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जिपं सदस्य पाली और उसकी प्रेमिका को 4 साल की सजा, जुर्माना
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दो साल पुराने बहुचर्चित प्र्रकरण में इगलास क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य रविंद्र सिंह उर्फ पाली व उसकी प्रेमिका को अदालत ने दोषी करार देते हुए चार-चार साल की सजा सुनाई है। साथ में दोनों पर 26-26 हजार रुपये का जुर्माना भी नियत किया है। यह फैसला न्यायाधीश मनोज कुमार सिद्धू ने सुनाया। अदालत का फैसला आने के बाद अब पाली के जिला पंचायत सदस्य पद पर खतरा मंडरा गया है।
अभियोजन पक्ष के जिला शासकीय अधिवक्ता रामकुमार के अनुसार वादी मुकदमा ने यह मुकदमा क्वार्सी में दर्ज कराया कि घटना 23/24 जुलाई 2018 की है। जब वह स्वर्ण जयंती सहार रेजीडेंसी स्थित अपने घर से कहीं बाहर जाने की कहकर निकला था। इसी रात करीब 11:50 बजे उनकी सोसाइटी के गार्ड ने घर कोई व्यक्ति आने की सूचना दी। इस पर जब वह वापस घर पहुंचा तो देखा कि उनकी पत्नी संग एक व्यक्ति नग्न अवस्था में लेटा था। यह देख वह पत्नी पर चिल्लाया तो उन दोनों ने यह कहते हुए उस पर हमला किया कि आज सही मौका है, इसे निपटा दो। इस पर उस व्यक्ति ने तमंचे से उस पर फायर झोंका। इस हमले में वह बाल-बाल बच गया।
फायरिंग व शोरशराबे पर लोग आ गए, तब यह व्यक्ति को पकड़ा गया। जिसकी पहचान जिला पंचायत सदस्य रविंद्र सिंह उर्फ पाली के रूप में हुई। बाद में पत्नी, पाली को तमंचे, कारतूस व खोखा सहित पुलिस के हवाले कर एकराय होकर हमला आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया। इस मामले में सत्र परीक्षण के दौरान अदालत ने दोनों को दोषी करार देते हुए चार-चार साल कैद व 26-26 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। इसमें से 15 हजार रुपये पीड़ित पति को देने का आदेश दिया है।
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किसी भी जिला पंचायत सदस्य को अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के साथ ही वह पदमुक्त हो जाता है। इस मामले में अब शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। शासन के निर्देश पर रिक्त पद पर चयन आदि की प्रक्रिया होगी।
-अली वारिस, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत
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अभियोजन पक्ष के जिला शासकीय अधिवक्ता रामकुमार के अनुसार वादी मुकदमा ने यह मुकदमा क्वार्सी में दर्ज कराया कि घटना 23/24 जुलाई 2018 की है। जब वह स्वर्ण जयंती सहार रेजीडेंसी स्थित अपने घर से कहीं बाहर जाने की कहकर निकला था। इसी रात करीब 11:50 बजे उनकी सोसाइटी के गार्ड ने घर कोई व्यक्ति आने की सूचना दी। इस पर जब वह वापस घर पहुंचा तो देखा कि उनकी पत्नी संग एक व्यक्ति नग्न अवस्था में लेटा था। यह देख वह पत्नी पर चिल्लाया तो उन दोनों ने यह कहते हुए उस पर हमला किया कि आज सही मौका है, इसे निपटा दो। इस पर उस व्यक्ति ने तमंचे से उस पर फायर झोंका। इस हमले में वह बाल-बाल बच गया।
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फायरिंग व शोरशराबे पर लोग आ गए, तब यह व्यक्ति को पकड़ा गया। जिसकी पहचान जिला पंचायत सदस्य रविंद्र सिंह उर्फ पाली के रूप में हुई। बाद में पत्नी, पाली को तमंचे, कारतूस व खोखा सहित पुलिस के हवाले कर एकराय होकर हमला आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया। इस मामले में सत्र परीक्षण के दौरान अदालत ने दोनों को दोषी करार देते हुए चार-चार साल कैद व 26-26 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। इसमें से 15 हजार रुपये पीड़ित पति को देने का आदेश दिया है।
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किसी भी जिला पंचायत सदस्य को अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के साथ ही वह पदमुक्त हो जाता है। इस मामले में अब शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। शासन के निर्देश पर रिक्त पद पर चयन आदि की प्रक्रिया होगी।
-अली वारिस, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत