नुमाइश के कोहिनूर मंच पर मंगलवार को नॉस्टैल्जिक बैंड की धुन और नए-पुराने तराने पर दर्शक झूम उठे। बैंड के सात कलाकारों ने अलग-अलग वाद्य यंत्रों पर प्रस्तुतियां दीं। एक से बढ़कर एक गाने लगातार सुनाकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
कोहिनूर मंच पर देर रात 9:30 बजे शुरू हुए कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह, सीडीओ अनुनय झा, एडीएम सिटी राकेश मालपाणी, सिटी मजिस्ट्रेट विनीत कुमार सिंह ने किया। इसके बाद झिलमिल रंगबिरंगी रोशनी के बीच बैंड के कलाकार प्रसाद मयेकर, नितिन शिंदे, निहार शेमबेकर, मंदार पारखी, संचिता गार्गी, संचित महात्रे, मनोज एस बेजदास ने अपने-अपने वाद्य यंत्रों पर हाथ संभाला और अपनी सुरीली आवाज में सुन ले पुकार मुलैया..., मैं परेशां-परेशां..., जिया रे जिया रे..., ये शाम मस्तानी मदहोश किए जाए..., एक ऐसे गगन के तले..., है अपना दिल तो आवारा..., जाने कहां किधर गया जी..., प्यार दीवाना होता है मस्ताना होता है..., जैसे गीत गाकर महफिल को सुरमयी कर दिया। दर्शकों ने कलाकारों के संग गीत गुनगुनाए। इसके साथ ही जमकर डांस भी किया। देर रात करीब 11:30 बजे तक कार्यक्रम चला।