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अलीगढ़ : रोडवेज बस न मिलना महिला यात्रियों के लिए बना दुखदायी
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मसूदाबाद बस अड्डे बस में खिड़कियों से घुसते यात्री।
- फोटो : CITY OFFICE
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चुनावी ड्यूटी दे रहीं परिवहन निगम की रोडवेज बसों के चलते रूट पर बसों की संख्या काफी कम हो गई है। जिसका खामियाजा यात्रियों को उठाना पड़ रहा है। गांधीपार्क, मसूदाबाद और सारसौल बस अड्डे पर यात्री घंटों इंतजार करते-करते परेशान हो जाते हैं, लेकिन उन्हें बस नहीं मिलती। जबकि महिला यात्रियों के लिए सफर करना दुखदायी बना हुआ है। आलम यह है कि एक-दो बस अगर आ जाएं तो उसमें चढ़ने के लिए यात्रियों में भगदड़ मच जाती है। कोई खिड़कियों से चढ़ता है तो महिला यात्री धक्कामुक्की के चलते बस में नहीं चढ़तीं। अगर किसी तरह चढ़ जाएं तो खड़े-खड़े ही सफर करना पड़ रहा है।
- दिल्ली जा रहा था। चार घंटे से बस नहीं मिली है। यात्री बहुत हैं। बसों की पूर्ति नहीं हो पा रही है। खिड़कियों से लोग चढ़ते हैं। बस में चढ़ते समय खौफ रहता है। हाथ पैर टूट गए तो क्या होगा।
-प्रेम कुमार, कासगंज
- गुड़गांव बच्चों के पास जा रहे हैं। महिलाएं साथ में हैं। सुबह दस बजे से दोपहर के दो बज गए हैं, लेकिन अभी तक सिर्फ एक बस आई है। महिलाओं के चलते बस में नहीं चढ़ पाए।
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-प्रेमशंकर, हाथरस
- फरीदाबाद जाना है। दो महिलाएं साथ में हैं, लेकिन उन्हें लेकर भीड़ में चढ़ नहीं पा रहा हूं। तीन घंटे से सारसौल बस अड्डे पर खड़ा हूं। बस की आपूर्ति नहीं है।
- दलवीर सिंह, गंगचोली, हाथरस
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- दिल्ली जा रहा था। चार घंटे से बस नहीं मिली है। यात्री बहुत हैं। बसों की पूर्ति नहीं हो पा रही है। खिड़कियों से लोग चढ़ते हैं। बस में चढ़ते समय खौफ रहता है। हाथ पैर टूट गए तो क्या होगा।
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-प्रेम कुमार, कासगंज
- गुड़गांव बच्चों के पास जा रहे हैं। महिलाएं साथ में हैं। सुबह दस बजे से दोपहर के दो बज गए हैं, लेकिन अभी तक सिर्फ एक बस आई है। महिलाओं के चलते बस में नहीं चढ़ पाए।
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-प्रेमशंकर, हाथरस
- फरीदाबाद जाना है। दो महिलाएं साथ में हैं, लेकिन उन्हें लेकर भीड़ में चढ़ नहीं पा रहा हूं। तीन घंटे से सारसौल बस अड्डे पर खड़ा हूं। बस की आपूर्ति नहीं है।
- दलवीर सिंह, गंगचोली, हाथरस