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आईएएस की पत्नी ने राष्ट्रपति से मांगी इच्छा मृत्यु
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गुजरात कैडर के निलंबित आईएएस अधिकारी डॉ. गौरव दहिया की पत्नी डॉ. लीनू सिंह ने उन पर मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु मांगी है। मंगलवार को पत्रकारों से लीनू सिंह ने कहा कि वे पुलिस की ओर से निराश होने के बाद यह कदम उठा रहीं हैं। लीनू अतरौली कस्बे की रहने वाली हैं। पति गौरव दहिया से उनका कई सालों से विवाद चल रहा है।
लीनू सिंह ने बताया कि गौरव से वर्ष-2017 में फेसबुक जरिये उनकी दोस्ती हुई थी। बातचीत के दौरान गौरव ने उनके सामने शादी का प्रस्ताव रख दिया, जिसे नजरअंदाज कर दिया। बाद में गौरव के मनाने पर वे सहमत हो गईं। उन्होंने बताया कि 24 फरवरी 2018 को गौरव तिरुपति आंध्र प्रदेश ले गए, जहां मंदिर में उनकी शादी हो गई। इसी बीच वह गर्भवती हो गईं। गौरव ने बच्चे का लिंग जानने के लिए उन पर दबाव बनाया। कन्या भ्रूण की जानकारी होने पर गौरव के परिजन गर्भपात कराने के लिए दवा पिलाने लगे। इसमें वह नाकाम रहे। 23 नवंबर 2018 को बेटी का जन्म हो गया। इससे गौरव चिढ़ गए। मारने-पीटने व नींद की दवा खिलाने लगे। इससे उनकी तबियत खराब हो गई और दिल्ली के मैक्स साकेत अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। अस्पताल पहुंची पुलिस के समक्ष गौरव ने उनसे झूठा बयान दिलवाया। उन्होंने कहा कि गौरव ने उनका व उनकी बेटी का जीवन नर्क बना दिया है। बेटी को अपना मानने से इंकार कर दिया है। बेटी के डीएनए की जांच के लिए वह तैयार हैं, लेकिन गौरव भाग रहे हैं। लीनू ने कहा कि प्रधानमंत्री का ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ नारा नकारा साबित हो रहा है। इसलिए वह अपनी जिंदगी से तंग आ चुकी हैं। उनके सामने आत्महत्या करने के सिवा अब कोई चारा नहीं बचा है। इसलिए अब उन्होंने राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु मांगी है।
शिकायत पर पति का निलंबन
लीनू ने कहा कि गौरव दहिया के खिलाफ उनके विभाग व महिला आयोग में शिकायत की थी। विभाग ने जांच के उपरांत उन्हें निलंबित कर दिया। गौरव ने उन्हें और उनकी बेटी को जान से मारने की धमकी दी। काफी दौड़भाग के बाद 25 जनवरी 2021 को थाना अतरौली में गौरव, उसके माता-पिता के खिलाफ धारा 376, 377, 406, 323, 328, 313, 504, 506 में मुकदमा दर्ज किया गया। लीनू ने कहा कि तिलक मार्ग दिल्ली व अलीगढ़ पुलिस की कार्य प्रणाली ठीक नहीं रही।
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लीनू सिंह ने बताया कि गौरव से वर्ष-2017 में फेसबुक जरिये उनकी दोस्ती हुई थी। बातचीत के दौरान गौरव ने उनके सामने शादी का प्रस्ताव रख दिया, जिसे नजरअंदाज कर दिया। बाद में गौरव के मनाने पर वे सहमत हो गईं। उन्होंने बताया कि 24 फरवरी 2018 को गौरव तिरुपति आंध्र प्रदेश ले गए, जहां मंदिर में उनकी शादी हो गई। इसी बीच वह गर्भवती हो गईं। गौरव ने बच्चे का लिंग जानने के लिए उन पर दबाव बनाया। कन्या भ्रूण की जानकारी होने पर गौरव के परिजन गर्भपात कराने के लिए दवा पिलाने लगे। इसमें वह नाकाम रहे। 23 नवंबर 2018 को बेटी का जन्म हो गया। इससे गौरव चिढ़ गए। मारने-पीटने व नींद की दवा खिलाने लगे। इससे उनकी तबियत खराब हो गई और दिल्ली के मैक्स साकेत अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। अस्पताल पहुंची पुलिस के समक्ष गौरव ने उनसे झूठा बयान दिलवाया। उन्होंने कहा कि गौरव ने उनका व उनकी बेटी का जीवन नर्क बना दिया है। बेटी को अपना मानने से इंकार कर दिया है। बेटी के डीएनए की जांच के लिए वह तैयार हैं, लेकिन गौरव भाग रहे हैं। लीनू ने कहा कि प्रधानमंत्री का ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ नारा नकारा साबित हो रहा है। इसलिए वह अपनी जिंदगी से तंग आ चुकी हैं। उनके सामने आत्महत्या करने के सिवा अब कोई चारा नहीं बचा है। इसलिए अब उन्होंने राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु मांगी है।
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शिकायत पर पति का निलंबन
लीनू ने कहा कि गौरव दहिया के खिलाफ उनके विभाग व महिला आयोग में शिकायत की थी। विभाग ने जांच के उपरांत उन्हें निलंबित कर दिया। गौरव ने उन्हें और उनकी बेटी को जान से मारने की धमकी दी। काफी दौड़भाग के बाद 25 जनवरी 2021 को थाना अतरौली में गौरव, उसके माता-पिता के खिलाफ धारा 376, 377, 406, 323, 328, 313, 504, 506 में मुकदमा दर्ज किया गया। लीनू ने कहा कि तिलक मार्ग दिल्ली व अलीगढ़ पुलिस की कार्य प्रणाली ठीक नहीं रही।
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