{"_id":"5e8f6c828ebc3e768e08a820","slug":"aligarh-news-city-office-news-ali2310185151","type":"story","status":"publish","title_hn":"अलीगढ़ः लॉकडाउन में विधायक ने मंदिर में परिवार के साथ की पूजा, कहा दुनिया को बचाने के लिए किया हवन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलीगढ़ः लॉकडाउन में विधायक ने मंदिर में परिवार के साथ की पूजा, कहा दुनिया को बचाने के लिए किया हवन
Fri, 10 Apr 2020 12:12 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 10 Apr 2020 12:12 AM IST
विज्ञापन
महावीर गंज स्थित मंदिर में लॉकडाउन में हवन पूजन करते विधायक संजीव राजा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर विधान सभा क्षेत्र के विधायक संजीव राजा लॉकडाउन की परवाह किए बिना महावीरगंज स्थित मंदिर में स्वजनों के साथ हवन-पूजन किया। शहर में इसको लेकर चर्चा का बाजार गरम है।
विज्ञापन
लोग कह रहे हैं कि जब विधायक ऐसा करेंगे तो जनता को धार्मिक स्थलों में जाने से किस नैतिक अधिकार से रोका जाएगा। वहीं, संजीव राजा का कहना है कि वह कोरोना वायरस के संक्रमण से विश्व को बचाने के लिए विशेष तौर पर हवन-पूजन करने गए थे।
विज्ञापन
महावीर जयंती के दिन संजीव राजा अपने स्वजनों के साथ हनुमान मंदिर में हवन-पूजन किया। बच्चे और महिलाएं सहित करीब 15-20 लोग इस अनुष्ठान में शामिल हुए। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब लॉकडाउन में सभी धर्म स्थल बंद हैं तो विधायक हवन-पूजन करने लोगों के साथ कैसे पहुंच गए।
विज्ञापन
हवन-पूजन के दौरान सामाजिक दूरी एवं मास्क आदि का ख्याल रखा गया या नहीं। इस संबंध में विधायक संजीव राजा का कहना है कि महावीरगंज मंदिर प्राचीन व पवित्र मंदिर हैं। वह हर साल हनुमान जयंती पर यहां आते हैं।
इस बार वह विशेष तौर पर कोरोना संकट से विश्व को बचाने के लिए प्रार्थना करने हनुमान बाबा के पास गए थे। उनका कहना है कि पूजा के दौरान सामाजिक दूरी एवं अन्य तमाम तरह की सावधानी बरती गई।
वह सिर्फ पांच परिवार के साथ हवन-पूजन करने गए थे। लॉकडाउन में मंदिर खुले होने के संबंध में उनका कहना है कि लॉकडाउन के दौरान पुजारी मंदिर में आते हैं। आरती होती है। भगवान को भोग लगाया जाता है। भगवान को भूखे नहीं छोड़ा जा सकता।