गया है। रुपये कम बरामद दिखाए गए हैं। रात को अगर पकड़ा तो सुबह गिरफ्तारी क्यों दिखाई गई। इन तमाम मसलों को लेकर बृहस्पतिवार को अधिवक्ताओं ने हड़ताल का ऐलान किया है।
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वाकया मंगलवार देर शाम का है, जब सुरेंद्र नगर में एक युवती के पीछे तमंचा लिए दौड़ रहे युवक को पब्लिक ने पकड़कर पुलिस को सौंपा था। इस दौरान उस युवक का एक बैग भी बरामद हुआ था, जिसमें काफी आपत्तिजनक सामान था। सुबह ही इस बात की खबर अधिवक्ताओं को लगी तो अधिकारियों तक बात पहुंची। तब पता चला कि यह पेशेवर अधिवक्ता है। इधर, युवती की तहरीर पर क्वार्सी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी महंगौरा थाना पिसावा के प्रेमचंद्र अवस्थी उर्फ पीसी को थाने के एक दरोगा व सिपाही कोर्ट में पेशी के लिए लेकर पहुंचे। जैसे ही वे दीवानी में सीजेएम न्यायालय से पहले तिराहे पर पहुंचे, तभी तमाम अधिवक्ताओं ने पुलिस टीम व प्रेमचंद्र को घेर लिया और इस कार्रवाई को झूठा करार देते हुए हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस टीम से धक्कामुक्की शुरू हो गई, जिससे बचकर पुलिस टीम ने खुद को एक चैंबर में छिपाया। वहीं पीसी को अधिवक्ताओं ने अपने पास बैठा लिया। बाद में वहां पुलिस विरोधी नारेबाजी शुरू हो गई।
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प्रेमचंद्र पर गंभीर आरोप में दो मुकदमे हुए दर्ज
क्वार्सी पुलिस ने युवती की तहरीर पर अधिवक्ता प्रेमचंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है, जिसमें आरोप है कि परीक्षा की तैयारी के नाम पर कुछ समय पहले प्रेमचंद्र उसे अपने साथ यह कहकर ले आया था। उसने सुरेंद्र नगर में किराये पर कमरा ले रखा है। वहां रहकर पढ़ाई करना और कोचिंग करना।
इंस्पेक्टर क्वार्सी विजय कुमार के अनुसार मुकदमा में युवती के आरोप के अनुसार शुरुआत में सब ठीक रहा। मगर एक दिन प्रेमचंद्र ने दुष्कर्म किया, जिससे वह गर्भवती हुई तो गर्भपात कराया। बाद में वह उसे पीटने लगा। घटना के समय उसका पति उससे मिलने आया था, तभी प्रेमचंद्र उसे पीटने लगा और जब वह बचकर भागी तो प्रेमचंद्र उसके पीछे तमंचा लेकर दौड़ा। इस दौरान एक बैग भी उसके हाथ में था। भागते समय वह खुद झीने से गिर गया, जिससे उसके पैर में चोट लगी और बैग भी गिर गया। तभी पब्लिक ने उसे तमंचा सहित पकड़ लिया। बैग भी कब्जे में लिया। इस बैग में एक पोनिया, दो तमंचे, एक देशी रिवाल्वर, कई प्रकार के 34 कारतूस अलग-अलग तरह के, 54 खोखा, 2 शस्त्र लाइसेंस की फर्जी खाली बुकलेट, 4 अलग-अलग मोहर फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाने के लिए, 16 फोटो अभियुक्त के , जनपद कोषागार से संबंधित फार्म जिस पर जीवित होने का प्रमाण पत्र, रोजगार रहित होने का प्रमाण पत्र, पुर्नविवाह, अविवाहित होने के प्रमाण पत्र कुल 8 प्रति, छायाप्रति शस्त्र लाइसेंस 5 वर्क, 3 लाख 55 हजार रुपये बरामद हुए। थाने में हुई पूछताछ में प्रेमचंद्र ने स्वीकारा कि वह फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाकर बेचता है। यह रुपये उन्हीं लाइसेंस खरीदने वालों से लिए हैं। इसे लेकर पुलिस ने एक आर्म्स एक्ट का मुकदमा और दूसरा दुष्कर्म, फर्जीवाड़ा आदि का मुकदमा दर्ज किया है।
कलेक्ट्रेट के एक बाबू की भूमिका भी संदिग्ध
फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाकर बेचने के मामले में पुलिस जांच में कलेक्ट्रेट के एक बाबू की भूमिका भी संदिग्ध पाई जा रही है। पुलिस के अनुसार जांच व पूछताछ में प्रेमचंद्र ने एक बाबू का नाम भी बताया है। उसी की मदद से उसे खाली शस्त्र लाइसेंस मिलते हैं। उन पर वह फर्जी मुहर आदि लगाकर उन्हें बेचता है। पुलिस उस बाबू की भूमिका की जांच कर रही है। मामले में जिला प्रशासन के अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है।
दस मुकदमों का आपराधिक रिकार्ड
पुलिस रिकार्ड के अनुसार प्रेमचंद्र पर दस आपराधिक मुकदमे हैं, जिनमें दो हत्या, 3 जानलेवा हमले के मुकदमे हैं। ये सभी मुकदमे पिसावा, चंडौस आदि थानों में दर्ज हैं। वहीं प्रेमचंद्र के भाई देवू का भी लंबा चौड़ा आपराधिक रिकार्ड है।
प्रेमचंद्र बोला आरोप झूठे, रंजिशन रखता हूं हथियार
हंगामे के दौरान अधिवक्ताओं के बीच मौजूद प्रेमचंद्र ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उसकी गांव में रंजिश चल रही है। उसके पिता की हत्या हो चुकी है। उसी रंजिश में उस पर झूठे मुकदमे लगे हैं। उसी रंजिश के चलते वह अपने पास हथियार रखता है। चूंकि झूठे मुकदमे लग चुके हैं। इसलिए शस्त्र लाइसेंस नहीं बन सका है। मजबूरी में तमंचे आदि रखने होते हैं। मंगलवार रात जब पुलिस ने पकड़ा था, तब यह बात पुलिस को बताई थी। मगर युवती से किसी साजिश को रचकर यह आरोप लगाए गए हैं। जो रुपये बरामद हुए हैं, उनमें ढाई लाख रुपये कम हैं। शेष रुपये कहां गए, यह पुलिस बताएगी। उसे पीटा गया, जिससे उसके पैर में चोट लगी है।
बार की बैठक में आज हड़ताल का ऐलान
इस घटनाक्रम के बाद बार अध्यक्ष ठा. ब्रजेश सिंह की अध्यक्षता व सचिव संजय पाठक के संचालन में हुई बैठक में घटनाक्रम की निंदा की है। कहा है कि साजिश के तहत प्रेमचंद्र को फंसाया गया है। रुपये कम बरामद दिखाए गए हैं। रात को अगर पकड़ा तो सुबह गिरफ्तारी क्यों दिखाई गई। इन तमाम मसलों को लेकर बृहस्पतिवार को अधिवक्ताओं ने हड़ताल का ऐलान किया है।