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लाभार्थी को पता नहीं, दूसरी महिला के खाते में चली गई प्रधानमंत्री आवास की दो किश्तें
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प्रधानमंत्री आवास योजना में आवास निर्माण के लिए मिलने वाली राशि की दो किश्तों का दो लाख रुपया लाभार्थी के बजाय हमीरपुर की महिला के खाते में जाने का मामला सामने आया है। इसकी जानकारी मिलने पर हड़कंप मच हुआ है। मामले में पीओ डूडा ने बैंक की गलती बताते हुए बैंक को पत्र लिखकर पैसा वापस मंगाकर लाभार्थी के खाते में डालने को कहा है।
यह है मामला
हरदुआगंज निवासी मंजू देवी ने प्रधानमंत्री आवास योजना में आवास बनवाने के लिये आवेदन किया था। पात्रता की जांच में मामला सही पाए जाने पर मंजू देवी को लाभार्थी के रूप में चिन्हित कर वर्ष 4 अक्टूबर 2018 में 50 हजार की पहली किश्त और डेढ़ लाख की दूसरी किश्त वर्ष 2018 में ही 28 नवम्बर को उनके केनरा बैंक हरदुआगंज शाखा में भेज दी गई। पीओ डूडा ने बताया कि भूलवश दोनों किश्त जनपद हमीरपुर के भगवान देवी पत्नी प्रेम वर्मा के खाते में पहुंच गयी हैं। पीओ डूडा ने बताया कि उन्होंने 23 अप्रैल को पत्र लिखकर बैंक से उक्त धनराशि वापस करवाते हुए लाभार्थी मंजू देवी के खाते में जमा करवाने का अनुरोध किया है।
तीसरी किश्त ने खोला राज
अलीगढ़। अप्रैल में सत्यापन के लिए पहुंची डूडा की टीम हरदुआगंज के अहीरपाडा निवासी मंजू के घर पहुंची। डूडा कर्मी ने जब ये पूछा कि तीसरी किश्त जारी होनी है, लेकिन आपने तो अभी तक पहली दो किश्त इस्तेमाल ही नहीं की। इस पर मंजू हैरान रह गई और उसने बताया कि उसे तो कोई पैसा ही नहीं मिला। इस सूचना पर डूडा कार्यालय में भी हड़कंप मच गया। आनन फानन बैंक को पत्र लिखा गया।
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पीड़त ने थाने में दी तहरीर
अलीगढ़। पीड़िता मंजू देवी ढाई वर्ष से कार्यालयों के चक्कर काटकर परेशान है। दो महीने पहले ही उसे पता लगा कि उसका पैसा हमीरपुर में किसी अन्य पर पहुंच चुका है। पीड़िता ने उक्त जानकारी के बाद हरदुआगंज थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग भी की है।
यह उठे सवाल और यह है नियम
अलीगढ़। प्रधानमंत्री आवास योजना में लाभार्थी को प्रथम किश्त के रूप में 50 हजार रुपये दिए जाते हैं। उस पैसे से उसे आवास की नींव भरवानी होती है। कार्य पूर्ण होने के बाद दूसरी किश्त के डेढ़ लाख रुपये मिलते हैं। इस धनराशि से दीवार निर्माण, छत पाटने के लिए पत्थर बिछाने, प्लास्टर व पेंट कराना होता है। यह सभी कार्यवाही होने के बाद तीसरी किश्त का 50 हजार रुपया मिलता है। दूसरी किश्त देने के बाद कम से कम 5 बार डूडा की टीम सर्वे करती है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या इससे पहले डूडा की टीम ने सर्वे नहीं किया। सबसे अहम सवाल है कि बैंक में बिना आईएफएससी कोड और एकाउंट नंबर के पैसा किसी दूसरे के खाते में कैसे पहुंच गया।
आधार फीडिंग का नंबर गलत दर्ज करना बताया गड़बड़ी का कारण
अलीगढ़। पीओ डूडा पीके मिश्रा ने इस गड़बड़ी का कारण मंजू के आधार कार्ड की गलत फीडिंग बताया है। उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारी ने मंजू के आधार कार्ड का नंबर गलत फीड कर दिया था।
मंजू देवी का मामला तीन साल पुराना है। उस समय में यहां नहीं थी। पैसे के ट्रांजेक्शन में नाम एकाउंट नंबर, आईएफएससी कोड व आधार नंबर को मैच करना होता है। यह गड़बड़ी कैसे हुई, कहा नहीं जा सकता। जिस महिला के खाते में पैसा ट्रांसफर हुआ है, उससे संपर्क करके पैसा वापस लाने की कोशिश की जा रही है।
अनामिका सिंह, प्रबंधक, केनरा बैंक, हरदुआगंज शाखा
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यह है मामला
हरदुआगंज निवासी मंजू देवी ने प्रधानमंत्री आवास योजना में आवास बनवाने के लिये आवेदन किया था। पात्रता की जांच में मामला सही पाए जाने पर मंजू देवी को लाभार्थी के रूप में चिन्हित कर वर्ष 4 अक्टूबर 2018 में 50 हजार की पहली किश्त और डेढ़ लाख की दूसरी किश्त वर्ष 2018 में ही 28 नवम्बर को उनके केनरा बैंक हरदुआगंज शाखा में भेज दी गई। पीओ डूडा ने बताया कि भूलवश दोनों किश्त जनपद हमीरपुर के भगवान देवी पत्नी प्रेम वर्मा के खाते में पहुंच गयी हैं। पीओ डूडा ने बताया कि उन्होंने 23 अप्रैल को पत्र लिखकर बैंक से उक्त धनराशि वापस करवाते हुए लाभार्थी मंजू देवी के खाते में जमा करवाने का अनुरोध किया है।
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तीसरी किश्त ने खोला राज
अलीगढ़। अप्रैल में सत्यापन के लिए पहुंची डूडा की टीम हरदुआगंज के अहीरपाडा निवासी मंजू के घर पहुंची। डूडा कर्मी ने जब ये पूछा कि तीसरी किश्त जारी होनी है, लेकिन आपने तो अभी तक पहली दो किश्त इस्तेमाल ही नहीं की। इस पर मंजू हैरान रह गई और उसने बताया कि उसे तो कोई पैसा ही नहीं मिला। इस सूचना पर डूडा कार्यालय में भी हड़कंप मच गया। आनन फानन बैंक को पत्र लिखा गया।
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पीड़त ने थाने में दी तहरीर
अलीगढ़। पीड़िता मंजू देवी ढाई वर्ष से कार्यालयों के चक्कर काटकर परेशान है। दो महीने पहले ही उसे पता लगा कि उसका पैसा हमीरपुर में किसी अन्य पर पहुंच चुका है। पीड़िता ने उक्त जानकारी के बाद हरदुआगंज थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग भी की है।
यह उठे सवाल और यह है नियम
अलीगढ़। प्रधानमंत्री आवास योजना में लाभार्थी को प्रथम किश्त के रूप में 50 हजार रुपये दिए जाते हैं। उस पैसे से उसे आवास की नींव भरवानी होती है। कार्य पूर्ण होने के बाद दूसरी किश्त के डेढ़ लाख रुपये मिलते हैं। इस धनराशि से दीवार निर्माण, छत पाटने के लिए पत्थर बिछाने, प्लास्टर व पेंट कराना होता है। यह सभी कार्यवाही होने के बाद तीसरी किश्त का 50 हजार रुपया मिलता है। दूसरी किश्त देने के बाद कम से कम 5 बार डूडा की टीम सर्वे करती है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या इससे पहले डूडा की टीम ने सर्वे नहीं किया। सबसे अहम सवाल है कि बैंक में बिना आईएफएससी कोड और एकाउंट नंबर के पैसा किसी दूसरे के खाते में कैसे पहुंच गया।
आधार फीडिंग का नंबर गलत दर्ज करना बताया गड़बड़ी का कारण
अलीगढ़। पीओ डूडा पीके मिश्रा ने इस गड़बड़ी का कारण मंजू के आधार कार्ड की गलत फीडिंग बताया है। उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारी ने मंजू के आधार कार्ड का नंबर गलत फीड कर दिया था।
मंजू देवी का मामला तीन साल पुराना है। उस समय में यहां नहीं थी। पैसे के ट्रांजेक्शन में नाम एकाउंट नंबर, आईएफएससी कोड व आधार नंबर को मैच करना होता है। यह गड़बड़ी कैसे हुई, कहा नहीं जा सकता। जिस महिला के खाते में पैसा ट्रांसफर हुआ है, उससे संपर्क करके पैसा वापस लाने की कोशिश की जा रही है।
अनामिका सिंह, प्रबंधक, केनरा बैंक, हरदुआगंज शाखा