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अलीगढ़ः वीआईपी गेट पर विधायकों की रोकीं गाड़ियां, हंगामा-नोकझोंक
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राजा तिवारी
पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की तेरहवीं में शामिल होने आए विधायकों और जनप्रतिनिधियों की गाड़ियों को वीआईपी गेट पर रोके जाने पर हंगामा हो गया। पुलिस कर्मियों ने उनकी जमकर नोकझोंक हुई। लेकिन उनकी एक नहीं चली। ऐसे में उनको गेट से पैदल ही कार्यक्रम स्थल तक पैदल जाना पड़ा। पुलिस के व्यवहार से नाराज एटा सदर विधायक विपिन कुमार डेविड ने ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को भ्रष्ट बता दिया। कहा कि भ्रष्ट लोग हमारे साथ अत्याचार कर रहे हैं। जबकि अलीगढ़ महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत समेत कई लोगों के साथ खींचतान हुई।
अतरौली के केएमवी इंटर कॉलेज में पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के तेरहवीं कार्यक्रम में वीआईपी और वीवीआईपी के लिए अलग से व्यवस्था की गई थी। पैंठ चौराहे पर बने वीआईपी गेट से सभी को प्रवेश दिया गया। लेकिन यहां पुलिस और वीआईपी के बीच विवाद होता रहा। प्रोटोकॉल के तहत मुख्यमंत्री की फ्लीट, मंत्रियों के साथ विधायकों की गाड़ियां जानी थीं। कई विधायकों की गाड़ियां अंदर भी गईं, लेकिन बाहरी जिलों से आए विधायकों की गाड़ियों को अंदर नहीं जाने दिया गया। ऐसे में विधायक पैदल ही कार्यक्रम स्थल तक गए। इस पर एटा सदर के विधायक विपिन कुमार डेविड ने पुलिस कर्मियों से नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि आप किस तरीके से हमारी बेइज्जती कर सकते हो, पहले अपने गिरेबान में झांको, सबसे ज्यादा भ्रष्ट मिलोगे। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि भ्रष्ट लोग हमारे साथ अत्याचार कर रहे हैं।
यहां कोल विधायक अनिल पाराशर की गाड़ी रोकी गई तो उन्होंने भी नाराजगी जताई। वह शहर विधायक संजीव राजा की गाड़ी में बैठे थे। पुलिसकर्मियों ने कहा कि विधायक की गाड़ी जाने देंगे, इस पर उन्होंने कहा कि मैं भी तो विधायक हूं। इस पर पुलिस अधिकारी बोले कि जिस गाड़ी में बैठे हो, वह जाने दे रहे हैं। विवाद बढ़ने पर शहर विधायक ने अनिल पाराशर को शांत कराया। हंगामे के बाद विधायक अनिल पाराशर की गाड़ी अंदर जाने दी गई। इसके बाद रोकने पर यहां महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत के साथ खींचतान हो गई। उनके समर्थकों ने काफी हंगामा किया। अलीगढ़ की पूर्व महापौर शकुंतला भारती को भी गाड़ी में रोकना काफी बुरा लगा। गुस्से में उन्होंने वीआईपी गेट के बाहर अपनी गाड़ी को आधा घंटे तक खड़े रखा। इसके बाद वह उतरीं और पैदल अंदर की तरफ चलीं। हालांकि कुछ दूर जाकर लौट गईं। इनके अलावा कई जनप्रतिनिधियों से भी पुलिस वालों का विवाद होता रहा।
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पैदल पहुंचे मऊ और सिकंदराबाद विधायक
वीआईपी गेट पर पुलिस द्वारा गाड़ी रोकने पर मऊ जनपद के मोहम्मदाबाद गोहना विधायक श्रीराम सोनकर पैदल ही कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना हुए। उनके परिवार के सदस्य वीआईपी गेट के बाहर इंतजार करते रहे। सिकंदराबाद विधायक विमला सिंह की गाड़ी भी रोक ली गई थी। कहासुनी के बाद उन्होंने पुलिस से गुहार लगाई कि गाड़ी अंदर जाने दीजिए, लेकिन किसी ने एक न सुनी। हालांकि इस दौरान वह गेट के अंदर किसी अन्य गाड़ी में बैठकर कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना हुईं। जबकि उनके साथी बाहर ही खड़े रह गए।
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पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की तेरहवीं में शामिल होने आए विधायकों और जनप्रतिनिधियों की गाड़ियों को वीआईपी गेट पर रोके जाने पर हंगामा हो गया। पुलिस कर्मियों ने उनकी जमकर नोकझोंक हुई। लेकिन उनकी एक नहीं चली। ऐसे में उनको गेट से पैदल ही कार्यक्रम स्थल तक पैदल जाना पड़ा। पुलिस के व्यवहार से नाराज एटा सदर विधायक विपिन कुमार डेविड ने ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को भ्रष्ट बता दिया। कहा कि भ्रष्ट लोग हमारे साथ अत्याचार कर रहे हैं। जबकि अलीगढ़ महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत समेत कई लोगों के साथ खींचतान हुई।
अतरौली के केएमवी इंटर कॉलेज में पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के तेरहवीं कार्यक्रम में वीआईपी और वीवीआईपी के लिए अलग से व्यवस्था की गई थी। पैंठ चौराहे पर बने वीआईपी गेट से सभी को प्रवेश दिया गया। लेकिन यहां पुलिस और वीआईपी के बीच विवाद होता रहा। प्रोटोकॉल के तहत मुख्यमंत्री की फ्लीट, मंत्रियों के साथ विधायकों की गाड़ियां जानी थीं। कई विधायकों की गाड़ियां अंदर भी गईं, लेकिन बाहरी जिलों से आए विधायकों की गाड़ियों को अंदर नहीं जाने दिया गया। ऐसे में विधायक पैदल ही कार्यक्रम स्थल तक गए। इस पर एटा सदर के विधायक विपिन कुमार डेविड ने पुलिस कर्मियों से नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि आप किस तरीके से हमारी बेइज्जती कर सकते हो, पहले अपने गिरेबान में झांको, सबसे ज्यादा भ्रष्ट मिलोगे। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि भ्रष्ट लोग हमारे साथ अत्याचार कर रहे हैं।
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यहां कोल विधायक अनिल पाराशर की गाड़ी रोकी गई तो उन्होंने भी नाराजगी जताई। वह शहर विधायक संजीव राजा की गाड़ी में बैठे थे। पुलिसकर्मियों ने कहा कि विधायक की गाड़ी जाने देंगे, इस पर उन्होंने कहा कि मैं भी तो विधायक हूं। इस पर पुलिस अधिकारी बोले कि जिस गाड़ी में बैठे हो, वह जाने दे रहे हैं। विवाद बढ़ने पर शहर विधायक ने अनिल पाराशर को शांत कराया। हंगामे के बाद विधायक अनिल पाराशर की गाड़ी अंदर जाने दी गई। इसके बाद रोकने पर यहां महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत के साथ खींचतान हो गई। उनके समर्थकों ने काफी हंगामा किया। अलीगढ़ की पूर्व महापौर शकुंतला भारती को भी गाड़ी में रोकना काफी बुरा लगा। गुस्से में उन्होंने वीआईपी गेट के बाहर अपनी गाड़ी को आधा घंटे तक खड़े रखा। इसके बाद वह उतरीं और पैदल अंदर की तरफ चलीं। हालांकि कुछ दूर जाकर लौट गईं। इनके अलावा कई जनप्रतिनिधियों से भी पुलिस वालों का विवाद होता रहा।
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पैदल पहुंचे मऊ और सिकंदराबाद विधायक
वीआईपी गेट पर पुलिस द्वारा गाड़ी रोकने पर मऊ जनपद के मोहम्मदाबाद गोहना विधायक श्रीराम सोनकर पैदल ही कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना हुए। उनके परिवार के सदस्य वीआईपी गेट के बाहर इंतजार करते रहे। सिकंदराबाद विधायक विमला सिंह की गाड़ी भी रोक ली गई थी। कहासुनी के बाद उन्होंने पुलिस से गुहार लगाई कि गाड़ी अंदर जाने दीजिए, लेकिन किसी ने एक न सुनी। हालांकि इस दौरान वह गेट के अंदर किसी अन्य गाड़ी में बैठकर कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना हुईं। जबकि उनके साथी बाहर ही खड़े रह गए।