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अलीगढ़ः एएमयू बवाल में घायल छात्रों को डेढ़ साल बाद मुआवजा मंजूर
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में सीएए-एनआरसी के विरोधी उपद्रव में घायल छात्रों के मुआवजा निर्धारण पर मंजूरी हो गई है। हाईकोर्ट के निर्देश पर डेढ़ साल बाद जिला प्रशासन की पांच सदस्यीय कमेटी ने यह मंजूरी दी है। जिसमें दो छात्रों को 25-25 हजार व चार छात्रों को 10-10 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। मंजूरी मिलते ही पुलिस ने घायल छात्रों से खातों का ब्यौरा मांगा गया है। ताकि मुआवजा राशि उनके खातों में भेजी जा सके।
14 दिसंबर 2019 को एएमयू में सीएए-एनआरसी के विरोध में हुए बवाल व झड़प के बाद मामला मानवाधिकार आयोग गया था। इसके बाद छात्र गुट हाईकोर्ट भी गए थे। हाईकोर्ट ने मानवाधिकार आयोग की संस्तुतियों का पालन करने का निर्देश शासन को दिया। जिसमें छह घायल छात्रों को मुआवजा दिए जाने की सिफारिश थी। इस मामले में छात्रों की कोआर्डिनेशन कमेटी की ओर से पैरवी की गई थी थी। उसी क्रम में बवाल की जांच मानवाधिकार आयोग ने की और मानवाधिकार आयोग की जांच रिपोर्ट पर हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया था, जिसमें छह छात्रों को मानवीय आधार पर मुआवजा देने को कहा गया। इसके निर्धारण के लिए जिला स्तर पर पांच सदस्यीय कमेटी बनाई गई थी। कमेटी ने मुआवजा निर्धारण कर दिया है। अब थाना सिविल लाइंस पुलिस की ओर से घायल छात्रों से संपर्क कर एकाउंट नंबर मांगे गए हैं।
जिन छात्रों को मुआवजा तय हुआ है उनमें मोहम्मद तारिक पुत्र इशरत अली को गंभीर श्रेणी में 25 हजार, नसीर पुत्र चमन को 25 हजार, तबरेज खान पुत्र हकीम, मोहम्मद तंजीम पुत्र शमीम, अंसारी पुत्र अहमद रजा व नदीम पुत्र नसीम को सामान्य श्रेणी में 10 हजार रुपये का मुआवजा मिलना तय हुआ है। जिला पुलिस के मानवाधिकार आयोग के नोडल अधिकारी एसपी देहात शुभम पटेल ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि घायल छात्रों को मुआवजा स्वीकृत हो गया है। थाना सिविल लाइंस इंस्पेक्टर को सूचना भेज दी है। थाना पुलिस छात्रों से एकाउंट्स संबंधी ब्यौरा जुटा रही है।
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14 दिसंबर 2019 को एएमयू में सीएए-एनआरसी के विरोध में हुए बवाल व झड़प के बाद मामला मानवाधिकार आयोग गया था। इसके बाद छात्र गुट हाईकोर्ट भी गए थे। हाईकोर्ट ने मानवाधिकार आयोग की संस्तुतियों का पालन करने का निर्देश शासन को दिया। जिसमें छह घायल छात्रों को मुआवजा दिए जाने की सिफारिश थी। इस मामले में छात्रों की कोआर्डिनेशन कमेटी की ओर से पैरवी की गई थी थी। उसी क्रम में बवाल की जांच मानवाधिकार आयोग ने की और मानवाधिकार आयोग की जांच रिपोर्ट पर हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया था, जिसमें छह छात्रों को मानवीय आधार पर मुआवजा देने को कहा गया। इसके निर्धारण के लिए जिला स्तर पर पांच सदस्यीय कमेटी बनाई गई थी। कमेटी ने मुआवजा निर्धारण कर दिया है। अब थाना सिविल लाइंस पुलिस की ओर से घायल छात्रों से संपर्क कर एकाउंट नंबर मांगे गए हैं।
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जिन छात्रों को मुआवजा तय हुआ है उनमें मोहम्मद तारिक पुत्र इशरत अली को गंभीर श्रेणी में 25 हजार, नसीर पुत्र चमन को 25 हजार, तबरेज खान पुत्र हकीम, मोहम्मद तंजीम पुत्र शमीम, अंसारी पुत्र अहमद रजा व नदीम पुत्र नसीम को सामान्य श्रेणी में 10 हजार रुपये का मुआवजा मिलना तय हुआ है। जिला पुलिस के मानवाधिकार आयोग के नोडल अधिकारी एसपी देहात शुभम पटेल ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि घायल छात्रों को मुआवजा स्वीकृत हो गया है। थाना सिविल लाइंस इंस्पेक्टर को सूचना भेज दी है। थाना पुलिस छात्रों से एकाउंट्स संबंधी ब्यौरा जुटा रही है।
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