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कारीगर दंपती को मलाल, पीएम तक नहीं पहुंचा पाए अलीगढ़ी ताला

Wed, 22 Sep 2021 01:50 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 22 Sep 2021 01:50 AM IST
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Aligarhi lock could not reach PM
प्रधानमंत्री -मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए तैयार किया गया अलीगढी ताला। - फोटो : CITY OFFICE
कौशल कुमार ओझा
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शहर के प्रसिद्ध ताला कारीगर सत्य प्रकाश शर्मा एवं उनकी पत्नी रुक्मिणी देवी का हुनर प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री तक नहीं पहुंच पाया। इस बात को दोनों को मलाल है। दंपती द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए 12 किलोग्राम एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए साढ़े सात किलोग्राम का विशेष ताला तैयार किया गया था। ये अलीगढ़ी ताले पीएम-सीएम को राज्य विश्वविद्यालय के शिलान्यास कार्यक्रम में भेंट किए जाने थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 सितंबर 2021 को लोधा में राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय का शिलान्यास करने आए थे। उनके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी थे। अलीगढ़ मंडल के संयुक्त आयुक्त, उद्योग श्रीनाथ पासवान ने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को भेंट करने के लिए विशेष ‘अलीगढ़ी ताला’ बनाने का ऑर्डर ज्वालापुरी निवासी सत्य प्रकाश शर्मा को दिया था। चार हजार रुपये का अग्रिम भुगतान भी कर दिया था। यह आर्डर 8 सितंबर को दिया गया था। दंपती ने दिन-रात मेहनत कर प्रधानमंत्री के लिए 12 किलोग्राम एवं मुख्यमंत्री के लिए साढ़े सात किलोग्राम का विशेष ताला तैयार कर लिया था। मगर, मुख्यमंत्री के लिए बनाए गए ताले में फाइनल टच देने में कुछ विलंब हो गया। तय समय सीमा 13 सितंबर तक सत्य प्रकाश शर्मा ताला संयुक्त आयुक्त, उद्योग को नहीं सौंप पाए थे। हालांकि, वह 14 सितंबर को ताला लेकर कार्यक्रम स्थल लोधा पहुंचे थे लेकिन सुरक्षा कारणों से उन्हें बाहर ही रोक दिया गया था। सत्यप्रकाश शर्मा एवं रुक्मिणी देवी को अब पछतावा हो रहा है कि उनकी कारीगरी प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री तक नहीं पहुंच पाई।
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ताला का आर्डर सत्यप्रकाश शर्मा को दिया था। प्रधानमंत्री के आगमन के पूर्व मुख्यमंत्री को ताला दिखाने की योजना थी। उनकी सहमति मिलने पर प्रधानमंत्री को ताला भेंट किया जाता। सुरक्षा कारणों से कार्यक्रम के 24 घंटे पहले वस्तुएं जमा करानी होती हैं। ताला मिलने में विलंब होने पर योजना स्थगित करनी पड़ी थी।
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- श्रीनाथ पासवान, संयुक्त आयुक्त उद्योग, अलीगढ़ मंडल
12 किग्रा का ताला, दो चॉबियों का वजन 750 ग्राम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए तैयार किए गए विशेष लीवर लॉक का वजन 12 किलोग्राम है। दो चॉबियों का वजन 750 ग्राम है। ताला करीब 8 इंच चौड़ा एवं 12 इंच लंबा है। बॉडी पीतल, जबकि कड़ा एवं चॉबी लोहे के हैं। तांबे का पेंच लगा है। कुछ महीने पहले 300 किलोग्राम से अधिक का ताला बनाकर सत्य प्रकाश शर्मा एवं रुक्मिणी देवी चर्चा में आए थे।
ताला निर्माण में तीसरी पीढ़ी
सत्यप्रकाश शर्मा बताते हैं कि उनके घर में तीसरी पीढ़ी ताला निर्माण कर रही है। दादा शिवचरण लाल शर्मा ताला बनाने का काम करते थे। पिता भोजराज शर्मा भी ताला कारीगर थे। उनके काम की धमक दूर-दूर तक थी। वह स्वयं बचपन से ताला बना रहे हैं और उनके तीनों बच्चे महेश चंद्र शर्मा, मुकेश चंद्र शर्मा एवं विकेश कुमार शर्मा इस काम में दक्ष हैं। पत्नी रुक्मिणी भी शानदार कारीगर हैं। करीब 8 बाई 8 के कमरे में बैठकर पति-पत्नी ताला बनाते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी अलीगढ़ के ताले की खूब करते हैं तारीफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अलीगढ़ के ताले की खूब तारीफ करते हैं। 14 सितंबर को अपने संबोधन में भी ताले की तारीफ की थी। कहा था कि घर-दुकान की सुरक्षा अलीगढ़ के ताले करते हैं। अब डिफेंस कॉरिडोर में तैयार होने वाले उपकरण हिंदुस्तान की सीमा की सुरक्षा करेंगे। उन्होंने यहां के एक ताला कारोबारी से पारिवारिक संबंध भी जोड़ा था। 2017 में नुमाइश मैदान में आयोजित चुनावी सभा में मोदी ने कहा था कि विरोधी पार्टियों के कार्यालय पर अलीगढ़ के ताले लग जाएंगे।
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