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अलीगढ़ : अवैध वसूली से कराया जाता है सरकारी बसों का संचालन
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गांधीपार्क बस अड्डे पर खड़ी उत्तराखंड परिवहन निगम की बस से अवैध वसूली करता सुरक्षाकर्मी।
- फोटो : CITY OFFICE
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शहर के गांधीपार्क बस अड्डे पर अवैध वसूली के जरिए विभिन्न राज्यों की बसों का संचालन कराया जा रहा है। शासन के राजस्व को चूना लगाने के लिए बसों को बस अड्डा परिसर की जगह बाहर खड़ा करवाया जाता है। इससे बस की रसीद नहीं कटती है। इसके एवज में बसों के परिचालक स्थानीय लोगों को हर चक्कर पर अच्छी खासी रकम भी देते हैं, जबकि अधिकारी इससे अनजान बने होने का दावा कर रहे हैं।
विभिन्न राज्यों की बस अलीगढ़ होते हुए अपने-अपने गंतव्य तक जाती हैं। हरियाणा की बस सैटेलाइट बस अड्डा, राजस्थान की बस मसूदाबाद बस अड्डा और मध्य प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों की बस गांधीपार्क बस अड्डे होकर गुजरती हैं। इन बसों में काफी यात्री अलीगढ़ में उतरते हैं और चढ़ते हैं। नियमों के मुताबिक किसी भी बस अड्डे के अंदर सवारी उतराने और चढ़ाने पर पार्किंग रसीद कटती है। इसीलिए बस को बस अड्डे के अंदर ले जाना भी जरूरी होता है, लेकिन शहर के गांधीपार्क बस अड्डे पर इन दिनों इसके विपरीत खेल चल रहा है। अन्य राज्यों से आने वाली बसों को बस अड्डे की जगह बाहर ही खड़ा करवाया जाता है। इससे सरकारी रसीद नहीं कटवाई जाती और राजस्व को चूना लग जाता है, जबकि इसके लिए बस अड्डा प्रभारी के नाम पर सुरक्षाकर्मी अवैध वसूली करते हैं। प्रत्येक चक्कर पर एक-एक बस से सैकड़ों रुपये लिए जाते हैं।
अभी तक इस तरह का कोई मामला संज्ञान में नहीं आया है। अवैध वसूली की जांच कराएंगे। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे।
- योगेंद्रपाल सिंह, एआरएम बुद्धविहार डिपो
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सुरक्षाकर्मियों को डरा धमकाकर चलता है रैकेट
- अमर उजाला ने अवैध वसूली का मामला देखा तो कई दिनों से इस पर नजर बनाए रखी। सामने आया कि बस स्टैंड के बाहर सड़क को खाली रखने के लिए सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी लगी हुई है। सुरक्षाकर्मी ई-रिक्शा, टेंपो, निजी वाहनों के साथ बसों को खड़ा नहीं होने देते हैं, लेकिन अवैध वसूली वाली बसों को यहीं खड़ा करवाते हैं। दो सुरक्षाकर्मी बसों के चालक या परिचालकों से रुपये लेते भी कैमरे में कैद हुए। इनसे पूछताछ हुई तो जवाब मिला कि आपकी मेहनत बेकार है। इसमें कई लोग मिले हुए हैं। कोई कार्रवाई नहीं होनी है। हमको डरा धमकाकर कहा जाता है कि रुपये नहीं लाए तो अनुपस्थिति दिखा देंगे। मजबूरन हम रुपये लेकर संबंधित लोगों को दे देते हैं, लेकिन इस दौरान सुरक्षाकर्मियों ने अवैध वसूली करवाने वाले का नाम नहीं बताया। एक ने दबी जुबान में बोला कि प्रभारी की देखरेख में सब खेल हो रहा है। उनसे कोई कुछ कहने वाला नहीं है।
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विभिन्न राज्यों की बस अलीगढ़ होते हुए अपने-अपने गंतव्य तक जाती हैं। हरियाणा की बस सैटेलाइट बस अड्डा, राजस्थान की बस मसूदाबाद बस अड्डा और मध्य प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों की बस गांधीपार्क बस अड्डे होकर गुजरती हैं। इन बसों में काफी यात्री अलीगढ़ में उतरते हैं और चढ़ते हैं। नियमों के मुताबिक किसी भी बस अड्डे के अंदर सवारी उतराने और चढ़ाने पर पार्किंग रसीद कटती है। इसीलिए बस को बस अड्डे के अंदर ले जाना भी जरूरी होता है, लेकिन शहर के गांधीपार्क बस अड्डे पर इन दिनों इसके विपरीत खेल चल रहा है। अन्य राज्यों से आने वाली बसों को बस अड्डे की जगह बाहर ही खड़ा करवाया जाता है। इससे सरकारी रसीद नहीं कटवाई जाती और राजस्व को चूना लग जाता है, जबकि इसके लिए बस अड्डा प्रभारी के नाम पर सुरक्षाकर्मी अवैध वसूली करते हैं। प्रत्येक चक्कर पर एक-एक बस से सैकड़ों रुपये लिए जाते हैं।
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अभी तक इस तरह का कोई मामला संज्ञान में नहीं आया है। अवैध वसूली की जांच कराएंगे। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे।
- योगेंद्रपाल सिंह, एआरएम बुद्धविहार डिपो
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सुरक्षाकर्मियों को डरा धमकाकर चलता है रैकेट
- अमर उजाला ने अवैध वसूली का मामला देखा तो कई दिनों से इस पर नजर बनाए रखी। सामने आया कि बस स्टैंड के बाहर सड़क को खाली रखने के लिए सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी लगी हुई है। सुरक्षाकर्मी ई-रिक्शा, टेंपो, निजी वाहनों के साथ बसों को खड़ा नहीं होने देते हैं, लेकिन अवैध वसूली वाली बसों को यहीं खड़ा करवाते हैं। दो सुरक्षाकर्मी बसों के चालक या परिचालकों से रुपये लेते भी कैमरे में कैद हुए। इनसे पूछताछ हुई तो जवाब मिला कि आपकी मेहनत बेकार है। इसमें कई लोग मिले हुए हैं। कोई कार्रवाई नहीं होनी है। हमको डरा धमकाकर कहा जाता है कि रुपये नहीं लाए तो अनुपस्थिति दिखा देंगे। मजबूरन हम रुपये लेकर संबंधित लोगों को दे देते हैं, लेकिन इस दौरान सुरक्षाकर्मियों ने अवैध वसूली करवाने वाले का नाम नहीं बताया। एक ने दबी जुबान में बोला कि प्रभारी की देखरेख में सब खेल हो रहा है। उनसे कोई कुछ कहने वाला नहीं है।
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