{"_id":"5d531df88ebc3e6ce04cb811","slug":"aligarh-muslim-university-aligarh-news-ali210920274","type":"story","status":"publish","title_hn":"एएमयू में परेशान कश्मीरी छात्रों की मदद कर रहे शिक्षक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एएमयू में परेशान कश्मीरी छात्रों की मदद कर रहे शिक्षक
विज्ञापन
AMU
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अनुच्छेद 370 एवं 35ए खत्म होने के बाद जम्मू कश्मीर में लगे कर्फ्यू से अलीगढ़ में पढ़ने वाले कश्मीरी छात्र परेशान हैं। वह अपने परिजनों से बातचीत कर आशंकाएं दूर करना चाहते हैं। जिन छात्रों के पास पैसे खत्म हो गए हैं, उनकी मदद कश्मीर के शिक्षक एवं छात्र आपस में कर रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन भी इसका खास ख्याल रख रहा है कि पैसे के अभाव में किसी छात्र को कोई परेशानी न हो।
विज्ञापन
कश्मीर में संचार सेवाएं बाधित होने से छात्र अपने परिजनों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। कर्फ्यू एवं वहां के हालात के कारण ईद में करीब 250 से 300 छात्र अपने घर भी नहीं जा सके। मौजूदा हालात के कारण जिन छात्रों के पास पैसे नहीं हैं, उनकी मदद कश्मीर के शिक्षक एवं छात्र कर रहे हैं। विश्वविद्यालय के अधिकारी भी हर तरह की मदद के लिए समन्वय स्थापित कर रहे हैं। सभी हॉलों के प्रवोस्ट को इसका विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। प्रॉक्टोरियल टीम भी ऐसी समस्यायों पर नजर रख रही है।
विज्ञापन
कश्मीर के छात्र जुबैर अलताफ ने बताया कि कश्मीर के छात्र-शिक्षक मदद कर रहे हैं। दूसरे शिक्षक भी मदद कर रहे हैं। हमलोगों को परिजनों से बातचीत कराने का इंतजाम किया जाना चाहिए। हम परिजनों को लेकर बेहद चिंतित हैं। वहां की कोई सूचना नहीं मिल पा रही है। एएमयू प्रवक्ता प्रो. शाफे किदवई ने बताया कि इस बात का पूरा ख्याल रखा जा रहा है कि कश्मीर के छात्रों को कोई परेशानी नहीं हो।
विज्ञापन
अब दावत को लेकर उठ रहे तरह-तरह के सवाल
ईद एवं बकरीद के अवसर पर एएमयू वीसी छात्र, शिक्षक एवं कर्मचारियों से मिलते हैं। इस दौरान खाने-पीने का भी इंतजाम रहता है। यह परंपरा एएमयू में वर्षों से चली आ रही है। ऐसे में संपर्क अधिकारी द्वारा कश्मीर के छात्रों के लिए अलग से दावत देने के लिए निर्णय पर कैंपस में सवाल उठने लगे हैं। दावत के लिए जम्मू कश्मीर के राज्यपाल द्वारा एक लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे।
वीसी लॉज में ईद के दिन संपर्क अधिकारी संजय पंडिता भी पहुंचे थे। वीसी लॉज में मौजूद कई अधिकारी दबी जुबान इसकी चर्चा कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि कश्मीर के छात्रों ने गेस्ट हाउस नंबर 1 में आयोजित दावत का बहिष्कार कर दिया था, जिसके कारण उसे अंतिम समय में रद्द करना पड़ा था।