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कानूनी शिकंजे में फंस सकते हैं एएमयू छात्र नेता
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डेढ़ महीना से अधिक समय तक जेल में रहने के बाद रिहा हुए एएमयू छात्र संघ के निवर्तमान उपाध्यक्ष हमजा सुफयान एवं सचिव हुजैफा आमिर फिर कानूनी शिकंजे में फंस सकते है। धारा 144 का उल्लंघन के साथ ही कैंपस में बाहरी युवकों के साथ पहुंचकर माहौल खराब करने का आरोप लग सकता है। प्रॉक्टोरियल टीम छात्र नेताओं के साथ मौजूद लोगों की पहचान करने में जुटी है।
रिहाई के बाद हमजा सुफयान एवं हुजैफा आमिर छात्रों के साथ जुलूस की शक्ल में चुंगी गेट होकर कैंपस में प्रवेश किए। मौलाना आजाद लाइब्रेरी के स्टडी रूम में जाकर छात्रों को गोलबंद करने का प्रयास किया। दोनो छात्र नेताओं को विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा पांच साल के लिए निष्कासित कर कैंपस प्रवेश पर रोक लगा दिया गया है। शनिवार को कैंपस प्रवेश के दौरान प्रॉक्टोरियल टीम से छात्र नेताओं की नोकझोंक भी हुई। छात्र नेताओं के साथ मौजूद युवकों की भी पहचान की जा रही है।
चर्चा यह भी है कि छात्र नेताओं के साथ जमालपुर एवं जीवनगढ़ के कुछ युवक भी थे। प्रॉक्टर प्रो. अफिफुल्लाह खान का कहना है कि छात्र नेताओं की प्रॉक्टोरियल टीम के साथ नोकझोंक हुई। छात्र नेताओं के कैंपस प्रवेश पर रोक है। उन्होंने कहा कि सभी पहलुओं का अध्ययन किया जा रहा है। वह अपनी रिपोर्ट वि.वि के शीर्ष अधिकारियों के पास भेजेंगे। उसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा। निवर्तमान उपाध्यक्ष हमजा सुफयान का कहना है कि धारा 144 लगी है या नहीं, इसकी सूचना पुलिस प्रशासन को नागरिकों को देना चाहिए। सूचना होने के बाद ही नागरिक उसका पालन करेगा। जब युवक उन्हें लेने पहुंचे तो पुलिस वालों ने क्या नहीं बताया कि धारा 144 लगी हुई है।
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पुलिस महानिदेशक भी पहुंचे थे स्टडी रूम में
19 सितंबर 2019 को उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह मौलाना आजाद लाइब्रेरी के स्टडी रूम में गए थे और छात्र-छात्राओं से बातचीत की थी। जेल से रिहा होने के बाद निवर्तमान उपाध्यक्ष हमजा सुफयान एवं हुजैफा आमिर भी स्टडी रूम में गए और छात्रों से बातचीत की। छात्र नेताओं ने वहां पर निलंबित स्कूली छात्रों का मुद्दा उठाकर गोलबंद करने का प्रयास किया।
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रिहाई के बाद हमजा सुफयान एवं हुजैफा आमिर छात्रों के साथ जुलूस की शक्ल में चुंगी गेट होकर कैंपस में प्रवेश किए। मौलाना आजाद लाइब्रेरी के स्टडी रूम में जाकर छात्रों को गोलबंद करने का प्रयास किया। दोनो छात्र नेताओं को विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा पांच साल के लिए निष्कासित कर कैंपस प्रवेश पर रोक लगा दिया गया है। शनिवार को कैंपस प्रवेश के दौरान प्रॉक्टोरियल टीम से छात्र नेताओं की नोकझोंक भी हुई। छात्र नेताओं के साथ मौजूद युवकों की भी पहचान की जा रही है।
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चर्चा यह भी है कि छात्र नेताओं के साथ जमालपुर एवं जीवनगढ़ के कुछ युवक भी थे। प्रॉक्टर प्रो. अफिफुल्लाह खान का कहना है कि छात्र नेताओं की प्रॉक्टोरियल टीम के साथ नोकझोंक हुई। छात्र नेताओं के कैंपस प्रवेश पर रोक है। उन्होंने कहा कि सभी पहलुओं का अध्ययन किया जा रहा है। वह अपनी रिपोर्ट वि.वि के शीर्ष अधिकारियों के पास भेजेंगे। उसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा। निवर्तमान उपाध्यक्ष हमजा सुफयान का कहना है कि धारा 144 लगी है या नहीं, इसकी सूचना पुलिस प्रशासन को नागरिकों को देना चाहिए। सूचना होने के बाद ही नागरिक उसका पालन करेगा। जब युवक उन्हें लेने पहुंचे तो पुलिस वालों ने क्या नहीं बताया कि धारा 144 लगी हुई है।
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पुलिस महानिदेशक भी पहुंचे थे स्टडी रूम में
19 सितंबर 2019 को उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह मौलाना आजाद लाइब्रेरी के स्टडी रूम में गए थे और छात्र-छात्राओं से बातचीत की थी। जेल से रिहा होने के बाद निवर्तमान उपाध्यक्ष हमजा सुफयान एवं हुजैफा आमिर भी स्टडी रूम में गए और छात्रों से बातचीत की। छात्र नेताओं ने वहां पर निलंबित स्कूली छात्रों का मुद्दा उठाकर गोलबंद करने का प्रयास किया।