Aligarh Nagar Nigam: बिना ड्राइवरों के ही सौंप दिए शहर को 19 करोड़ से खरीदे 221 वाहन, कब-कौन चलाएगा तय नहीं
अलीगढ़ नगर निगम ने 19 करोड़ में 221 वाहन शहर को दिए। इन वाहनों को चलाने के लिए ड्राइवर भी नहीं है। यह वाहन निजी कंपनियों को दिए जाएंगे। इन पर ड्राइवर कब नियुक्त होंगे और कब चलेंगे, यह तय नहीं है।
विस्तार
तीन दिन पहले नगर निगम ने शहर की सफाई और पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जिन 221 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था उनके लिए अभी ड्राइवर ही नहीं हैं। ऐसे में 19 करोड़ रुपये से खरीदे गए यह वाहन जिस मकसद से शहर को सौंपे गए थे वह मकसद अभी पूरा होता दिखाई नहीं दे रहा है।
दो दिन पहले नगर निगम की ओर से शहर को 221 वाहन दिए गए। दावा किया गया कि यह शहर की सड़कों से कूड़ा हटाने में मदद करेंगे । साथ ही तंग गलियों में पेयजल टैंकर भी आसानी से पहुंच सकेंगे। तीन दिन पहले कल्याण सिंह हैबीटेट सेंटर में हुए कार्यक्रम में महापौर प्रशांत सिंघल ने वाहनों को झंडी दिखाकर रवाना किया गया था। इसका संकेत यह था कि अब यह वाहन अपनी सेवा देने के लिए रवाना कर दिए गए हैं।
परिवहन विभाग में जब बसें अनुबंध पर चलती हैं तो बसें रोडवेज खरीद कर नहीं देता। नगर निगम में उल्टी गंगा बह रही है। सदन में जांच की मांग होगी। - कुलदीप पांडेय, सभासद
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नगर निगम में पारदर्शिता समाप्त हो गई है। पार्षदों के संज्ञान में कुछ नहीं दिया जाता। यह पहला मामला नहीं है जब खरीद में मनमानी की गई है। - पुष्पेंद्र सिंह जादौन, सभासद
221 वाहनों को खरीद कर सुखमा और अर्बन कंपनी को दिया जाएगा। कितने वाहन किस कंपनी को दिए जाएंगे यह अभी तय नहीं है। साथ ही इन पर ड्राइवर कब नियुक्त होंगे, यह भी तय नहीं है। - एसएच जैदी, वर्कशॉप प्रभारी, नगर निगम
यह थे वाहन
- 40 सीएनजी फोर व्हीलर छोटे कचरा टिपर- 3.95 करोड़
- 130 इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर छोटे कचरा टिपर - 7.13 करोड़
- 10 सीएनजी खुले डंपर - 1 करोड़
- 8 खुले हाइवा डंपर टिपर ट्रक - 3.77 करोड़
- 1 रोड स्वीपिंग मशीन - 70 लाख रुपये
- 20 खुले डंपर - 2 करोड़ रुपये
- 2 स्काई लिफ्ट (स्ट्रीट लाइटों के लिए) 41.19 लाख रुपये
निजी कंपनियों को दिए जाएंगे वाहन
नगर निगम द्वारा 19 करोड़ रुपये से खरीदे गए ये वाहन सुखमा और अर्बन कंपनी को दिए जाएंगे। इसको लेकर भी नगर सफाई मजदूर संघ में रोष है। संगठन के अध्यक्ष प्रदीप भंडारी कहते हैं कि जब वाहन निजी कंपनियों को ही ऑपरेट करने हैं तो वाहन खरीद पर पैसा भी कंपनियों का खर्च होना था। पैसा नगर निगम खर्च कर रहा है और वाहनों का संचालन निजी कंपनियां करेंगी। यह बेहद गंभीर मामला है। इसकी जांच होनी चाहिए।