फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Aligarh muslim universit, high court

एएमयू बवाल के फुटेज की सीडी हाईकोर्ट में पेश

Fri, 03 Jan 2020 12:24 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jan 2020 12:24 AM IST
विज्ञापन
Aligarh muslim universit, high court
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में छात्र आंदोलन में पुलिस उत्पीड़न को लेकर दाखिल जनहित याचिकाओं पर अब सात जनवरी को सुनवाई होगी। बृहस्पतिवार को राज्य सरकार की तरफ से इस मामले में हलफनामा दाखिल कर कोर्ट को बताया गया कि छात्रों ने स्वयं ही विश्वविद्यालय का गेट तोड़ा था और परिसर में पुलिस विश्वविद्यालय प्रशासन के बुलाने पर गई थी। परिसर में पुलिस ने कोई फायरिंग नहीं की और न ही आवश्यकता से अधिक बल का प्रयोग किया। सरकार की तरफ से घटना के समय की सीसीटीवी फुटेज भी सीडी के माध्यम से कोर्ट में दाखिल की गई।
विज्ञापन

याचिका की सुनवाई कर रही इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति विवेक वर्मा की खंडपीठ ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अगली सुनवाई के लिए सात जनवरी की तिथि नियत की है। इस दिन निर्णय सुनाए जाने की उम्मीद है। याची मोहम्मद अमन खान ने पुलिस उत्पीड़न की जांच हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराने की मांग की है। राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने बताया कि विश्वविद्यालय के छात्रों को उनके घरों तक सुरक्षित पहुंचने का इंतजाम किया गया। यहां तक कि कश्मीर से आने वाले छात्रों को बसों और ट्रेनों के जरिए उनके घरों तक सुरक्षित पहुंचाया गया। किसी भी छात्र के लापता होने की कोई सूचना नहीं है।
विज्ञापन

पुलिस विश्वविद्यालय प्रशासन के बुलाने पर परिसर में गई थी। उग्र छात्रों ने पुलिस पर पथराव कर तोड़फोड़ की थी। उन्होंने ही विश्वविद्यालय का मुख्य गेट तोड़ दिया था। पुलिस ने न्यूनतम बल का प्रयोग करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन के सहयोग से परिसर को खाली कराया। इस आंदोलन में पथराव करने वाले गिरफ्तार 26 लोगों में से केवल 12 ही छात्र पाए गए हैं। शेष बाहरी तत्व हैं, जिन्होंने छात्र आंदोलन को हिंसक रूप देने में मदद की। इसी के साथ संबद्ध एक अन्य याचिका में घटना की जांच रिटायर्ड पुलिस अधिकारी से कराने की मांग की गई है। तीन अधिकारियोें के नाम भी सुझाए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

बता दें कि इस याचिका की सुनवाई को लेकर जवाब दाखिल करने के लिए पुलिस प्रशासनिक स्तर से कई दिन से तैयारी की जा रही थी। सीओ अतरौली पंकज श्रीवास्तव के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम यहां से हलफनामा दाखिल करने वहां गई थी। अधिवक्ता के माध्यम से पुलिस का हलफनामा दाखिल कराया और अब तक की सभी कार्यवाही के साक्ष्य भी पेश किए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed