फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Aligarh news

अलीगढ़ : हाईवे पर टोल टैक्स भरपूर, मगर सुविधाएं कोसों दूर

Mon, 16 May 2022 02:32 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला/अलीगढ़
अमर उजाला/अलीगढ़ Published by: अलीगढ़ ब्यूरो Updated Mon, 16 May 2022 02:32 AM IST
विज्ञापन
Aligarh news
अलीगढ़- गाजियाबाद हाईवे पर उखड़ी पड़ी रेलिंग । - फोटो : CITY OFFICE
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की ओर से हर साल टोल टैक्स में तो बढ़ोतरी की जा रही है, लेकिन भारी शुल्क अदा करने के बाद भी यहां पर यात्रियों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। सड़क में गहरे गड्ढे, टूटी पड़ी रेलिंग, रात में सड़क पर लाइटें बंद होने से आए-दिन हादसे हो रहे हैं। टोल प्लाजा पर पीने के पानी की भी कोई व्यवस्था नहीं हैं। यहां बने शौचालय पर अक्सर ताला ही लटका रहता है, जिससे यहां से गुजरने वाले यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। खासकर महिला यात्रियों को समस्या होती है।
विज्ञापन

राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच 91 पर गाजियाबाद-अलीगढ़ एक्सप्रेसवे पर अलीगढ़ जिले में बौनेर से खुर्जा बॉर्डर तक करीब 32 किमी का हिस्सा आता है। इस हिस्से में टूटी सड़क और उनमें गहरे गड्ढे वाहन चालकों की परेशानी का सबब बन रहे हैं। तेज रफ्तार वाहन हादसों को शिकार होते रहते हैं। स्थानीय लोगों की शिकायतों के बाद भी एनएचएआई कोई ध्यान दे रहा है। सड़क पर दुर्घटना से बचने के लिए फ्लैक्स, साइन बोर्ड भी नही लगे हैं।
विज्ञापन

पैराई पुल की टूटी है रेलिंग
जिले की बुलंदशहर सीमा पर पहावटी के पास डिवाइडर होने से अक्सर हादसे होते रहते हैं। दौरऊ मोड़ पर अवैध कट पर भी यही स्थिति है। इस अवैध कट पर पिछले एक साल में आठ लोगों की जान जा चुकी है। इसके बाद कटरा मोड़ पर एस्सार पेट्रोल पंप के पास अवैध कट, बरौली मोड़ चौराहे पर अंडरपास न होने हादसे हो रहे हैं। पैराई पुल पर लगी रेलिंग टूटी है। संबंधित विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे हर समय यहां हादसों का खतरा बना रहता है। अति व्यस्त नेशनल हाईवे-91 से सैकड़ों वीआईपी व प्रशासनिक अधिकारी गुजरते हैं, लेकिन इस ओर किसी का ध्यान नहीं है। कई बार क्षेत्रीय लोग संबंधित विभाग से शिकायत कर चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

हादसों का सबब बन रहे गढ्ढे
हाईवे पर खेरेश्वर चौराहे से अलीगढ़-बुलंदशहर की सीमा तक सड़क गढ्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। बीच-बीच में पैचवर्क कर खानापूर्ति कर दी जाती है। कुछ दिन बाद फिर वही स्थिति होती है, जो लगातार हादसों का कारण बन रहे हैं। पिछले एक माह में इन्हीं गड्ढों के दस से अधिक हादसे हो चुके हैं। जिसमें दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो चुके हैं, तीन लोग अपनी जान गवां चुके हैं।
जिस हिसाब से हाईवे से गुजरने वालों से टोल टैक्स वसूला जाता है, उसी हिसाब से एनएचएआई को लागों को सुविधाएं देने में सुधार करना चाहिए। - राहुल शर्मा, यात्री
हाईवे पर हादसों को रोकने के लिए अवैध कटों पर विभाग को संकेतक या साइन बोर्ड लगाने चाहिए, जिससे सड़क हादसों की संख्या को कम किया जा सके। - प्रिंस गर्ग , यात्री
हाईवे पर होने वाले हादसों के लिए कहीं हद तक सड़क की इंजीनियरिंग में खोट है। रोड डिजाइन करते समय सुरक्षा का ध्यान नहीं रखा गया है। इसमें सुधार होना जरूरी है। इससे हादसों में कमी आएगी। जिले में हाईवे पर सबसे अधिक हादसों में लोगों की जान जा रही है।

- मदन मोहन शर्मा, तकनीकी विशेषज्ञ
गाजियाबाद-अलीगढ़ एक्सप्रेसवे पर गढ्ढों को भरवाने का काम लगातार चल रहा है। अवैध कटों को चिन्हित करके उन्हें बंद कराने का अभियान चलाया जा रहा है, जिन जगहों पर हादसे बढ़ गए हैं, वहां पर भी उनकी वजह तलाश कर उनमें सुधार कराया जाएगा ।
- पीपी सिंह, उप महाप्रबंधक, एनएचएआई
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed