कोरोना वायरस से फैली महामारी को रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा जनपद के हर घर में टीम भेजकर परिवार के सदस्यों की जांच व स्क्रीनिंग करने के लिए बनाया गया डेडिकेटेड मेडिकल टीम मॉडल को मेरठ प्रशासन ने भी अपनाया है। मेरठ में भी अलीगढ़ की तर्ज पर घर-घर थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई है। डीएम चंद्रभूषण सिंह और सीएमओ से वार्ता कर मेरठ प्रशासन ने मॉडल के पूरे प्रारूप को समझा और अपने जिले में लागू किया।
राजस्व, पुलिस, आशा, एएनएम, विकास व शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम को इस काम में 11 अप्रैल से लगाया गया है। तहसीलों में एसडीएम इस टीम के इंचार्ज हैं। वहीं, शहर में एडीएम सिटी, सिटी मजिस्ट्रेट, एसीएम इस व्यवस्था को अपने-अपने क्षेत्र में संभाल रहे हैं। यहां थर्मल स्क्रीनिंग के दौरान खांसी, जुखाम या बुखार के लक्षण पाए जाते हैं तो उसका सैंपल कोरोना टेस्ट के लिए भेजा जा रहा है। डीएम चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि पल्स पोलियो अभियान को ध्यान में रखते हुए इस टीम का गठन किया गया था। मेरठ जिला प्रशासन ने प्रतिदिन टीम-11 की बैठक और डेडिकेटेड मेडिकल टीम के मॉडल का प्रारूप मांगा और उसे अपने जिले में लागू किया। डीएम के मुताबिक अलीगढ़ जिले में अब तक चार लाख परिवारों तक टीम पहुंच चुकी है। 2400 टीमों को इस काम में दौड़ाया जा रहा है।