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सब हैरान... कहां-कहां घूमा था कोरोना संक्रमित, राज सीने में दफन
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कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद कनवरीगंज और चिछपैटी बाजार का बंद करिया गया रास्ता।
- फोटो : CITY OFFICE
अभिषेक शर्मा
एक सवाल को लेकर सब हैरान हैं। जिला पुलिस प्रशासन-स्वास्थ्य विभाग से लेकर आम जनपदवासियों के लिए यह अबूझ पहेली बना हुआ है। उस्मानपाड़ा के कोरोना संक्रमित मरीज को कोरोना का संक्रमण कहां से आया और वह बीमार होने से पहले कहां-कहां कितने लोगों के संपर्क में आया, कहां कहां घूमा? यह राज उसी के सीने में दफन होकर रह गया है। अब तक परिवार और डॉक्टरों से पूछताछ के आधार पर जो आधी-अधूरी जानकारी मिली है, उसके आधार पर पुलिस व स्वास्थ्य टीमें लोगों को चिह्नित कर उन्हें क्वारंटीन करने और उनके रैपिड टेस्ट कराने में जुटी हैं। वहीं, अलहदादपुर नीवरी के कोरोना संक्रमित मरीज से जुड़ी है कि उसकी ट्रेवल हिस्ट्री खुली किताब की तरह है। दोनों को सोमवार को कोरोना संक्रमित घोषित किए जाने के बाद टीमों ने दोनों के संपर्क में आए लोगों की स्क्रीनिंग के लिए ताबड़तोड़ अभियान चलाया और दिन भर में 119 लोगों को क्वारंटीन कराते हुए सैंपल एकत्रित किए हैं। बाकी प्रयास जारी हैं।
डीएम चंद्रभूषण सिंह व एसएसपी मुनिराज जी के निर्देश पर पुलिस-स्वास्थ्य की दो टीमों ने मंगलवार सुबह से ही स्क्रीनिंग का काम शुरू किया। एक टीम ने अलहदादपुर के जमाती मरीज के परिवार के 9, मोहल्ले के एक व्यक्ति के अलावा उसके संपर्क में आए महावीर गंज-कनवरीगंज में दो थोक विक्रेता, कर्मचारी सहित 14 और राशन कोटेदार, पीड़ित के ग्राहकों की स्क्रीनिंग की। महावीरगंज-कनवरीगंज की दुकानों को व इलाकों को सील करा दिया गया है। इसी तरह उस्मानापड़ा में मोहल्ले व परिवार के 34, राशन डीलर, हजीरा में 7 और उस्मानापड़ा में मृत मरीज के सोमवार को हृदयाघात से मृत भाई के परिवार के 10 लोगों की स्क्रीनिंग कर उन्हें भी क्वारंटीन करते हुए सैंपल लिए गए हैं। इसके अलावा मृत भाई का अनूपशहर रोड के जिस नर्सिंग होम में इलाज हुआ, वहां 14, घुड़ियाबाग आदि इलाकों में स्क्रीनिंग कर सैंपल व लोगों को क्वारंटीन कराने की कार्रवाई की गई।
सिटी मजिस्ट्रेट विनीत कुमार सिंह ने बताया कि इन दोनों से जुड़े 119 लोगों के दिन भर में सैंपल लेने के साथ उन्हें क्वारंटीन कराया गया है। दुकानों पर सील लगवा दी गई है। राशन डीलरों व उनके परिवारों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। इसके अलावा बीमार परिवार की शिकायत पर क्वार्सी के चंदनिया में आधा दर्जन लोगों को क्वारंटीन कराते हुए सैंपल लिए गए हैं।
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अलहदादपुर नीवरी के मरीज को दूसरे दिन भी नहीं कोरोना के लक्षण
अलीगढ़ । कोरोना वायरस पॉजिटिव पाए गए देहली गेट के नीवरी निवासी मरीज में कोरोना से संबंधित कोई भी लक्षण जाहिर नहीं हो रहे हैं। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की समस्या और बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग की चिंता इस बात को लेकर है कि वह लोग जो उसके संपर्क में आए हों, और जिनके कोरोना संक्रमण से ग्रस्त होने की संभावना हो, अगर उनमें लक्षण दिखाई नहीं दे रहे हैं तो वह समस्या पैदा कर सकते हैं। नीवरी निवासी मरीज को सोमवार को कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद हरदुआगंज के आइसोलेशन सेंटर में भर्ती करा दिया गया था।
एसीएमओ डॉ. पीके शर्मा कहते हैं कि कोरोना वायरस पॉजिटिव होने के बाद भी उसमें कोरोना से ग्रस्त होने के सामान्य लक्षण जैसे खांसी, सांस फूलना, बुखार आदि कुछ भी जाहिर नहीं हो रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की चिंता यह है कि वह लोग जो कोरोना से ग्रस्त हो सकते हैं, लेकिन अगर उनमें लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हैं तो फिर विभाग उन तक कैसे पहुंचे? हालांकि इसका एक तरीका यह है कि सघन टेस्टिंग अभियान चलाया जाए, लेकिन अगर लक्षण दिखाई देते हैं तो विभाग की मुश्किल में कुछ आसान हो जाती हैं और अगर लक्षण दिखाई नहीं देते हैं तो स्थिति और जटिल हो जाती है।
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एक सवाल को लेकर सब हैरान हैं। जिला पुलिस प्रशासन-स्वास्थ्य विभाग से लेकर आम जनपदवासियों के लिए यह अबूझ पहेली बना हुआ है। उस्मानपाड़ा के कोरोना संक्रमित मरीज को कोरोना का संक्रमण कहां से आया और वह बीमार होने से पहले कहां-कहां कितने लोगों के संपर्क में आया, कहां कहां घूमा? यह राज उसी के सीने में दफन होकर रह गया है। अब तक परिवार और डॉक्टरों से पूछताछ के आधार पर जो आधी-अधूरी जानकारी मिली है, उसके आधार पर पुलिस व स्वास्थ्य टीमें लोगों को चिह्नित कर उन्हें क्वारंटीन करने और उनके रैपिड टेस्ट कराने में जुटी हैं। वहीं, अलहदादपुर नीवरी के कोरोना संक्रमित मरीज से जुड़ी है कि उसकी ट्रेवल हिस्ट्री खुली किताब की तरह है। दोनों को सोमवार को कोरोना संक्रमित घोषित किए जाने के बाद टीमों ने दोनों के संपर्क में आए लोगों की स्क्रीनिंग के लिए ताबड़तोड़ अभियान चलाया और दिन भर में 119 लोगों को क्वारंटीन कराते हुए सैंपल एकत्रित किए हैं। बाकी प्रयास जारी हैं।
डीएम चंद्रभूषण सिंह व एसएसपी मुनिराज जी के निर्देश पर पुलिस-स्वास्थ्य की दो टीमों ने मंगलवार सुबह से ही स्क्रीनिंग का काम शुरू किया। एक टीम ने अलहदादपुर के जमाती मरीज के परिवार के 9, मोहल्ले के एक व्यक्ति के अलावा उसके संपर्क में आए महावीर गंज-कनवरीगंज में दो थोक विक्रेता, कर्मचारी सहित 14 और राशन कोटेदार, पीड़ित के ग्राहकों की स्क्रीनिंग की। महावीरगंज-कनवरीगंज की दुकानों को व इलाकों को सील करा दिया गया है। इसी तरह उस्मानापड़ा में मोहल्ले व परिवार के 34, राशन डीलर, हजीरा में 7 और उस्मानापड़ा में मृत मरीज के सोमवार को हृदयाघात से मृत भाई के परिवार के 10 लोगों की स्क्रीनिंग कर उन्हें भी क्वारंटीन करते हुए सैंपल लिए गए हैं। इसके अलावा मृत भाई का अनूपशहर रोड के जिस नर्सिंग होम में इलाज हुआ, वहां 14, घुड़ियाबाग आदि इलाकों में स्क्रीनिंग कर सैंपल व लोगों को क्वारंटीन कराने की कार्रवाई की गई।
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सिटी मजिस्ट्रेट विनीत कुमार सिंह ने बताया कि इन दोनों से जुड़े 119 लोगों के दिन भर में सैंपल लेने के साथ उन्हें क्वारंटीन कराया गया है। दुकानों पर सील लगवा दी गई है। राशन डीलरों व उनके परिवारों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। इसके अलावा बीमार परिवार की शिकायत पर क्वार्सी के चंदनिया में आधा दर्जन लोगों को क्वारंटीन कराते हुए सैंपल लिए गए हैं।
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अलहदादपुर नीवरी के मरीज को दूसरे दिन भी नहीं कोरोना के लक्षण
अलीगढ़ । कोरोना वायरस पॉजिटिव पाए गए देहली गेट के नीवरी निवासी मरीज में कोरोना से संबंधित कोई भी लक्षण जाहिर नहीं हो रहे हैं। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की समस्या और बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग की चिंता इस बात को लेकर है कि वह लोग जो उसके संपर्क में आए हों, और जिनके कोरोना संक्रमण से ग्रस्त होने की संभावना हो, अगर उनमें लक्षण दिखाई नहीं दे रहे हैं तो वह समस्या पैदा कर सकते हैं। नीवरी निवासी मरीज को सोमवार को कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद हरदुआगंज के आइसोलेशन सेंटर में भर्ती करा दिया गया था।
एसीएमओ डॉ. पीके शर्मा कहते हैं कि कोरोना वायरस पॉजिटिव होने के बाद भी उसमें कोरोना से ग्रस्त होने के सामान्य लक्षण जैसे खांसी, सांस फूलना, बुखार आदि कुछ भी जाहिर नहीं हो रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की चिंता यह है कि वह लोग जो कोरोना से ग्रस्त हो सकते हैं, लेकिन अगर उनमें लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हैं तो फिर विभाग उन तक कैसे पहुंचे? हालांकि इसका एक तरीका यह है कि सघन टेस्टिंग अभियान चलाया जाए, लेकिन अगर लक्षण दिखाई देते हैं तो विभाग की मुश्किल में कुछ आसान हो जाती हैं और अगर लक्षण दिखाई नहीं देते हैं तो स्थिति और जटिल हो जाती है।

उस्मान पाड़ा में कोरोना पॉजिटिव मिलने पर अब्दुल करीम चौराहे पर बंद किया गया रास्ता।- फोटो : CITY OFFICE