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नशा, नींद व थकान के कारण होते हैं सड़क हादसे

Wed, 28 Jul 2021 01:30 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 28 Jul 2021 01:30 AM IST
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Aligarh news
कार्यशाला में अतिथि को बुके देकर स्वागत करते लोग । - फोटो : CITY OFFICE
सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के तहत मंगलवार को संभागीय परिवहन कार्यालय के सारथी भवन हॉल में सेव लाइफ फाउंडेशन के सहयोग से बस, ट्रक, टेंपो, ऑटो, ई-रिक्शा के चालकों व परिचालकों के लिए फर्स्ट रेस्पांडर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 20 रोडवेज चालकों-परिचालकों सहित कुल 47 लोगों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
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आरटीओ प्रवर्तन फरीदउद्दीन ने बताया गया कि दुर्घटना का प्रमुख कारण नींद और थकान है। नींद और थकान पर काबू पाने के लिए भरपूर नींद, पानी का सेवन, आराम, थोड़ी-थोड़ी देर में खाते रहना चाहिए। साथ ही व्यायाम भी करें। दूसरा कारण वाहन का असुरक्षित होना है। इसके लिए टायर का दबाव, ब्रेक पैड, तेल और कूलेंट, टायर की दशा आदि का ध्यान रखना जरूरी है। तीसरा कारण अन्य वाहन चालकों, रोड यूजर के व्यवहार को पहचानना है। खराब सड़क एवं मौसम हो तो धीमी गति से गाड़ी चलानी चाहिए। नशा करके वाहन चलाना खतरनाक है।
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सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन अमिताभ चतुर्वेदी ने बताया गया कि ओवर स्पीडिंग के कारण लगभग 60 प्रतिशत दुर्घटनाएं होती हैं। एआरटीओ प्रशासन रंजीत सिंह कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल होने वाले व्यक्ति के लिए दुर्घटना के बाद एक घंटे का समय बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। एक घंटे के भीतर दुर्घटना में घायल व्यक्ति को समुचित प्राथमिक चिकित्सा और उसके बाद अन्य चिकित्सा सहायता मिल जाती है तो उसके बचने एवं ठीक होने की संभावना काफी अधिक हो जाती है।
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