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एएमयूः अर्थशास्त्र में पहली छात्रा ने लिया था दाखिला
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एएमयू के महिला अध्यन केन्द्र में साप्ताहिक कार्यक्रम में भाग लेते छात्र-छात्राएं।
- फोटो : CITY OFFICE
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी एएमयू के महिला अध्ययन केंद्र में नए विद्यार्थियों के लिए इंडक्शन प्रोग्राम का आयोजन किया गया, जिसमें उन्हें विश्वविद्यालय व विभाग के कार्य-संस्कृति के बारे में जानकारी दी गई।
दो से सात सितंबर तक चले इस कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. फरहत हसन ने महिला सशक्तिकरण करण के बारे में बताया। साथ ही उन्होंने लिंग जाति व रंग के बीच रिश्ते को भी उजागर किया। केंद्र की पूर्व निदेशक प्रो. शीरीन मूसवी ने केंद्र के इतिहास पर प्रकाश डाला। प्रख्यात इतिहासकार प्रो. इरफान हबीब ने अलीगढ़ के शुरुआती दिनों में महिलाओं के शिक्षा के क्षेत्र में दखल व पहल की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इसी यूनिवर्सिटी के अर्थशास्त्र विषय में एमए में पहली छात्रा का ही दाखिला हुआ था।
आजादी के बाद एएमयू में पहली शिक्षिका का चयन हुआ। विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए। प्रो. जकिया सिद्दीकी ने केंद्र की स्थापना के संघर्ष के बारे में बताया। विद्यार्थियों को वीमेंस स्टडीज व जेंडर स्टडीज से जुड़ी संभावनाओं को जानकारी दी गई। मुख्य अतिथि डॉ. हमीदा तारिक ने महिला अध्ययन की विशेषता विद्यार्थियों को निजी व प्रोफेशनल जीवन में समझाई। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. शिवांगी टंडन व डॉ. शाह आलम ने केंद्र की निदेशक प्रो. अजरा के सहयोग से कार्यक्रम को सफल बनाया।
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दो से सात सितंबर तक चले इस कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. फरहत हसन ने महिला सशक्तिकरण करण के बारे में बताया। साथ ही उन्होंने लिंग जाति व रंग के बीच रिश्ते को भी उजागर किया। केंद्र की पूर्व निदेशक प्रो. शीरीन मूसवी ने केंद्र के इतिहास पर प्रकाश डाला। प्रख्यात इतिहासकार प्रो. इरफान हबीब ने अलीगढ़ के शुरुआती दिनों में महिलाओं के शिक्षा के क्षेत्र में दखल व पहल की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इसी यूनिवर्सिटी के अर्थशास्त्र विषय में एमए में पहली छात्रा का ही दाखिला हुआ था।
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आजादी के बाद एएमयू में पहली शिक्षिका का चयन हुआ। विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए। प्रो. जकिया सिद्दीकी ने केंद्र की स्थापना के संघर्ष के बारे में बताया। विद्यार्थियों को वीमेंस स्टडीज व जेंडर स्टडीज से जुड़ी संभावनाओं को जानकारी दी गई। मुख्य अतिथि डॉ. हमीदा तारिक ने महिला अध्ययन की विशेषता विद्यार्थियों को निजी व प्रोफेशनल जीवन में समझाई। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. शिवांगी टंडन व डॉ. शाह आलम ने केंद्र की निदेशक प्रो. अजरा के सहयोग से कार्यक्रम को सफल बनाया।
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