जिले में अब देशी शराब शीशी बंद नहीं मिलेगी, सिर्फ टेट्रा पैकिंग (गत्ते की पैकिंग) वाली शराब बिकेगी। पुराने सभी स्टॉक को दुकानों से जब्त किया जाएगा। टेट्रा पैक के रूप में नया स्टॉक पहुंचने के बाद दुकानों से बिक्री शुरू होगी। आबकारी के रिकार्ड के मुताबिक जिले में 249 देशी शराब की दुकान हैं। इनका प्रतिमाह का कोटा 8.60 लीटर है। वहीं, एक वर्ष का कोटा करीब 91 लाख लीटर है।
देशी शराब की दुकानों से बिकी नकली जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के बाद डीएम चंद्रभूषण सिंह ने आदेश दिया है कि अब जिले की किसी भी देशी शराब की दुकान से पुराने स्टॉक की बिक्री नहीं की जाएगी। सभी पुराने स्टॉक को हटाया जाए। अब देशी शराब की दुकानों से अब सिर्फ टेट्रा पैकिंग वाली शराब की बिक्री की जाएगी। इस पैकिंग की नकल करना व इसके साथ छेड़छाड़ करते हुए मिलावट करना संभव नहीं है। इस पैकिंग के लिए डिस्लरी में जो प्लांट होता है, वह काफी महंगा लगता है। बता दें कि अवैध शराब का धंधा करने वालों ने शासन-प्रशासन के समान अपना एक अवैध साम्राज्य खड़ा कर लिया है। वह डिस्लरी में बनाए जाने वाली असली शराब व उसकी पैकिंग की हूबहू नकल करते हुए नकली शराब बेच रहे हैं। इस साम्राज्य को खत्म करने के लिए जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने इसकी सिर्फ टेट्रा पैकिंग वाली शराब की बिक्री करने की व्यवस्था अलीगढ़ में शुरू की है।