ईसाई समाज द्वारा मनाए जाने वाले प्रमुख पवित्र त्योहारों में से एक ईस्टर डे पर शहर के गिरिजाघरों में चर्च सर्विस का आयोजन हुआ। प्रभु यीशु के पुनर्जीवित होने की समाज ने खुशियां मनाईं और प्रार्थना की। विशेष प्रार्थना सभा में फादरों ने समाज को प्रभु यीशु के वचनों पर प्रकाश डाला।
मान्यताओं के अनुसार गुड फ्राइडे के दिन प्रभु यीशु को सूली पर चढ़ाया गया था। इसके बाद ईस्टर के दिन वह पुनर्जीवित हो गए। पुनर्जन्म के बाद प्रभु यीशु अपने शिष्यों के पास 40 दिन तक रहे। इसके बाद वे स्वर्ग चले गए। इसीलिए ईस्टर का जश्न 40 दिनों तक मनाया जाता है। ईस्टर के मौके पर गिरिजाघरों को सजाया गया। मोमबत्तियां जलाई गईं। फादर और समाज के लोगों ने बाइबिल का पाठ किया। मेथोडिस्ट सिटी क्राइस्ट चर्च शिशियापाड़ा में फादर जोनाथन लाल, सेंट्रल मेथोडिस्ट चर्च बन्नादेवी फादर युसूफ दास और फादर एसटी गिल, सीएनआई चर्च घंटाघर फादर हैरल्ड अभिताभ और पास्टर रविकांत, संत फिदेलिस कैथोलिक चर्च में फादर रोशन फरेरा, इंग्राहम मेथोडिस्ट चर्च बन्नादेवी में फादर अमित ऑस्मंड, सीडीएफ मेथोडिस्ट चर्च में फादर सेमुअल बी लाल, सीडीएमसी चर्च बन्नादेवी में पास्टर हाबिल ज्ञान, पास्टर याकूब मेंजबिन, एजी चर्च बेगपुर में पास्टर रवि जॉर्ज व पास्टर अमित जॉय ने प्रभु यीशु के वचन सुनाए। इन गिरजाघरों में समाज के लोग काफी संख्या में शामिल हुए।

चर्च ऑफ असेंसन में आोयोजित प्रार्थना सभा में उपस्थित महिलाएं।- फोटो : CITY OFFICE