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अलीगढ़ः पीएसी में फर्जी प्रमाणपत्रों से पाई नौकरी, मुकदमा
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पीएसी 38वीं वाहिनी में फर्जी शिक्षा प्रमाणपत्रों के सहारे मृतक आश्रित के रूप में नौकरी पाने का प्रकरण जांच में सामने आया है। इसे लेकर क्वार्सी थाने में मैनपुरी के युवक के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया है।
यह मुकदमा पीएसी के शिविर सुरेशपाल सिंह की ओर से दर्ज कराया गया है।
इसमें आरोप है कि मैनपुरी बेबर के नगला ताल निवासी सचिन कुमार ने मुख्य आरक्षी सरनाम सिंह के मृतकाश्रित के रूप में प्लाटून कमांडर पद पर आवेदन किया। यह पत्रावली 20 दिसंबर 2017 से प्रचलित थी। इसमें सचिन कुमार की ओर से डा. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से वर्ष 2015, 16 व 2017 में बीएससी की प्रथम, द्वितीय व तृतीय वर्ष की अंकतालिका उपलब्ध कराई गईं। मगर सत्यापन में अंकतालिका को फर्जी करार दिया गया। जांच में पाया गया कि 2015-16 की बायोग्रुप की अंकतालिका इंटरनेट द्वारा फर्जी तरीके से तैयार की गई है। इसकी जांच रिपोर्ट के आधार पर सहायक सेनानायक के निर्देश पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। क्वार्सी इंस्पेक्टर विजय सिंह मुकदमे की पुष्टि की है।
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यह मुकदमा पीएसी के शिविर सुरेशपाल सिंह की ओर से दर्ज कराया गया है।
इसमें आरोप है कि मैनपुरी बेबर के नगला ताल निवासी सचिन कुमार ने मुख्य आरक्षी सरनाम सिंह के मृतकाश्रित के रूप में प्लाटून कमांडर पद पर आवेदन किया। यह पत्रावली 20 दिसंबर 2017 से प्रचलित थी। इसमें सचिन कुमार की ओर से डा. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से वर्ष 2015, 16 व 2017 में बीएससी की प्रथम, द्वितीय व तृतीय वर्ष की अंकतालिका उपलब्ध कराई गईं। मगर सत्यापन में अंकतालिका को फर्जी करार दिया गया। जांच में पाया गया कि 2015-16 की बायोग्रुप की अंकतालिका इंटरनेट द्वारा फर्जी तरीके से तैयार की गई है। इसकी जांच रिपोर्ट के आधार पर सहायक सेनानायक के निर्देश पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। क्वार्सी इंस्पेक्टर विजय सिंह मुकदमे की पुष्टि की है।
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