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हाई रिस्क मरीजों को कोरोना से बचाने को सर्वे शरू
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कौशल कुमार ओझा
डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, किडनी एवं लिवर जैसी बीमारियों से पीड़ित हाई रिस्क मरीजों को कोरोना वायरस से सुरक्षित करने के लिए शासन स्तर से प्रयास शुरू किए गए हैं। घर-घर सर्वे के दौरान डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, किडनी एवं लिवर से संबंधित मरीजों का ब्योरा भी स्वास्थ्यकर्मी जुटाएंगे।
जनपद में रविवार से घर-घर सर्वे का काम शुरू हो गया है।
इसमें खांसी, जुकाम, बुखार व सांस लेने में तकलीफ के अतिरिक्त डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, किडनी की बीमारी, लिवर की बीमारी से संबंधित सूचनाओं के लिए अलग कॉलम दिए गए हैं। पहले जो सर्वे हुए थे, उसमें हाई रिस्क वाले मरीजों को शामिल नहीं किया गया था। हाई रिस्क वाले मरीजों को कोरोना वायरस से संक्रमित होने का खतरा ज्यादा है। ऐसे मरीजों की मृत्यु भी ज्यादा हो रही है। सरकार की योजना ऐसे मरीजों को पहले ही चिन्हित कर संक्रमण से बचाने के उपाय करना है।
मरीजों को चिन्हित करने के बाद जरूरत के हिसाब से दवा आदि का भी इंतजाम करने की योजना है। चिन्हित मरीजों के यहां स्वास्थ्यकर्मी 15 दिन में चार बार जाएंगे और उनके स्वास्थ्य की जांच करेंगे। जरूरत पड़ने पर क्वरंटीन कर उपचार किया जाएगा। जनपद में घर-घर सर्वे शुरू हो गया है। नये फार्मेट में डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, किडन की बीमारी एवं लिवर की बीमारी से संबंधित सूचनाओं के लिए अलग से कॉलम बनाया गया है। सर्वे के दौरान स्वास्थ्यकर्मी हाई रिस्क बीमारियों से संबंधित सूचनाएं भी लेंगे। इसका उद्देश्य हाई रिस्क मरीजों को चिन्हित कर उन्हें सुरक्षित करना है।
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- डॉ. बीपी सिंह कल्याणी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, किडनी एवं लिवर जैसी बीमारियों से पीड़ित हाई रिस्क मरीजों को कोरोना वायरस से सुरक्षित करने के लिए शासन स्तर से प्रयास शुरू किए गए हैं। घर-घर सर्वे के दौरान डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, किडनी एवं लिवर से संबंधित मरीजों का ब्योरा भी स्वास्थ्यकर्मी जुटाएंगे।
जनपद में रविवार से घर-घर सर्वे का काम शुरू हो गया है।
इसमें खांसी, जुकाम, बुखार व सांस लेने में तकलीफ के अतिरिक्त डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, किडनी की बीमारी, लिवर की बीमारी से संबंधित सूचनाओं के लिए अलग कॉलम दिए गए हैं। पहले जो सर्वे हुए थे, उसमें हाई रिस्क वाले मरीजों को शामिल नहीं किया गया था। हाई रिस्क वाले मरीजों को कोरोना वायरस से संक्रमित होने का खतरा ज्यादा है। ऐसे मरीजों की मृत्यु भी ज्यादा हो रही है। सरकार की योजना ऐसे मरीजों को पहले ही चिन्हित कर संक्रमण से बचाने के उपाय करना है।
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मरीजों को चिन्हित करने के बाद जरूरत के हिसाब से दवा आदि का भी इंतजाम करने की योजना है। चिन्हित मरीजों के यहां स्वास्थ्यकर्मी 15 दिन में चार बार जाएंगे और उनके स्वास्थ्य की जांच करेंगे। जरूरत पड़ने पर क्वरंटीन कर उपचार किया जाएगा। जनपद में घर-घर सर्वे शुरू हो गया है। नये फार्मेट में डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, किडन की बीमारी एवं लिवर की बीमारी से संबंधित सूचनाओं के लिए अलग से कॉलम बनाया गया है। सर्वे के दौरान स्वास्थ्यकर्मी हाई रिस्क बीमारियों से संबंधित सूचनाएं भी लेंगे। इसका उद्देश्य हाई रिस्क मरीजों को चिन्हित कर उन्हें सुरक्षित करना है।
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- डॉ. बीपी सिंह कल्याणी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी